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Hisar News: पटाखे की चिंगारी से झुग्गियां जलने से बेघर लोगों की मदद में जुटे शहरवासी
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सेक्टर 16 व 17 में झुग्गियां जलने से बेघर हुए लोगों को खाना बांटते शहरवासी। संवाद
हिसार। पटाखे की चिंगारी से झुग्गियों के जलने से बेघर हुए लोगों की मदद के लिए शहरवासी आगे आ रहे हैं। इनमें धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के अलावा एनजीओ भी शामिल हैं। शनिवार को तीनों समय पीडि़तों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। साथ ही इनके लिए बिस्तर, कपड़े व बर्तन आदि भी एकत्रित किए जा रहे हैं। रविवार को इन्हें झुग्गी बनाने का सामान भी वितरित किया जाएगा ताकि ये दोबारा से अपने लिए आसरा तैयार कर सकें।
बता दें कि शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे कुछ बच्चे सेक्टर 16-17 के पास बनी झुग्गियों में पटाखे बज रहे थे। इस दौरान पटाखे की चिंगारी से झुग्गियों में आग लग गई, जिससे करीब 35 झुग्गियां जल गईं। इस मौके पर विधायक सावित्री जिंदल ने भी घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था।
खाने के अलावा बच्चों को बांटी स्टेशनरी
भीख नहीं किताब दो संस्था की प्रधान अनु चिनिया ने बताया कि शुक्रवार को कई लोगों ने पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद की थी। उन्हीं पैसों से शनिवार सुबह इन्हें दूध व बिस्कुट दिए गए। दोपहर को नागोरी गेट गुरुद्वारे की तरफ से इनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई। वहीं रात को किसी सेक्टरवासी के घर पर निजी कार्यक्रम था, उनकी तरफ से ही पीड़ितों के लिए खाना उपलब्ध करवाया गया। इसके अलावा उनकी संस्था की तरफ बच्चों को चप्पल वितरित की गईं। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी राजेश खौथ ने इन्हें तौलिए उपलब्ध करवाए, जबकि समाजसेवी त्रिलोक बंसल ने बच्चों को स्टेशन वितरित की।
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सामुदायिक केंद्र में ठहरे 65 परिवार
अनु चिनिया ने बताया कि सामुदायिक केंद्र में करीब 65 परिवार ठहरे हैं। इनमें करीब 42 बच्चे हैं। इनमें ज्यादातर 5 से 11 साल की उम्र के हैं, जबकि 8 से 10 बच्चे एक साल से कम उम्र के हैं। ये सभी परिवार बिहार के ही रहने वाले हैं।
पीड़ितों को पुनर्विस्थापित करने के लिए एकत्रित किया सामान
पीड़ित परिवारों को पुनर्विस्थापित करने के लिए इनके लिए सामान एकत्रित किया जा रहा है, जिसमें कपड़े, बर्तन, बिस्तर आदि शामिल है। इसके अलावा जिंदल हाउस की तरफ से रविवार को इन्हें झुग्गी बनाने के लिए बांस व तिरपाल आदि सामान वितरित किया जाएगा ताकि ये अपनी झुग्गियां फिर से बना सकें। अनु चिनिया ने बताया कि इन लोगों की मदद के लिए काफी लोग आगे आ रहे हैं। वह सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से मदद की अपील कर रहे हैं।
सब कुछ जल गया, खाने का हुआ प्रबंध
मैं बिहार के दरभंगा का रहने वाला हूं और यहां करीब 25 वर्षों से रह रहा हूं। यहां मजदूरी करके अपने परिवार का पोषण कर रहा हूं। आग की घटना में सारा सामान जल गया। मेरे तीन बच्चे हैं और तीनाें शादीशुदा है। शुक्रवार रात को हमें यहां सामुदायिक केंद्र में ले आए थे और यही हमारे खाने व सोने की व्यवस्था की हुई है। - लालचंद
मैं बिहार के दरभंगा का रहने वाला है। मुझे यहां रहते हुए काफी साल हो गए। यहां ठेला चलाकर अपने परिवार का पोषण कर रहा हूं। मेरे 6 बच्चे हैं। आग लगने की घटना में सिर्फ पहने हुए ही कपड़े बचे हैं। इस घटना के बाद लोग हमारी मदद कर रहे हैं। यहां सामुदायिक केंद्र में हमारे लिए सोने व खाने का प्रबंध किया हुआ है। - अशोक
मैं 5 साल से यहां रह रहा हूं। मजदूरी करके अपने परिवार को पाल रहा हूं। शुक्रवार को हुई घटना में सब कुछ जलकर राख हो गया। अब इस बात की चिंता है कि परिवार को कहां रखूंगा, क्योंकि अब तो मेरे पास कोई छत भी नहीं है। - बृजनाथ
- चार साल से हिसार में रह रहा हूं। वैसे बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला हूं। शुक्रवार का दिन हमारे लिए काफी दुखदायी रहा। जो सामान कमाकर जुटाया था, सब कुछ जल गया। - लालन
पीड़ित परिवारों का पूरा सहयोग करेंगे : डॉ. कमल
पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता शनिवार को घटना स्थल का दौरा किया। डॉ. कमल गुप्ता ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए कहा कि कि हम पीड़ित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री व उपायुक्त से इस विषय में बातचीत की गई है। पीड़ितों को हर संभव आर्थिक मदद प्रशासन से दिलवाई जाएगी। प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि मानवीय आधार पर पीड़ित झुग्गी के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने में उनका सहयोग करें।
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बता दें कि शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे कुछ बच्चे सेक्टर 16-17 के पास बनी झुग्गियों में पटाखे बज रहे थे। इस दौरान पटाखे की चिंगारी से झुग्गियों में आग लग गई, जिससे करीब 35 झुग्गियां जल गईं। इस मौके पर विधायक सावित्री जिंदल ने भी घटनास्थल का दौरा कर पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया था।
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खाने के अलावा बच्चों को बांटी स्टेशनरी
भीख नहीं किताब दो संस्था की प्रधान अनु चिनिया ने बताया कि शुक्रवार को कई लोगों ने पीड़ितों के लिए आर्थिक मदद की थी। उन्हीं पैसों से शनिवार सुबह इन्हें दूध व बिस्कुट दिए गए। दोपहर को नागोरी गेट गुरुद्वारे की तरफ से इनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई। वहीं रात को किसी सेक्टरवासी के घर पर निजी कार्यक्रम था, उनकी तरफ से ही पीड़ितों के लिए खाना उपलब्ध करवाया गया। इसके अलावा उनकी संस्था की तरफ बच्चों को चप्पल वितरित की गईं। एचएसवीपी के संपदा अधिकारी राजेश खौथ ने इन्हें तौलिए उपलब्ध करवाए, जबकि समाजसेवी त्रिलोक बंसल ने बच्चों को स्टेशन वितरित की।
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सामुदायिक केंद्र में ठहरे 65 परिवार
अनु चिनिया ने बताया कि सामुदायिक केंद्र में करीब 65 परिवार ठहरे हैं। इनमें करीब 42 बच्चे हैं। इनमें ज्यादातर 5 से 11 साल की उम्र के हैं, जबकि 8 से 10 बच्चे एक साल से कम उम्र के हैं। ये सभी परिवार बिहार के ही रहने वाले हैं।
पीड़ितों को पुनर्विस्थापित करने के लिए एकत्रित किया सामान
पीड़ित परिवारों को पुनर्विस्थापित करने के लिए इनके लिए सामान एकत्रित किया जा रहा है, जिसमें कपड़े, बर्तन, बिस्तर आदि शामिल है। इसके अलावा जिंदल हाउस की तरफ से रविवार को इन्हें झुग्गी बनाने के लिए बांस व तिरपाल आदि सामान वितरित किया जाएगा ताकि ये अपनी झुग्गियां फिर से बना सकें। अनु चिनिया ने बताया कि इन लोगों की मदद के लिए काफी लोग आगे आ रहे हैं। वह सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों से मदद की अपील कर रहे हैं।
सब कुछ जल गया, खाने का हुआ प्रबंध
मैं बिहार के दरभंगा का रहने वाला हूं और यहां करीब 25 वर्षों से रह रहा हूं। यहां मजदूरी करके अपने परिवार का पोषण कर रहा हूं। आग की घटना में सारा सामान जल गया। मेरे तीन बच्चे हैं और तीनाें शादीशुदा है। शुक्रवार रात को हमें यहां सामुदायिक केंद्र में ले आए थे और यही हमारे खाने व सोने की व्यवस्था की हुई है। - लालचंद
मैं बिहार के दरभंगा का रहने वाला है। मुझे यहां रहते हुए काफी साल हो गए। यहां ठेला चलाकर अपने परिवार का पोषण कर रहा हूं। मेरे 6 बच्चे हैं। आग लगने की घटना में सिर्फ पहने हुए ही कपड़े बचे हैं। इस घटना के बाद लोग हमारी मदद कर रहे हैं। यहां सामुदायिक केंद्र में हमारे लिए सोने व खाने का प्रबंध किया हुआ है। - अशोक
मैं 5 साल से यहां रह रहा हूं। मजदूरी करके अपने परिवार को पाल रहा हूं। शुक्रवार को हुई घटना में सब कुछ जलकर राख हो गया। अब इस बात की चिंता है कि परिवार को कहां रखूंगा, क्योंकि अब तो मेरे पास कोई छत भी नहीं है। - बृजनाथ
- चार साल से हिसार में रह रहा हूं। वैसे बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला हूं। शुक्रवार का दिन हमारे लिए काफी दुखदायी रहा। जो सामान कमाकर जुटाया था, सब कुछ जल गया। - लालन
पीड़ित परिवारों का पूरा सहयोग करेंगे : डॉ. कमल
पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. कमल गुप्ता शनिवार को घटना स्थल का दौरा किया। डॉ. कमल गुप्ता ने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए कहा कि कि हम पीड़ित परिवारों के साथ है। मुख्यमंत्री व उपायुक्त से इस विषय में बातचीत की गई है। पीड़ितों को हर संभव आर्थिक मदद प्रशासन से दिलवाई जाएगी। प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि मानवीय आधार पर पीड़ित झुग्गी के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने में उनका सहयोग करें।