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बजट के अभाव में 6 माह से बंद पड़ा जिला आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कार्य

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jul 2022 11:42 PM IST
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Construction of District Ayurvedic Hospital stopped for 6 months due to lack of budget
निर्माणाधीन जिला आयुर्वेदिक अस्पताल। फाइल फोटो - फोटो : Hisar
अमित भारद्वाज
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हिसार। आयुष विभाग ने बीएंडआर को बजट के अभाव में बंद पड़े जिला आयुर्वेदिक अस्पताल के निर्माण कार्य को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभी बिजली कार्यों के लिए 5 करोड़ रुपये नहीं दिए जाएंगे। एक करोड़ रुपये में ही उन्हें इन कार्यों को पूरा करना होगा। हालांकि सिविल कार्यों के लिए प्रशासनिक मंजूरी का 20 प्रतिशत बजट और बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है। बीएंडआर के अधिकारियों को जल्द रिवाइज्ड एस्टीमेट भेजने को कहा गया है ताकि बजट जारी कर बचे हुए कार्य को पूरा कराया जा सके।
बता दें कि बजट के अभाव में आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण कार्य करीब छह माह से बंद पड़ा है। ठेकेदार का कहना है कि निर्माण कार्य (सिविल वर्क) को पूरा करने में 50 लाख रुपये के बजट की और जरूरत पड़ेगी। अभी तक सिविल वर्क पर 8.71 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। वहीं बिजली का बजट भी एक करोड़ रुपये से बढ़कर 5 करोड़ रुपये हो गया था। बीएंडआर की बिजली शाखा ने अपने एस्टीमेट में लिफ्ट सहित अन्य सुविधाएं भी शामिल कर ली थी, जिससे उनका बजट पांच गुना ज्यादा हो गया था।
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बाद में लगवा लेंगे लिफ्ट
पिछले दिनों बजट को लेकर बीएंडआर के अधिकारियों की आयुष विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में आयुष विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पांच करोड़ रुपये के एस्टीमेट में लिफ्ट आदि कई ऐसी सुविधाएं शामिल हैं, जिन्हें बाद में उपलब्ध करवाया जा सकता है। फिलहाल एक करोड़ रुपये के ही कार्य कराए जाएं। वहीं सिविल वर्क के बजट के संबंध में अधिकारियों ने कहा कि नियमानुसार बाद में बजट को प्रशासनिक मंजूरी का 20 प्रतिशत तक और बढ़ाया जा सकता है। इस नियम के मुताबिक ही अधिकारी सिविल वर्क का रिवाइज्ड एस्टीमेट तैयार करके भिजवा दे।
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शुरुआत में तैयार किए गए एस्टीमेट में बिजली कार्यों क लिए एक करोड़ का ही प्रावधान किया गया था। मगर बाद में बीएंडआर की बिजली शाखा ने इसे बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये का कर दिया था। इसके तहत अस्पताल में नर्सिंग कॉल स्टेशन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, सोलर लाइट, सोलर प्लांट, सोलर वाटर हीटर, लिफ्ट, मेडिकल गैस पाइप लाइन, सेंट्रल एसी व अग्निशमन यंत्र आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी थी।
तीन मंजिला भवन में होंगे 50 बेड की सुविधा
अस्पताल का भवन तीन मंजिला है। इसमें 50 बेड उपलब्ध होंगे। अस्पताल में आयुर्वेदिक पद्धति (पंचकर्म योगा) से इलाज किया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी एवं प्रशासनिक अधिकारियों के कक्ष बनाए जाएंगे। प्रथम तल पर पंचकर्मा सेंटर, योगा हॉल व विभिन्न बीमारियों से पीड़ित रोगियों के दाखिले के लिए वार्ड बनाए जाएंगे। दूसरे तल पर स्पेशल वार्ड एवं डिलिवरी वार्ड बनाया जाएगा। अस्पताल परिसर में हर्बल गार्डन विकसित करने की भी योजना है। इनका इस्तेमाल दवा बनाने में किया जाएगा।
जिले में आयुर्वेद के 44 एएमओ
जिले भर में आयुर्वेद के करीब 44 एएमओ हैं, जो वर्तमान में जिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी में तैनात है। इनमें स्थायी व कांट्रेक्ट दोनों शामिल हैं। कोरोना महामारी में आयुर्वेद इलाज कारगर साबित हुआ। चिकित्सकों का भी मानना है कि जिन मरीजों का आयुर्वेद पद्धति से इलाज किया जाएगा, उन मरीजों में 90 प्रतिशत जल्द रिकवरी हुई।

आयुष विभाग के साथ हुई बैठक में रिवाइज्ड एस्टीमेट तैयार करने को कहा गया है। मिनट्स आने के साथ ही एस्टीमेट तैयार कर दिए जाएंगे। - रजनीश कुमार, एक्सईएन, बीएंडआर
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