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उद्योगों के लिए सस्ती जमीन, सस्ती बिजली, कम ब्याज पर मिले लोन
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हिसार। व्यापारियों को प्रदेश सरकार के बजट 2022-23 से काफी उम्मीदें हैं। उद्योगों के लिए सस्ती जमीन, सस्ती बिजली, कम ब्याज पर लोन सुविधा देने की मांग व्यापारी-उद्यमियों ने उठाई। मंगलवार को अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में पहुंचे व्यापारियों ने बजट को लेकर अपनी राय रखी। व्यापारियों- उद्यमियों ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी को काम करने के लिए उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। व्यापारियों को जितनी रियायत दी जाएगी उतना ही फायदा प्रदेश के युवाओं को होगा। व्यापारियों के लिए बीमा योजना बनाई जाए। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष बजरंग दास गर्ग ने की।
बेरोजगारी, महंगाई अपराध में हरियाणा नंबर वन है। प्रदेश में नए उद्योग धंधे स्थापित करने होंगे। इसके लिए सरकार को बजट में बिजली पर 50 प्रतिशत की छूट देनी चाहिए। ग्राम स्तर पर उद्योग स्थापित करने वालों को विशेष छूट देनी चाहिए। स्टार्टअप को कोरोना के कारण आई दिक्कतों के चलते अतिरिक्त समय व अतिरिक्त पैसा उपलब्ध कराना चाहिए। - राहुल गर्ग, युवा प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल
प्रदेश सरकार ने 2019 में उद्यमियों को छूट देने का एलान किया था, जिसका फायदा आज तक नहीं दिया गया। सरकार की ओर से कागजी कार्रवाई बहुत अधिक कराई जाती है। जिसे व्यापारी पूरा नहीं कर पाते। सरकार सीजीएसटी और बिजली की दरों में छूट प्रदान करे। इससे उद्यमियों-व्यापारियों को कुछ राहत मिल सके।
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- अशोक गुप्ता, पूर्व प्रधान, अनाज मंडी मंदिर
प्रदेश सरकार की ओर से पानी के बिल पिछले पांच साल में 50 गुना तक बढ़ाए गए हैं। जिसे वापस किया जाए। व्यापारियों को आग लगने, चोरी होने पर नुकसान की भरपाई सरकार की ओर से की जाए। व्यापारियों के लिए बीमा होना चाहिए। पेंशन योजना भी शुरू की जानी चाहिए। - पवन जिंदल, व्यापारी
सरकार की ओर से बैंक लोन के लंबे चौड़े दावे किए जाते हैं। धरातल पर सभी फेल साबित हो रहे हैँ। करीब एक साल पहले एडीसी ने व्यापारियों को लोन देने की योजनाओं से अवगत कराने के लिए बुलाया था। इसमें बैंक अधिकारियों ने इतनी कागजी कार्रवाई बता दी कि कोई व्यापारी लोन नहीं ले सका। बैंक लोन का सरलीकरण किया जाना चाहिए। सस्ती बिजली प्रदान की जाए। - सुरेंद्र सोनी, वरिष्ठ उपप्रधान, राजगुरु मार्केट आर्गेनाइजेशन
एक व्यापारी अपने पूरे जीवन सरकार को टैक्स देता है। ऐसे में उसकी सामाजिक सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। व्यापारियों के लिए एक सम्मानजनक पेंशन होनी चाहिए। जीएसटी के आधार पर व्यापारियों को नुकसान होने पर भुगतान होना चाहिए। लोन लेने के लिए दस्तावेज कम से कम होने चाहिए, प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।
- अजय सैनी, प्रधान, राजगुरु मार्केट आर्गेनाइजेशन
विश्व के सबसे अधिक टैक्स भारत में हैं। अब नया टैक्स विकास शुल्क को कलेक्टर रेट पर जोड़कर थोंप दिया है। इसमें आम आदमी से लेकर व्यापारियों तक सभी को हजारों रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क देना पड़ेगा। दिल्ली की तरह शिक्षा-चिकित्सा निशुल्क होनी चाहिए। जीएसटी का सरलीकरण हो। पेट्रोल-डीजल सस्ता किया जाए। 50 गज तक के मकान का हाउस टैक्स पूरी तरह माफ हो। - जगमोहन मित्तल, व्यापारी एवं पार्षद
लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीति में बदलाव होना चाहिए। गांव स्तर पर कुटीर उद्योग को बढ़ावा दिया जाए। व्यापारियों को कम से कम दस्तावेज पर सस्ती दर पर लोन उपलब्ध कराया जाए। मुद्रा लोन लेना आसान होना चाहिए। इस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा। व्यापारियों को बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उनके लिए सस्ती बिजली-पानी की व्यवस्था की जाए। - रणबीर सिंह , सामाजिक कार्यकर्ता
बाजारों में यातायात प्रबंधन होना चाहिए, जिससे जाम की समस्या से राहत मिल सके। बाजारों में लोगों का आवागमन सुगम हो सके। पार्किंग स्थल भी विकसित होने चाहिए। व्यापारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस, कम ब्याज पर लोन, टैक्स की दर कम होनी चाहिए। सुरक्षा व्यापारियों के लिए बड़ा मुद्दा है। सभी मार्केट में सीसीटीवी लगाए जाए। - मंगल ढालिया, युवा शहरी प्रधान, हरियाणा व्यापार मंडल
सुरक्षा और पार्किंग की सुविधा व्यापारियों को प्रदान की जाए। बाजारों में पुलिस की गश्त को बढ़ाया जाना चाहिए। छोटे व्यापारियों के लिए टैक्स में छूट होनी चाहिए। उन्हें सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए। व्यापारियों को बैंक लोन कम दर पर दिया जाए। उनके लिए हेल्थ पॉलिसी सरकार की ओर से दी जानी चाहिए। - राजू तंवर, प्रधान, डीसी-एमसी कॉलोनी मार्केट
ट्रेड टैक्स भ्रष्टाचार की जड़ है, इसे खत्म किया जाए। गेहूं-धान पर मार्केट फीस 4 प्रतिशत के बजाय अधिकतम 1 प्रतिशत की जाए। टैक्स अदा करने वाले व्यापारियों को जमा कराए गए टैक्स का 5 प्रतिशत लौटाया जाए। व्यापारियों के लिए मुफ्त बीमा होना चाहिए। विकास शुल्क की बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए। दिल्ली-महाराष्ट्र की तरह कलेक्टर रेट पर एक से दो प्रतिशत टैक्स लेना चाहिए। - बजरंग दास गर्ग, प्रधान हरियाणा व्यापार मंडल
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बेरोजगारी, महंगाई अपराध में हरियाणा नंबर वन है। प्रदेश में नए उद्योग धंधे स्थापित करने होंगे। इसके लिए सरकार को बजट में बिजली पर 50 प्रतिशत की छूट देनी चाहिए। ग्राम स्तर पर उद्योग स्थापित करने वालों को विशेष छूट देनी चाहिए। स्टार्टअप को कोरोना के कारण आई दिक्कतों के चलते अतिरिक्त समय व अतिरिक्त पैसा उपलब्ध कराना चाहिए। - राहुल गर्ग, युवा प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा व्यापार मंडल
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प्रदेश सरकार ने 2019 में उद्यमियों को छूट देने का एलान किया था, जिसका फायदा आज तक नहीं दिया गया। सरकार की ओर से कागजी कार्रवाई बहुत अधिक कराई जाती है। जिसे व्यापारी पूरा नहीं कर पाते। सरकार सीजीएसटी और बिजली की दरों में छूट प्रदान करे। इससे उद्यमियों-व्यापारियों को कुछ राहत मिल सके।
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- अशोक गुप्ता, पूर्व प्रधान, अनाज मंडी मंदिर
प्रदेश सरकार की ओर से पानी के बिल पिछले पांच साल में 50 गुना तक बढ़ाए गए हैं। जिसे वापस किया जाए। व्यापारियों को आग लगने, चोरी होने पर नुकसान की भरपाई सरकार की ओर से की जाए। व्यापारियों के लिए बीमा होना चाहिए। पेंशन योजना भी शुरू की जानी चाहिए। - पवन जिंदल, व्यापारी
सरकार की ओर से बैंक लोन के लंबे चौड़े दावे किए जाते हैं। धरातल पर सभी फेल साबित हो रहे हैँ। करीब एक साल पहले एडीसी ने व्यापारियों को लोन देने की योजनाओं से अवगत कराने के लिए बुलाया था। इसमें बैंक अधिकारियों ने इतनी कागजी कार्रवाई बता दी कि कोई व्यापारी लोन नहीं ले सका। बैंक लोन का सरलीकरण किया जाना चाहिए। सस्ती बिजली प्रदान की जाए। - सुरेंद्र सोनी, वरिष्ठ उपप्रधान, राजगुरु मार्केट आर्गेनाइजेशन
एक व्यापारी अपने पूरे जीवन सरकार को टैक्स देता है। ऐसे में उसकी सामाजिक सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। व्यापारियों के लिए एक सम्मानजनक पेंशन होनी चाहिए। जीएसटी के आधार पर व्यापारियों को नुकसान होने पर भुगतान होना चाहिए। लोन लेने के लिए दस्तावेज कम से कम होने चाहिए, प्रक्रिया का सरलीकरण किया जाए।
- अजय सैनी, प्रधान, राजगुरु मार्केट आर्गेनाइजेशन
विश्व के सबसे अधिक टैक्स भारत में हैं। अब नया टैक्स विकास शुल्क को कलेक्टर रेट पर जोड़कर थोंप दिया है। इसमें आम आदमी से लेकर व्यापारियों तक सभी को हजारों रुपये प्रति गज के हिसाब से विकास शुल्क देना पड़ेगा। दिल्ली की तरह शिक्षा-चिकित्सा निशुल्क होनी चाहिए। जीएसटी का सरलीकरण हो। पेट्रोल-डीजल सस्ता किया जाए। 50 गज तक के मकान का हाउस टैक्स पूरी तरह माफ हो। - जगमोहन मित्तल, व्यापारी एवं पार्षद
लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीति में बदलाव होना चाहिए। गांव स्तर पर कुटीर उद्योग को बढ़ावा दिया जाए। व्यापारियों को कम से कम दस्तावेज पर सस्ती दर पर लोन उपलब्ध कराया जाए। मुद्रा लोन लेना आसान होना चाहिए। इस योजना का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा। व्यापारियों को बीमा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उनके लिए सस्ती बिजली-पानी की व्यवस्था की जाए। - रणबीर सिंह , सामाजिक कार्यकर्ता
बाजारों में यातायात प्रबंधन होना चाहिए, जिससे जाम की समस्या से राहत मिल सके। बाजारों में लोगों का आवागमन सुगम हो सके। पार्किंग स्थल भी विकसित होने चाहिए। व्यापारियों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस, कम ब्याज पर लोन, टैक्स की दर कम होनी चाहिए। सुरक्षा व्यापारियों के लिए बड़ा मुद्दा है। सभी मार्केट में सीसीटीवी लगाए जाए। - मंगल ढालिया, युवा शहरी प्रधान, हरियाणा व्यापार मंडल
सुरक्षा और पार्किंग की सुविधा व्यापारियों को प्रदान की जाए। बाजारों में पुलिस की गश्त को बढ़ाया जाना चाहिए। छोटे व्यापारियों के लिए टैक्स में छूट होनी चाहिए। उन्हें सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए। व्यापारियों को बैंक लोन कम दर पर दिया जाए। उनके लिए हेल्थ पॉलिसी सरकार की ओर से दी जानी चाहिए। - राजू तंवर, प्रधान, डीसी-एमसी कॉलोनी मार्केट
ट्रेड टैक्स भ्रष्टाचार की जड़ है, इसे खत्म किया जाए। गेहूं-धान पर मार्केट फीस 4 प्रतिशत के बजाय अधिकतम 1 प्रतिशत की जाए। टैक्स अदा करने वाले व्यापारियों को जमा कराए गए टैक्स का 5 प्रतिशत लौटाया जाए। व्यापारियों के लिए मुफ्त बीमा होना चाहिए। विकास शुल्क की बढ़ोतरी तुरंत वापस ली जाए। दिल्ली-महाराष्ट्र की तरह कलेक्टर रेट पर एक से दो प्रतिशत टैक्स लेना चाहिए। - बजरंग दास गर्ग, प्रधान हरियाणा व्यापार मंडल