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लाडवा में गंदा पानी न निकलने देने से आहत युवक ने लगाई फांसी, तीन भाइयों पर केस दर्ज
Updated Thu, 12 Apr 2018 01:56 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
लाडवा गांव में गंदा पानी न निकलने देने से आहत होकर ईश्वर रोहिल्ला (33) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सदर थाना पुलिस ने पड़ोस के तीन भाइयों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
लाडवा के प्रेम ने बताया कि उसका चाचा ईश्वर शादीशुदा था और उनकी एक बेटी है। वह मजदूरी करता था। प्रेम ने बताया कि उसके चाचा का गंदे पानी की निकासी को लेकर पड़ोस के तीन भाइयों बलजीत, भीम और कर्मबीर के साथ विवाद चल रहा है। उसके चाचा ने तीनों के खिलाफ सन 2008 में पुलिस को शिकायत दी थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। बीच-बीच में दोनों पक्षों में तकरार होती रहती थी। उसने बताया कि सोमवार को बलजीत, भीम और कर्मबीर ने नाली पर मिट्टी डाल दी जिससे गंदे पानी की निकासी नहीं हुई और पानी वहां इकट्ठा हो गया। ईश्वर की दूसरे पक्ष के साथ बहस हुई। ईश्वर एक बार कस्सी लेकर मिट्टी हटाने चला था। लेकिन गांव के प्रमुख लोगों ने समाधान कराने का आश्वासन देकर उसे रोक दिया था। वह वहां से अंदर आ गया और मेन गेट बंद कर कमरे में जाकर फंदा लगा लिया। पत्नी दर्शना वहां पहुंची तो उसने पति को फंदे में झूलता देखकर शोर मचाया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे फंदे से उतारा, तब उसकी तबीयत खराब हो चुुकी थी। उसे एक अस्पताल में दाखिल कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया। शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में किया गया। सदर थाना के एसआई सुरेश अहलावत ने बताया कि इस मामले में तीन भाइयों बलजीत, भीम और कर्मबीर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
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हिसार।
लाडवा गांव में गंदा पानी न निकलने देने से आहत होकर ईश्वर रोहिल्ला (33) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सदर थाना पुलिस ने पड़ोस के तीन भाइयों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
लाडवा के प्रेम ने बताया कि उसका चाचा ईश्वर शादीशुदा था और उनकी एक बेटी है। वह मजदूरी करता था। प्रेम ने बताया कि उसके चाचा का गंदे पानी की निकासी को लेकर पड़ोस के तीन भाइयों बलजीत, भीम और कर्मबीर के साथ विवाद चल रहा है। उसके चाचा ने तीनों के खिलाफ सन 2008 में पुलिस को शिकायत दी थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। बीच-बीच में दोनों पक्षों में तकरार होती रहती थी। उसने बताया कि सोमवार को बलजीत, भीम और कर्मबीर ने नाली पर मिट्टी डाल दी जिससे गंदे पानी की निकासी नहीं हुई और पानी वहां इकट्ठा हो गया। ईश्वर की दूसरे पक्ष के साथ बहस हुई। ईश्वर एक बार कस्सी लेकर मिट्टी हटाने चला था। लेकिन गांव के प्रमुख लोगों ने समाधान कराने का आश्वासन देकर उसे रोक दिया था। वह वहां से अंदर आ गया और मेन गेट बंद कर कमरे में जाकर फंदा लगा लिया। पत्नी दर्शना वहां पहुंची तो उसने पति को फंदे में झूलता देखकर शोर मचाया। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे फंदे से उतारा, तब उसकी तबीयत खराब हो चुुकी थी। उसे एक अस्पताल में दाखिल कराया, जहां उसने दम तोड़ दिया। शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में किया गया। सदर थाना के एसआई सुरेश अहलावत ने बताया कि इस मामले में तीन भाइयों बलजीत, भीम और कर्मबीर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
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