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सीएम साहब साढ़े तीन साल हो गए अब तो बनवा दो बालसमंद कॉलेज का भवन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Mar 2022 12:27 AM IST
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CM sir it has been three and a half years, now let's get the building of Balsamand College built
बालसमंद स्कूल के बाहर लगाया गया कॉलेज के नाम का गेट - फोटो : Hisar
बालसमंद। गांव बालसमंद में भले ही सरकार ने वर्ष 2018 में कॉलेज की शुरुआत कर दी थी। लेकिन खुद का भवन न होने से आज भी कॉलेज की कक्षाएं गांव के प्राइमरी स्कूल में लग रही हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से कॉलेज का भवन बनवाने की गुहार लगाई है।
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जानकारी के मुताबिक 5 जुलाई 2018 से बालसमंद कॉलेज शुरू हुआ था। अब साढ़े तीन साल बीत जाने के बाद भी कॉलेज बिल्डिंग नहीं बन पाई है। अस्थायी तौर पर कॉलेज की कक्षाएं गांव के ही प्राइमरी स्कूल में शुरू की गई थी। अब इस सत्र में बिल्डिंग न होने के कारण तीनों सत्र के 500 से अधिक विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कॉलेज के पास अपनी कोई बिल्डिंग नहीं है। अगर सरकार समय रहते बिल्ड़िंग नहीं बनवा पाई तो कॉलेज सुचारु रूप से चलना मुश्किल होगा। ग्रामीणों ने कहा सीएम साहब! आखिर कब ग्रामीण क्षेत्र में सुविधाएं मिलनी शुरू होंगी।
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फीस पूरी देने के बाद सुविधाओं का अभाव
कॉलेज में दाखिले के समय पूरी फीस देते हैं। उसके बाद सुविधाएं न मिले तो उस परिसर में विद्यार्थी दाखिला लेने से कतराता है। बालसमंद कॉलेज में अब तक सरकार ने बिल्डिंग बनाने का प्रोसेस ही शुरू नहीं किया है। पूरी फीस देने के बाद भी पूरी सुविधाएं नहीं मिल रही है। अभी तक राजकीय कॉलेज बालसमंद की कक्षा गांव के ही प्राइमरी स्कूल में ही लगाई जा रही है। स्कूल में कमरों की संख्या, खेल ग्राउंड सहित काफी अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस सत्र से विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने के साथ स्कूल प्रशासन की परेशानियां भी बढ़ेगी।
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हायर एजुकेशन विभाग की ओर से विजिबलिटी रिपोर्ट करीब दो महीने पहले मांगी गई थी। अभी पंचायती विभाग ने हायर एजुकेशन को बिल्डिंग नहीं सौंपी है। बिल्डिंग न होने के कारण विद्यार्थियों और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। - पंकज सोलंकी, प्राचार्य, राजकीय कॉलेज बालसमंद

डीसी चाहे तो एक मिनट में पंचायती जमीन हायर एजुकेशन विभाग को सौंपी जा सकती है। पंचायत ने कब्जा छुड़वाकर जमीन खाली करवा दी थी लेकिन अब तक कॉलेज बिल्डिंग बनने का प्रोसेस शुरू ही नहीं हुआ है। सरकार को ग्रामीण क्षेत्र की तरफ विशेष ध्यान देकर सुविधा देनी चाहिए। - महेंद्र, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि, बालसमंद
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