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Hisar News: भवन निर्माण मजदूर पोर्टल 9 महीने से ठप, लाभर्थी 33 कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित

Wed, 01 Apr 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Wed, 01 Apr 2026 12:45 AM IST
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Building construction workers' portal has been stalled for 9 months, beneficiaries deprived of the benefits of 33 welfare schemes
रवि घोड़ेला
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बालसमंद। श्रम विभाग की ओर से मजदूरों के लिए चलाई जा रहीं विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं पिछले 9 महीनों से ठप हैं। कार्य पर्ची (वर्क स्लिप) की जांच के लिए श्रम मंत्रालय की ओर पोर्टल को पिछले साल जून में बंद किया गया था लेकिन दोबारा शुरू नहीं किया गया है।
श्रमिक नेताओं के मुताबिक पोर्टल चालू न होने से मजदूरों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ नहीं मिला। पोर्टल शुरू करवाने के लिए विभिन्न यूनियन पदाधिकारी मंत्री अनिल विज से मिले लेकिन मजदूरों के हितों के लिए कोई फैसला नहीं लिया गया।
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पोर्टल बंद होने का सबसे ज्यादा नुकसान वर्ष 2025-26 के विद्यार्थियों को उठाना पड़ा है। उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सका और अब ये विद्यार्थी एक अप्रैल से अगले सत्र में प्रवेश कर रहे हैं। पोर्टल बंद होने से वास्तविक मजदूरों के हक भी अटक गए हैं। पहले इन योजनाओं के तहत मजदूरों को कई प्रकार के लाभ मिलते थे लेकिन मजदूर कन्यादान और छात्रवृति समेत अन्य लाभ से वंचित है। अब पोर्टल बंद होने से ये सभी सुविधाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं और मजदूर वर्ग में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संवाद
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ये लाभ देय
- मजदूर की मृत्यु पर 2 से 5 लाख रुपये की सहायता
- बोर्ड टॉपर छात्रों को 8,000 से 51,000 रुपये तक का इनाम
- कॉलेज छात्राओं को स्कूटी के लिए 51,000 रुपये
- साइकिल के लिए 5,000 रुपये
- औजार खरीदने के लिए 8,000 रुपये
- मजदूरों की बेटियों की शादी पर 1.01 लाख रुपये सहित 33 योजनाओं का लाभ शामिल है।
श्रम विभाग में करोड़ों का घोटाला उजागर
श्रम विभाग में हाल ही में 1,500 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। जांच के दौरान फर्जी लाभार्थियों के नाम पर बड़ी राशि निकालने का आरोप लगा। इसी कारण कार्य पर्ची की जांच शुरू की गई और पोर्टल को बंद किया गया। हालांकि, जांच लंबी खिंचने से असली मजदूर भी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं।

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मजदूरों के लाभ पर डाका
अमीरों की सरकार गरीब मजदूरों के हक पर डाका डाल रही है। पहले भवन निर्माण मजदूरों का पोर्टल बंद कर मजदूरों के लाभ रोके उसके बाद देशभर में मनरेगा के समतल भूमि के कार्य बंद किए। - सुरेश कुमार, मनरेगा मेट
मेरी बेटी ने बोर्ड परीक्षा में मेरिट हासिल की थी। इसलिए मेरी बेटी समेत कई युवा इस योजना के तहत आवेदन की हकदार हूं लेकिन अब तक पोर्टल शुरू न होने के कारण आवेदन तक नहीं कर सकी हूं। - सुनीता, रोहतक
मेरे चाचा की सामान्य मृत्यु हुई थी जिस पर सरकार की ओर से भवन निर्माण मजदूर योजना के तहत 2.15 लाख रुपये का लाभ दिया जाना था लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण फॉर्म नहीं भर पा रहा हूं। - अजय, सीसवाला
बेटी की शादी के बाद पोर्टल से कन्यादान का फॉर्म भरा था। फॉर्म शत प्रतिशत पूरा हो गया था। फॉर्म पास होने के बाद पोर्टल बंद कर दिया जिससे बेटी का कन्यादान आज तक नहीं मिला है। - सुनीता, रावलवास कलां।


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विभागीय आदेशों के अनुपालन में प्रदेशभर में भवन निर्माण श्रमिक मजदूरों का पोर्टल बंद है। आरोप की जांच जारी है। अभी पोर्टल खुलने संबंधी कोई विभागीय सूचना नहीं आई है। - विनोद कुमार, निरीक्षक, श्रम विभाग, हिसार।
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