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विज्ञान को रोजमर्रा जीवन से जोड़े, तभी वह सरल व रूचिकर बनेगा : पूर्व आईएएस धर्मवीर सिंह

Wed, 05 Feb 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Wed, 05 Feb 2025 01:11 AM IST
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Connect science with everyday life, only then it will become simple and interesting: Former IAS Dharamveer Singh
हिसार गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में विज्ञान उत्सव प्रतियोगिता में एनसीसी के हवाई जहाज के मॉडल - फोटो : 1
हिसार। समय के साथ विद्यार्थियों को अपनी सोच में बदलाव करना होगा। अगर वे जीवन में सफल होना चाहते हैं तो निश्चित रूप से विज्ञान को अपने रोजमर्रा जीवन में शामिल करना होगा। इसके लिए विज्ञान विषय में रूचि लेने के साथ-साथ संबंधित पाठ्यक्रम पुस्तकों को अभी से पढ़ना शुरू कर दें। सच मानिए, आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है और जिस विद्यार्थी ने विज्ञान विषय को रूचि के साथ पढ़ा है वो ही सफल है।
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ये बात पूर्व आईएएस एवं सोसायटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने कहीं। वे मंगलवार को गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय विज्ञान उत्सव कार्यक्रम के उद्घाटन मौके पर मुख्य वक्ता के तौर पर संबोधित कर रहे थे। मुख्यातिथि के तौर पर उपरोक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी सिंह बिश्नोई ने विज्ञान उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके अलावा अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा, विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद छोकर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन सोसायटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हरियाणा स्टेट काउंसिल फॉर साइंस इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी, जिला प्रशासन तथा गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया।
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विज्ञान व तकनीक मानक जीवन के विकास की धुरी : प्रो. नरसी राम बिश्नोई

जीजेयू के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि विज्ञान और तकनीक मानव जीवन के विकास की धुरी हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के माध्यम से शोध, नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से नए विचार विकसित करने और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
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ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ विश्लेषण करना भी जरूरी : अतिरिक्त उपायुक्त

अतिरिक्त उपायुक्त सी. जयाश्रद्धा ने कहा कि ज्ञान केवल प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि उसका विश्लेषण और उपयोग करना भी आवश्यक है। चैट जीपीटी आदि के माध्यम से ज्ञान को प्राप्त करना तो आसान बना दिया है। तकनीक का प्रयोग करें। सवाल तो पूछें, जानकारियां भी हासिल करें, लेकिन इन पर आश्रित होकर सुस्त न हो जाएं।




पहले दिन तीन प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

विज्ञान उत्सव के पहले दिन यूजी और पीजी विद्यार्थियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता, टेलीस्कोप मेकिंग कार्यशाला, साइंस मैजिक शो और स्काई वॉच जैसे ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पोस्टर बनाओ प्रतियोगिता में 75 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में 32 टीमों ने हिस्सा लिया। जिसमें प्रथम स्थान जीजेयू के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के अक्षय, सौरभ और अजीत की टीम ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय की रेनुका भारद्वाज, राकेश और मुस्कान राठी की टीम को मिला। तृतीय स्थान जीजेयू के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के पीयूष, देबजीत और अंकित सिंह ने प्राप्त किया। विज्ञान मॉडलों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी रही। इस मौके पर साइंस उत्सव की नोडल ऑफिसर डीन एफपीएसटी प्रो. सुजाता सांघी, एसपीएसटीआई की सचिव प्रो. कीया धर्मवीर तथा डीन एफईएसटी प्रो. आशा गुप्ता भी मौजूद रहीं।
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