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Hisar News: शहरी सीमा से बाहर बसीं कॉलोनियों को तीन साल से वैध होने का इंतजार
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हिसार। जिले में शहरी सीमा से बाहर बसीं अवैध कॉलोनियां सर्वे के 3 साल बाद भी वैध नहीं हो सकी हैं। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग इसी इंतजार में बैठे हुए हैं कि कॉलोनी के वैध होने के बाद यहां मूलभूत सुविधाएं मिलेंगी।
हालात यह है कि जिला नगर योजनाकार की तरफ से मुख्यालय भिजवाई गईं 22 कॉलोनियों को यह तर्क देते हुए लौटा दिया, कि इन्हें जिला स्तरीय जांच कमेटी (डीएलएससी) के सत्यापन के बाद ही भेजा जाए। वहीं एसडीएम हिसार को सत्यापन के लिए भेजी गईं 21 कॉलोनियों की रिपोर्ट 8 माह बाद भी नहीं मिली है।
सरकार को भेजी गईं थी 22 कॉलोनियां
लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले 22 कॉलोनियों को वैध करने के लिए सरकार के पास भेजा गया था। इनमें हांसी, उकलाना व बरवाला ब्लॉक की कॉलोनियां शामिल थीं। मगर सरकार ने इन कॉलोनियों को वापस जिला मुख्यालय भिजवा दिया। सरकार का कहना था कि जिला स्तरीय जांच कमेटी (डीएलएससी) की दोबारा जांच के बाद ही इन्हें भेजा जाए।
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वहीं, एसडीएम को 21 कॉलोनियां की दोबारा जांच करनी थी। मगर 8 माह बाद भी यह जांच पूरी नहीं हो सकी है, जिस कारण से इन कॉलोनियों को निदेशालय नहीं भेजा जा सका है। इसमें 20 कॉलोनियां हिसार ब्लॉक व एक कॉलोनी अग्रोहा ब्लॉक की है। डीएलएससी में शामिल अफसर : अवैध कॉलोनियों को मुख्यालय भेजने से पहले इनकी दोबारा से जांच करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से एक जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया हुआ है। इस कमेटी में एसडीएम, डीटीपी, जनस्वास्थ्य विभाग व बीएंडआर के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी जांच करेगी कि उक्त कॉलोनियां सभी मापदंडों को पूरा करती हंै या नहीं।
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हालात यह है कि जिला नगर योजनाकार की तरफ से मुख्यालय भिजवाई गईं 22 कॉलोनियों को यह तर्क देते हुए लौटा दिया, कि इन्हें जिला स्तरीय जांच कमेटी (डीएलएससी) के सत्यापन के बाद ही भेजा जाए। वहीं एसडीएम हिसार को सत्यापन के लिए भेजी गईं 21 कॉलोनियों की रिपोर्ट 8 माह बाद भी नहीं मिली है।
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सरकार को भेजी गईं थी 22 कॉलोनियां
लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगने से पहले 22 कॉलोनियों को वैध करने के लिए सरकार के पास भेजा गया था। इनमें हांसी, उकलाना व बरवाला ब्लॉक की कॉलोनियां शामिल थीं। मगर सरकार ने इन कॉलोनियों को वापस जिला मुख्यालय भिजवा दिया। सरकार का कहना था कि जिला स्तरीय जांच कमेटी (डीएलएससी) की दोबारा जांच के बाद ही इन्हें भेजा जाए।
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वहीं, एसडीएम को 21 कॉलोनियां की दोबारा जांच करनी थी। मगर 8 माह बाद भी यह जांच पूरी नहीं हो सकी है, जिस कारण से इन कॉलोनियों को निदेशालय नहीं भेजा जा सका है। इसमें 20 कॉलोनियां हिसार ब्लॉक व एक कॉलोनी अग्रोहा ब्लॉक की है। डीएलएससी में शामिल अफसर : अवैध कॉलोनियों को मुख्यालय भेजने से पहले इनकी दोबारा से जांच करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से एक जिला स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया हुआ है। इस कमेटी में एसडीएम, डीटीपी, जनस्वास्थ्य विभाग व बीएंडआर के अधिकारी शामिल हैं। कमेटी जांच करेगी कि उक्त कॉलोनियां सभी मापदंडों को पूरा करती हंै या नहीं।