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Hisar News: प्राकृतिक खेती अपनाने का दिया संदेश
Thu, 18 Jun 2026 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:29 PM IST
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हांसी। प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिले में कृषि विभाग की तरफ से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। वीरवार को खरकड़ा गांव में जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ। जागरूकता शिविर में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को बताया कि प्राकृतिक खेती आज समय की आवश्यकता बन चुकी है।
खंड कृषि अधिकारी रूपेश श्योरान ने बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने व उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कृषि विभाग की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है साथ ही पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता में सुधार होगा और फसलें अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण होंगी।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कृषि अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों की देखरेख में जिले में प्रदर्शन प्लॉट स्थापित किए गए हैं ताकि किसान स्वयं प्राकृतिक खेती की तकनीकों को समझ सकें और इसके लाभों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें। इस अवसर पर सुपरवाइजर अमित कुमार सहित विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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20 तक दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
12 जून से 20 जून तक जिले में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिनमें किसानों को प्राकृतिक खेती की बारीकियों, जैविक खादों के उपयोग, देसी विधियों से कीट नियंत्रण व कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण शिविरों में किसानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
:::::::::::::::यह अभियान प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को रसायन-मुक्त, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए प्रेरित करना है जिससे उनकी आय बढ़े और भूमि सुरक्षित रहे। प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की है। -राहुल नरवाल, डीसी।
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खंड कृषि अधिकारी रूपेश श्योरान ने बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने व उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कृषि विभाग की तरफ से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित हो रही है साथ ही पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत में कमी आने के साथ-साथ भूमि की गुणवत्ता में सुधार होगा और फसलें अधिक सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण होंगी।
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उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कृषि अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, कृषि विशेषज्ञों एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों की देखरेख में जिले में प्रदर्शन प्लॉट स्थापित किए गए हैं ताकि किसान स्वयं प्राकृतिक खेती की तकनीकों को समझ सकें और इसके लाभों को प्रत्यक्ष रूप से देख सकें। इस अवसर पर सुपरवाइजर अमित कुमार सहित विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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20 तक दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
12 जून से 20 जून तक जिले में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिनमें किसानों को प्राकृतिक खेती की बारीकियों, जैविक खादों के उपयोग, देसी विधियों से कीट नियंत्रण व कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण शिविरों में किसानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।
:::::::::::::::यह अभियान प्राकृतिक खेती को जन-आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को रसायन-मुक्त, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए प्रेरित करना है जिससे उनकी आय बढ़े और भूमि सुरक्षित रहे। प्रशासन और कृषि विभाग ने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की है। -राहुल नरवाल, डीसी।