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मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही संक्रमित महिला की मौत
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हिसार। शहर के नागरिक अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड से बुधवार रात को गंभीर हालत के चलते रेफर की गई संक्रमित महिला की मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। इस तरह महिला की मौत परिजनों ने आइसोलेशन वार्ड में तैनात चिकित्सक को जान से मार देने एवं देख लेने की धमकी दी।
इसके बाद चिकित्सक ने वार्ड में तैनात बाकी स्टाफ को इस मामले से अवगत करवाया और कहा कि उन्होंने महिला को पूरा इलाज पाने के लिए ही अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया था, क्योंकि वहां कोविड-19 संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह जिले की 347वीं कोविड-19 मौत है, लेकिन विभाग द्वारा अभी इसे अपडेट नहीं किया गया है।
आइसोलेशन वार्ड में तैनात स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय संक्रमित महिला पिछले दो दिनों से नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल थी। बुधवार रात करीब 1 बजे महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में काफी तकलीफ हुई। इसके चलते एनेस्थीसिया चिकित्सक को भी मौके पर बुलवाया गया, लेकिन महिला की हालत में कोई सुधार नहीं दिखा। इसके बाद अन्य चिकित्सक ने महिला को रेफर करने के लिए कहा और सूचना देकर महिला के परिजनों को अस्पताल बुलाया। इसके कुछ देर बाद महिला को एंबुलेंस के जरिये अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया, मगर वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और कहा कि महिला के यहां आने से पहले ही रास्ते में मौत हुई है। सूत्रों की माने तो कुछ देर बाद महिला के परिजन शांत हुए। इसके बाद उन्होंने माफी मांगी और कहा कि वह अपने मरीज की मौत के कारण सदमे में थे, इसलिए गुस्से में उन्होंने चिकित्सक को काफी कुछ गलत कहा।
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मामला संज्ञान में है
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। अभी जिन चिकित्सकों की ड्यूटी वार्ड में रात के समय थी, उनसे बात नहीं हो पाई है। शुक्रवार को बैठक लूंगी और उसी समय बातचीत होगी।
डॉ. रत्ना भारती, सिविल सर्जन, हिसार।
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इसके बाद चिकित्सक ने वार्ड में तैनात बाकी स्टाफ को इस मामले से अवगत करवाया और कहा कि उन्होंने महिला को पूरा इलाज पाने के लिए ही अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया था, क्योंकि वहां कोविड-19 संबंधित सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह जिले की 347वीं कोविड-19 मौत है, लेकिन विभाग द्वारा अभी इसे अपडेट नहीं किया गया है।
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आइसोलेशन वार्ड में तैनात स्टाफ से मिली जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय संक्रमित महिला पिछले दो दिनों से नागरिक अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल थी। बुधवार रात करीब 1 बजे महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उसे सांस लेने में काफी तकलीफ हुई। इसके चलते एनेस्थीसिया चिकित्सक को भी मौके पर बुलवाया गया, लेकिन महिला की हालत में कोई सुधार नहीं दिखा। इसके बाद अन्य चिकित्सक ने महिला को रेफर करने के लिए कहा और सूचना देकर महिला के परिजनों को अस्पताल बुलाया। इसके कुछ देर बाद महिला को एंबुलेंस के जरिये अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया, मगर वहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया और कहा कि महिला के यहां आने से पहले ही रास्ते में मौत हुई है। सूत्रों की माने तो कुछ देर बाद महिला के परिजन शांत हुए। इसके बाद उन्होंने माफी मांगी और कहा कि वह अपने मरीज की मौत के कारण सदमे में थे, इसलिए गुस्से में उन्होंने चिकित्सक को काफी कुछ गलत कहा।
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मामला संज्ञान में है
यह मामला मेरे संज्ञान में आया है। अभी जिन चिकित्सकों की ड्यूटी वार्ड में रात के समय थी, उनसे बात नहीं हो पाई है। शुक्रवार को बैठक लूंगी और उसी समय बातचीत होगी।
डॉ. रत्ना भारती, सिविल सर्जन, हिसार।