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हांसी विधायक के भाई सहित पांच के खिलाफ अवैध कॉलोनी काटने पर केस दर्ज
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हॉर्स रेजिमेंट के इतिहास से जुड़े हांसी के ऐतिहासिक मेम के बाग का मामला फिर खुल गया है। जिला पुलिस ने डीटीपी की शिकायत पर छह महीने बाद हाईप्रोफाइल मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस ने कांग्रेस नेता ओमप्रकाश पंघाल, विधायक विनोद भयाना के भाई नरेंद्र भयाना, रमन भयाना, बिजेंद्र व हरिसिंह के खिलाफ हरियाणा अर्बन एरिया एक्ट की धारा 3, 7(1) व 7(2) के तहत सोमवार रात केस दर्ज किया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पुराने कचहरी चौक पर स्थित मेम के बाग के एक हिस्से पर द हिसार इंडिया कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी द्वारा कॉलोनी का निर्माण करवाया जा रहा था। नगर योजनाकार विभाग के मुताबिक करीब 26 कनाल क्षेत्र में ये कॉलोनी बगैर लाइसेंस व मंजूरी लिए अवैध रूप से काटी जा रही थी। डीटीपी द्वारा कॉलोनी में करवाए जा रहे निर्माण को ध्वस्त भी करवाया गया था। इस मामले में डीटीपी ने पिछले वर्ष जून महीने में जिला पुलिस हांसी को एफआईआर दर्ज करने के लिए 101 पेज की विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन कई महीनों तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। पुलिस ने करीब सात महीने बाद अवैध कॉलोनी काटने वाले सोसायटी के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने विधानसभा चुनाव में हांसी हलके से कांग्रेस प्रत्याशी रहे ओपी पंघाल, हरिसिंह, रमन भयाना, सचिव बिजेंद्र व भाजपा विधायक विनोद भयाना के भाई नरेंद्र भयाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
प्रवर्तन निदेशालय तक जा चुका है मामला
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक शिकायत जा चुकी है। ईडी द्वारा सोसायटी से जुड़े कुछ लोगों को समन भी भेजे गए थे। मामला उजागर होने के बाद कॉलोनी में निर्माण कार्य रोक दिया गया था। शहर के एक स्थानीय भाजपा नेता भी इस मामले में कार्रवाई के लिए कई दिनों से लगे हुए थे।
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101 पेजों की बड़ी रिपोर्ट भेजी
डीटीपी ने जिला पुलिस हांसी के पास मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों की 101 पेजों की विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट में जमाबंदी, रजिस्ट्री, कॉलोनी का प्लान, गूगल मैप, फोटोग्राफ आदि दस्तावेज संलग्न थे। डीटीपी के अधिकारियों ने पुलिस को इस क्षेत्र में निगरानी रखने के आदेश भी दिए हैं, ताकि नियमों के खिलाफ अवैध निर्माण ना हो सके।
यह है मामला
स्कीनर्स हॉर्स रेेजिमेंट के इतिहास से जुड़ी हांसी में मेम के बाग की जमीन थी। इस जमीन का मालिकाना हक विदेश में बैठे कुछ लोगों के पास था, जिन्होंने करीब 13 वर्ष पूर्व जमीन को कुछ लोगों को बेच दिया। इसके बाद से ही विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि यह जमीन गलत तरीके से बेची गई है। जमीन पर मालिकाना हक रखने वाले लोगों द्वारा बिना लाइसेंस लिए कॉलोनी काटना शुरू कर दिया गया, जिससे विवाद बढ़ गया।
डीटीपी की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- दलबीर सिंह, एसएचओ, शहर थाना, हांसी।
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उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पुराने कचहरी चौक पर स्थित मेम के बाग के एक हिस्से पर द हिसार इंडिया कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी द्वारा कॉलोनी का निर्माण करवाया जा रहा था। नगर योजनाकार विभाग के मुताबिक करीब 26 कनाल क्षेत्र में ये कॉलोनी बगैर लाइसेंस व मंजूरी लिए अवैध रूप से काटी जा रही थी। डीटीपी द्वारा कॉलोनी में करवाए जा रहे निर्माण को ध्वस्त भी करवाया गया था। इस मामले में डीटीपी ने पिछले वर्ष जून महीने में जिला पुलिस हांसी को एफआईआर दर्ज करने के लिए 101 पेज की विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी, लेकिन कई महीनों तक पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। पुलिस ने करीब सात महीने बाद अवैध कॉलोनी काटने वाले सोसायटी के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने विधानसभा चुनाव में हांसी हलके से कांग्रेस प्रत्याशी रहे ओपी पंघाल, हरिसिंह, रमन भयाना, सचिव बिजेंद्र व भाजपा विधायक विनोद भयाना के भाई नरेंद्र भयाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
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प्रवर्तन निदेशालय तक जा चुका है मामला
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक शिकायत जा चुकी है। ईडी द्वारा सोसायटी से जुड़े कुछ लोगों को समन भी भेजे गए थे। मामला उजागर होने के बाद कॉलोनी में निर्माण कार्य रोक दिया गया था। शहर के एक स्थानीय भाजपा नेता भी इस मामले में कार्रवाई के लिए कई दिनों से लगे हुए थे।
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101 पेजों की बड़ी रिपोर्ट भेजी
डीटीपी ने जिला पुलिस हांसी के पास मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों की 101 पेजों की विस्तृत रिपोर्ट भेजी थी। इस रिपोर्ट में जमाबंदी, रजिस्ट्री, कॉलोनी का प्लान, गूगल मैप, फोटोग्राफ आदि दस्तावेज संलग्न थे। डीटीपी के अधिकारियों ने पुलिस को इस क्षेत्र में निगरानी रखने के आदेश भी दिए हैं, ताकि नियमों के खिलाफ अवैध निर्माण ना हो सके।
यह है मामला
स्कीनर्स हॉर्स रेेजिमेंट के इतिहास से जुड़ी हांसी में मेम के बाग की जमीन थी। इस जमीन का मालिकाना हक विदेश में बैठे कुछ लोगों के पास था, जिन्होंने करीब 13 वर्ष पूर्व जमीन को कुछ लोगों को बेच दिया। इसके बाद से ही विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि यह जमीन गलत तरीके से बेची गई है। जमीन पर मालिकाना हक रखने वाले लोगों द्वारा बिना लाइसेंस लिए कॉलोनी काटना शुरू कर दिया गया, जिससे विवाद बढ़ गया।
डीटीपी की शिकायत पर पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- दलबीर सिंह, एसएचओ, शहर थाना, हांसी।