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धोखाधड़ी करके तैयार कराया फर्जी किरायानामा, पीड़िता का 15 लाख का चेक हड़पने का आरोप

Mon, 08 Apr 2019 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2019 01:18 AM IST
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धोखाधड़ी करके तैयार कराया फर्जी किरायानामा, पीड़िता का 15 लाख का चेक हड़पने का आरोप
धोखाधड़ी करके तैयार कराया फर्जी किरायानामा
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हिसार। पुलिस ने महिला की शिकायत पर जवाहर नगर निवासी विरेंद्र तनेजा के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज किया है। मूल रूप से भिवानी और हालिया राजगुरु मार्केट ग्रीन प्लाजा निवासी रविना वर्मा ने इस संबंध में एसपी को शिकायत दी है। शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसपी को दी शिकायत में रविना वर्मा ने बताया कि राजगुरु मार्केट के द्वितीय तल पर एससीओ नंबर-100 को उसने जवाहर नगर निवासी विरेंद्र तनेजा से किराए पर लिया हुआ है। इसका एक किरायानामा तहसील में 26 मई 2014 को रजिस्टर्ड है। यह तीन साल के लिए था और उसके बाद से रविना इस दुकान पर बतौर वैधानिक किराएदार के रूप में रह रही है। रविना ने शिकायत में कहा कि विरेंद्र तनेजा ने उसके पिता के मित्र त्रिलोक सोनी के जरिए उक्त दुकान मुझे बेचने के लिए संपर्क किया। इस पर पीड़िता ने इस दुकान की कीमत 30 लाख रुपये लगाई और 15 लाख रुपये का चेक त्रिलोक सोनी को दे दिया। कई दिनों तक विरेंद्र की ओर से कोई जवाब नहीं मिला तो त्रिलोक सोनी से पूछा गया। उसने कहा कि विरेंद्र ने 30 लाख रुपये में बेचने से मना कर दिया है और चेक के बारे में कहा है कि घर पर रखकर भूल गया है, जैसे ही मिलेगा, लौटा देगा। उसने कहा कि मार्च 2018 में उसे एक लीगल नोटिस मिला, जिसमें बताया गया है कि 15 लाख रुपये का चेक उसका किराया है। इसके बाद त्रिलोक सोनी को साथ लेकर एक पंचायत की तो विरेंद्र तनेजा ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि अदालत से केस वापस ले लेगा और चेक अदालत की फाइल में है, केस वापसी लेने पर लौटा देगा। उसने कहा कि अब उसके पास एक पुलिस मुलाजिम उपरोक्त चेक को लेकर वारंट लेकर आया।
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किरायानामा पर नहीं हैं मेरे हस्ताक्षर : रविना
पीड़िता ने आरोप लगाया कि विरेंद्र ने उस चेक को लेकर फर्जी किरायानामा तैयार कराया, जिस पर उसके हस्ताक्षर भी नहीं हैं और न ही तारीख है। उसने आरोप लगाया कि विरेंद्र तनेजा ने 15 लाख रुपये का चेक फ्रॉड करते हुए झूठ बोलकर चेक अपने पास रखा और एक फर्जी किरायानामा बनवाकर उसकी बिनाह पर उसके खिलाफ झूठा 138 एनआई एक्ट का केस दायर कर दिया। जांचकर्ता एएसआई नसीब खान के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
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