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लापरवाही : 18 संक्रमितों का फिर नहीं लगा सुराग, 80 से अधिक अज्ञात

Sat, 12 Sep 2020 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2020 01:06 AM IST
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corona patient missing due to wrong information
हिसार। जिलावासियों को कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, क्योंकि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ सकती है। वीरवार को संक्रमित मिले मरीजों में से 18 लोग ऐसे हैं, जिनका कोई सुराग नहीं लगा है। उन्होंने सैंपलिंग के दौरान अपने पता और मोबाइल नंबर गलत लिखवाया हुआ है। ऐसे अज्ञात मरीज अब तक जिले में 80 से अधिक मिल चुके हैं।
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दरअसल सैंपलिंग के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मोबाइल नंबर की जांच के लिए एक प्रक्रिया अपनानी होती है, जिसके बाद सैंपल देने वाले के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है, उसको भरने के बाद उसका मोबाइल नंबर वेरिफाई हो जाता है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी इस प्रक्रिया को सभी मरीजों पर नहीं अपना रहे। इस वजह से अज्ञात संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 80 पार हो चुका है। खास बात यह है कि बार-बार मिल रहे अज्ञात मरीजों के संबंध में बरती जा रही लापरवाही पर स्वास्थ्य विभाग कोई संज्ञान नहीं ले रहा है।
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यह है सैंपलिंग प्रक्रिया
स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल देने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर सही या गलत के बारे में पता लगाने के लिए एक आरटीपीसीआर एप भी बनाया है। एप के जरिये कोविड-19 टेस्ट के दौरान उक्त व्यक्ति के मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी कोड आता है और उस कोड को रिपोर्ट में दर्ज किया जाता है, ताकि यह पता चल सके कि वह नंबर उक्त व्यक्ति के पास है या नहीं। इसके अलावा विभाग ने यह भी निर्देश जारी किए हैं कि कोविड-19 टेस्ट कराते समय प्रत्येक व्यक्ति के पास उसका पहचान पत्र या आधार कार्ड होना अनिवार्य है, ताकि रिपोर्ट में सही पता दर्ज किया जा सके। इसके बावजूद कर्मचारियों की लापरवाही के कारण कुछ लोग विभाग को चकमा देने में सफल हो रहे हैं।
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अज्ञात संक्रमितों से खतरा ज्यादा
अज्ञात संक्रमित मरीज बड़ी मुसीबत बन सकते हैं। इसके अलावा इन सभी अज्ञात संक्रमित मरीजों से संक्रमण अधिक फैलने और कोरोना की लंबी चेन बनने का अधिक खतरा है। यदि विभाग द्वारा कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया तो इसका खामियाजा जिलावासियों को भुगतना पड़ सकता है।
हर व्यक्ति करो सहयोग करना जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय प्रत्येक व्यक्ति को विभाग का सहयोग करना चाहिए तभी इस कोरोना को हराया जा सकता है। इसके लिए इन सभी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, जैसे कि संदिग्ध लक्षण मिले तो टेस्ट करवाएं, खुद को आइसोलेट करे, मुंह पर मास्क लगाएं और आपस में सामाजिक दूरी बनाए रखें। चिकित्सकों की मानें तो कुछ लोग विभाग को चकमा देकर खुद को बचाने की बजाय अधिक खतरे में डाल रहे हैं।
अज्ञात को तलाशने में पुलिस का सहयोग
विभाग द्वारा सभी अज्ञात संक्रमितों की सूची बनाकर फाइल तैयार की जाती है। यह फाइल जिला प्रशासन को भेजी जाती है। इसके बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर पुलिस प्रशासन का सहयोग मिलता है। पुलिस अज्ञात मरीजों को तलाशने में स्वास्थ्य विभाग की मदद करती है।

बाहरी लोग सैंपल देने के बाद सिम बदलकर या मोबाइल बंद कर गायब हो जाते हैं
सावधानी बरतने और सभी कोविड-19 मरीजों का नाम और पता ध्यानपूर्वक दर्ज करने के दिशा निर्देश कर्मचारियों को दिए गए हैं। लापरवाही बरतने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अन्य राज्यों से यहां आने वाले कुछ लोग रिपोर्ट में अपना नंबर और पता देने के बाद मोबाइल सिम को निकाल देते हैं या बंद कर देते हैं, जिस कारण उन्हें ट्रेस करने में परेशानी होती है।
डॉ. जया गोयल, उप सिविल सर्जन, हिसार।
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