{"_id":"5d8285ba8ebc3e93b774ebff","slug":"city-bus-hisar-news-rtk5187939140","type":"story","status":"publish","title_hn":"विस चुनाव के बाद ही शहरवासियों को नसीब होंगी 10 और सिटी बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विस चुनाव के बाद ही शहरवासियों को नसीब होंगी 10 और सिटी बसें
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ट्रैफिक जाम से जूझ रहे शहरवासियों को सभी रूटों पर सिटी बसों का सफर विधानसभा चुनाव के बाद ही नसीब होगा। नगर निगम प्रशासन की ओर से 10 और सिटी बसें चलाने का प्लान विधानसभा चुनावों के कारण ठंडे बस्ते में चला गया है। शहरवासियों को अभी दो से तीन महीने तक फिलहाल चल रही चार सिटी बसों से ही काम चलाना होगा। हालांकि मेयर से लेकर अधिकारियों तक का दावा है कि चुनावों के बाद 10 सिटी बसों को चलाया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले छह महीने से नगर निगम प्रशासन द्वारा शहर में चार सिटी बसों को चलाया जा रहा है। दो सिटी बसें बस स्टैंड से आजाद नगर रूट जबकि एक बस तोशाम रोड रूट व एक कैंट रूट पर चलाई जा रही है।
14 सिटी बसें चलाने का बना था प्लान
दरअसल, नगर निगम प्रशासन ने साल 2019 की शुरुआत में 14 सिटी बसें चलाने का प्लान बनाया था। मगर पहले टेंडर में शर्तें कठिन होने के कारण सिर्फ दो ही ट्रांसपोर्ट्स ने दिलचस्पी दिखाई। इसके बाद दस सिटी बसें और चलाने के लिए दूसरा टेंडर लगाया गया। मगर इस टेंडर के लिए तकनीकी अनुमति लेने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई, जो छह महीने तक मुख्यालय में ही अटकी रही। आखिरकार टेंडर को रद्द ही करना पड़ा। अब तीसरी बार टेंडर लगाया जाना है, जो विधानसभा चुनावों के बाद ही संभव हो पाएगा।
लोगों को होगी बचत
शहर में ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या है। इसका एक कारण ऑटो की बढ़ती संख्या भी है। ऐसे में इससे राहत पाने के लिए सिटी बसों का चलना जरूरी है। वहीं, ऑटो चालक बस स्टैंड से मामूली दूरी के भी 15 रुपये वसूलते हैं जबकि सिटी बस में आखिरी छोर तक का किराया सिर्फ 10 रुपये हैं जबकि आधे रास्ते के 5 रुपये लिए जा रहे हैं। ऐसे में शहरवासियों को सस्ता सफर सिटी बसों में मिलेगा।
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ये रूट पड़े हैं खाली
सिटी बस के लिए बस स्टैंड से जीजेयू, पॉलीटेक्नीक होते हुए मिर्जापुर रोड, बस स्टैंड से बालसमंद रोड, बस स्टैंड से पड़ाव चौक होते हुए 12 क्वार्टर रोड, मिलगेट रोड आदि रूट अभी खाली पड़े हैं। दस सिटी बसें और चलने के बाद इन रूटों के एरिया के लोगों को भी फायदा मिलेगा।
शहर में दस सिटी बसें और चलाने का प्लान है। मगर यह काम अब विधानसभा चुनावों के बाद ही हो पाएगा क्योंकि आचार संहिता लगने वाली है। दस सिटी बसें और चलने के बाद शहरवासियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम।
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14 सिटी बसें चलाने का बना था प्लान
दरअसल, नगर निगम प्रशासन ने साल 2019 की शुरुआत में 14 सिटी बसें चलाने का प्लान बनाया था। मगर पहले टेंडर में शर्तें कठिन होने के कारण सिर्फ दो ही ट्रांसपोर्ट्स ने दिलचस्पी दिखाई। इसके बाद दस सिटी बसें और चलाने के लिए दूसरा टेंडर लगाया गया। मगर इस टेंडर के लिए तकनीकी अनुमति लेने के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई, जो छह महीने तक मुख्यालय में ही अटकी रही। आखिरकार टेंडर को रद्द ही करना पड़ा। अब तीसरी बार टेंडर लगाया जाना है, जो विधानसभा चुनावों के बाद ही संभव हो पाएगा।
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लोगों को होगी बचत
शहर में ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या है। इसका एक कारण ऑटो की बढ़ती संख्या भी है। ऐसे में इससे राहत पाने के लिए सिटी बसों का चलना जरूरी है। वहीं, ऑटो चालक बस स्टैंड से मामूली दूरी के भी 15 रुपये वसूलते हैं जबकि सिटी बस में आखिरी छोर तक का किराया सिर्फ 10 रुपये हैं जबकि आधे रास्ते के 5 रुपये लिए जा रहे हैं। ऐसे में शहरवासियों को सस्ता सफर सिटी बसों में मिलेगा।
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ये रूट पड़े हैं खाली
सिटी बस के लिए बस स्टैंड से जीजेयू, पॉलीटेक्नीक होते हुए मिर्जापुर रोड, बस स्टैंड से बालसमंद रोड, बस स्टैंड से पड़ाव चौक होते हुए 12 क्वार्टर रोड, मिलगेट रोड आदि रूट अभी खाली पड़े हैं। दस सिटी बसें और चलने के बाद इन रूटों के एरिया के लोगों को भी फायदा मिलेगा।
शहर में दस सिटी बसें और चलाने का प्लान है। मगर यह काम अब विधानसभा चुनावों के बाद ही हो पाएगा क्योंकि आचार संहिता लगने वाली है। दस सिटी बसें और चलने के बाद शहरवासियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम।