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Hisar News: मौसम का बदलता मिजाज, बच्चों की सेहत पर भारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:45 PM IST
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Changing weather takes a toll on children's health.
जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में अपनी बीमार बेटी को लेकर पहुंचा एक पिता।
हिसार। मौसम में आए बदलाव और उतार-चढ़ाव का असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। उमस भरी गर्मी और बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण बच्चे वायरल बुखार, सर्दी-खांसी और डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों की बाल रोग ओपीडी में मौसम जनित बीमारियों से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार इस समय ओपीडी में आने वाले अधिकतर बच्चे वायरल संक्रमण से प्रभावित हैं।
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मौसम बदलने के दौरान तापमान और नमी में बदलाव वायरस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और कुपोषित लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। इन्फ्लूएंजा (फ्लू), राइनोवायरस (सामान्य सर्दी), डेंगू, चिकनगुनिया और रोटावायरस जैसे वायरस शरीर को प्रभावित कर बुखार का कारण बन सकते हैं।
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वायरल बुखार के लक्षण
शरीर का तापमान अचानक 100.4 डिग्री फारेनहाइट (38 डिग्री सेल्सियस) या इससे अधिक हो जाना। बुखार के साथ ठंड या कंपकंपी महसूस होना।
बच्चे का सामान्य दिनों की तुलना में अधिक थका हुआ, शांत या सुस्त दिखाई देना।
छोटे बच्चों का बार-बार रोना और चिड़चिड़ापन।
मांसपेशियों, जोड़ों या सिर में दर्द की शिकायत।
सूखी या बलगम वाली खांसी, निगलने में दर्द।
लगातार छींक आना और नाक से पानी बहना।
बुखार के साथ आंखें लाल होना और पानी आना।
पेट में मरोड़, उल्टी या दस्त की समस्या।
खाना-पीना या दूध पीना छोड़ देना।
नाभि के आसपास या पूरे पेट में दर्द होना।
ये बरतें एहतियात
बच्चों को उबालकर ठंडा किया हुआ पानी ही पिलाएं।
घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
बच्चों को फुल आस्तीन के कपड़े पहनाएं।
बाहर का खुला या बासी खाना देने से बचें।
ताजे फलों का रस और सुपाच्य भोजन दें।
पसीने से भीगे बच्चे को तुरंत एसी या कूलर की हवा में न बैठाएं।
बुखार होने पर मेडिकल स्टोर से बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न दें।
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वायरल बुखार से पीड़ित काफी बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं। मौसम में बदलाव के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यदि बच्चे में वायरल बुखार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
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- डॉ. भूमिका अरोड़ा, बाल रोग विशेषज्ञ।
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