{"_id":"5f762ad98ebc3e9bea14defd","slug":"corp-selling-start-in-mandi-hisar-news-rtk576259752","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडी में सुबह 8 बजे बाजरा और मूंग लेकर पहुंचे किसान, दोपहर ढाई बजे शुरू हुई खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडी में सुबह 8 बजे बाजरा और मूंग लेकर पहुंचे किसान, दोपहर ढाई बजे शुरू हुई खरीद
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नई अनाज मंडी में बाजरे की फसल खरीदते अधिकारी।
- फोटो : Hisar
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हिसार। पहले दिन वीरवार को नई अनाज मंडी में बाजरा और मूंग लेकर पहुुंचे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। सरकारी खरीद के पहले ही दिन अधिकारियों की लेटलतीफी नजर आई। दोपहर ढाई बजे किसानों की फसल की सरकारी खरीद शुरू हुई, जबकि किसान सुबह आठ बजे ही अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच गए थे। उधर बालसमंद मंडी में पहले दिन कोई भी किसान फसल लेकर नहीं पहुंचा।
पहले दिन धांसू, जुगलान, न्योलीकलां, देवां, धिकताना, मुकलान आदि गांवों से 38 किसान बाजरा और 4 किसान मूंग की फसल लेकर नई अनाज मंडी पहुंचे। मगर किसानों को अपनी फसल को बेचने के लिए दोपहर ढाई बजे तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि बीच-बीच में किसान मार्केट कमेटी कार्यालय और दि हिसार कॉपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड कार्यालय के चक्कर भी काटते दिखे। दोपहर ढाई बजे अधिकारी किसानों की फसल खरीदने पहुंचे।
शेड के नीचे खड़े ट्रक, पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं
नई अनाजमंडी में व्यापारियों ने शेड के नीचे कब्जा किया हुआ है। वीरवार को भी शेड के नीचे काफी ट्रक खड़े दिखाई दिए। वहीं फसल बेचने पहुंचे किसानों के लिए मार्केट कमेटी की ओर से पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं दिखाई दी। किसानों का कहना है कि मंडी में पहुंचने वाले किसानों को सुविधाएं मुहैया करवाई जाए।
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711 क्विंटल बाजरा खरीदा
वीरवार से बाजरा और मूंग की सरकारी खरीद शुरू हुई है। इस दौरान 711 क्विंटल बाजरा और 60 क्विंटल मूंग की खरीदारी हुई।
- संजीव कुमार, सीनियर मैनेजर, द हिसार कॉपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड, हिसार।
ढाई बजे के बाद पहुंचे अधिकारी
सुबह आठ बजे अनाजमंडी में 16 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंच गया था। मगर बेचने के लिए दोपहर तक इंतजार करना पड़ा। दोपहर ढाई बजे के बाद अधिकारी फसल देखने पहुंचे थे।
- सुरेश, किसान, धांसू निवासी।
कई चक्कर काटे
बाजरा लेकर सुबह ही मंडी में पहुंच गए थे। कई बार कार्यालय के चक्कर भी काटे। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। हमारी मांग है कि किसानों के पास जितना भी बाजरा हो उसे पूरा खरीदा जाए।
- सोमबीर, किसान, हरिकोट निवासी।
दोपहर को आए अधिकारी
सुबह से इंतजार करते रहे कि कोई अधिकारी फसल देखने आएगा। मगर कोई नहीं आया। आखिरकार दोपहर को ही अधिकारी शेड के नीचे फसल देखने पहुंचे। मंडी में फसल बेचने आने वाले किसानों को कोई परेशानी न हो।
- नवीन, किसान, देवां निवासी।
बालसमंद मंडी में नहीं कोई व्यवस्था
बालसमंद मंडी में सरकार द्वारा फसलों की खरीद की जानी है। मगर मंडी में कोई व्यवस्था नहीं है। मंडी में किसानों के लिए शेड का निर्माण तक नहीं करवाया गया है। उधर वीरवार को इस मंडी में एक भी किसान फसल बेचने नहीं आया।
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पहले दिन धांसू, जुगलान, न्योलीकलां, देवां, धिकताना, मुकलान आदि गांवों से 38 किसान बाजरा और 4 किसान मूंग की फसल लेकर नई अनाज मंडी पहुंचे। मगर किसानों को अपनी फसल को बेचने के लिए दोपहर ढाई बजे तक इंतजार करना पड़ा। हालांकि बीच-बीच में किसान मार्केट कमेटी कार्यालय और दि हिसार कॉपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड कार्यालय के चक्कर भी काटते दिखे। दोपहर ढाई बजे अधिकारी किसानों की फसल खरीदने पहुंचे।
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शेड के नीचे खड़े ट्रक, पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं
नई अनाजमंडी में व्यापारियों ने शेड के नीचे कब्जा किया हुआ है। वीरवार को भी शेड के नीचे काफी ट्रक खड़े दिखाई दिए। वहीं फसल बेचने पहुंचे किसानों के लिए मार्केट कमेटी की ओर से पीने के पानी की व्यवस्था तक नहीं दिखाई दी। किसानों का कहना है कि मंडी में पहुंचने वाले किसानों को सुविधाएं मुहैया करवाई जाए।
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711 क्विंटल बाजरा खरीदा
वीरवार से बाजरा और मूंग की सरकारी खरीद शुरू हुई है। इस दौरान 711 क्विंटल बाजरा और 60 क्विंटल मूंग की खरीदारी हुई।
- संजीव कुमार, सीनियर मैनेजर, द हिसार कॉपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी लिमिटेड, हिसार।
ढाई बजे के बाद पहुंचे अधिकारी
सुबह आठ बजे अनाजमंडी में 16 क्विंटल बाजरा लेकर पहुंच गया था। मगर बेचने के लिए दोपहर तक इंतजार करना पड़ा। दोपहर ढाई बजे के बाद अधिकारी फसल देखने पहुंचे थे।
- सुरेश, किसान, धांसू निवासी।
कई चक्कर काटे
बाजरा लेकर सुबह ही मंडी में पहुंच गए थे। कई बार कार्यालय के चक्कर भी काटे। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। हमारी मांग है कि किसानों के पास जितना भी बाजरा हो उसे पूरा खरीदा जाए।
- सोमबीर, किसान, हरिकोट निवासी।
दोपहर को आए अधिकारी
सुबह से इंतजार करते रहे कि कोई अधिकारी फसल देखने आएगा। मगर कोई नहीं आया। आखिरकार दोपहर को ही अधिकारी शेड के नीचे फसल देखने पहुंचे। मंडी में फसल बेचने आने वाले किसानों को कोई परेशानी न हो।
- नवीन, किसान, देवां निवासी।
बालसमंद मंडी में नहीं कोई व्यवस्था
बालसमंद मंडी में सरकार द्वारा फसलों की खरीद की जानी है। मगर मंडी में कोई व्यवस्था नहीं है। मंडी में किसानों के लिए शेड का निर्माण तक नहीं करवाया गया है। उधर वीरवार को इस मंडी में एक भी किसान फसल बेचने नहीं आया।