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पीपीपी पर छोटे शहरों के एयरपोर्ट की लिस्ट में हिसार का एयरोड्रम
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Thu, 02 Feb 2017 12:59 AM IST
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एयरपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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बजट में छोटे शहरों के एयरपोर्ट को विकसित करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल को अपनाया जाएगा। जिसमें हरियाणा में एक एयरपोर्ट को चिह्नित किया गया है। यह एयरपोर्ट हिसार में विकसित किया जाएगा। पिछले बजट में अपने शहर को वाशिंग यार्ड मिला था।
वर्ष 2017 के बजट में छोटे शहरों के एयरपोर्ट पीपीपी पर विकसित करने की पॉलिसी का एलान किया है। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों में एयरपोर्ट विकसित करने की योजना थी। जिसमें किराया की दरों को सामान्य वर्ग की पहुंच तक लाने का एलान किया था। अब बजट में छोटे शहरों के एयरपोर्ट को लेकर पीपीपी की घोषणा से हिसार को काफी उम्मीदें हैं। प्रदेश में सबसे पहले हिसार में ही एयरपोर्ट विकसित किया जाना है। यहां एयरपोर्ट बनाने के लिए तमाम सहुलियते हैं। सीएम मनोहरलाल ने 2014 में इंटरनेेशनल एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद करीब 4 हजार से अधिक एकड़ जमीन को एयरपोर्ट के लिए दो साल पहले ही चिन्हित कर लिया गया था। इस दायरे में आने वाली जमीन पर निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध है। प्रतिबंधित दायरे में एनओसी नहीं दी जा रही। एयरपोर्ट की संभावनाओं को लेकर निजी कंपनी की ओर से 2016 में सर्वे कराया गया था। फिलहाल हिसार एयरोड्रम करीब की हवाई पट्टी की लंबाई करीब 4 हजार फीट है। जिसमें दो हैंगर हैं। प्रदेश सरकार की ओर से तीन नए हैंगर बनाए जा रहे हैं। जिस पर करीब साढे़ 8 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां नाइट लैंडिंग सुविधा इसी साल शुरू करने की तैयारी है। हिसार में एयरपोर्ट के साथ मेंटिनेंस एंड रिपेयरिंग ओवरहालिंग यूनिट बनाया जाएगा। एयरोसिटी विकसित करने के जीजेयू के साथ मिलकर एयरो इंजीनियरिंग से जुडे पाठ्यक्रम भी शुरू करने की प्लान विचाराधीन है। सिविल एवियेशन हरियाणा के हेड डॉ. महाबीर सिंह ने एयरपोर्ट की संभावनाओं को लेकर मंथन करने के बाद पूरे प्रोजेक्ट का खाका खींचा था। जिसके बाद प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया।
छोटे शहरों के एयरपोर्ट पर फोकस
केंद्र सरकार की एवियेशन पॉलिसी 2016 के तहत छोटे शहरों के एयरपोर्ट पर फोकस किया जाएगा। सरकार की इस योजना में देश भर के 370 एयरपोर्ट को चिह्नित किया गया था। पहले चरण में करीब 44 एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। 22 राज्यों के 30 एयरपोर्ट पीपीपी पर तैयार किए जाएंगे। बजट के बाद इस पर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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कहां कितने एयरपोर्ट होंगे विकसित....
-उत्तरप्रदेश में - 4
-महाराष्ट्र, वेस्ट बंगाल, असम में 3-3
-गुजरात, छत्तीसगढ, अरुणाचल 2-2
- बिहार, हिमाचल, मेघालय, कर्नाटक 2-2
- हरियाणा, एमपी, ओडिशा, उत्तराखंड- 1-1
- तेलंगाना, तमिलनाडू, पुंडूूचेरी, जेएंडके 1-1
- लक्ष्यद्वीप, दमन एंड दीव ---1-1
एयरपोर्ट पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का एलान एयरपोर्ट में किया गया है। देश के 42 शहरों में इस तरह से पीपीपी पर एयरपोर्ट डेवलेप होने हैं। जिसमें हरियाणा से हिसार का नाम है। अपने शहर के लिए यह सबसे बड़ा तोहफा होगा। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा बहुत जल्द शुरू होगी। इस साल हवाई पट्टी को लेकर काम शुरू कराएंगे।
- डॉ. कमल गुप्ता, मुख्य संसदीय सचिव , हरियाणा।
केंद्र सरकार की ओर से छोटे शहरों के एयरपोर्ट पीपीपी मॉडल पर बनाने का एलान है। जिसमें हिसार का प्रोजेक्ट पहले से केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है। हिसार में निश्चित तौर पर एयरपोर्ट बनेगा। सीएम मनोरहलाल की घोषणा के अनुसार यहां एयरोसिटी विकसित होनी है।
- कैप्टन अभिमन्यु, वित्तमंत्री, हरियाणा।
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वर्ष 2017 के बजट में छोटे शहरों के एयरपोर्ट पीपीपी पर विकसित करने की पॉलिसी का एलान किया है। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत छोटे शहरों में एयरपोर्ट विकसित करने की योजना थी। जिसमें किराया की दरों को सामान्य वर्ग की पहुंच तक लाने का एलान किया था। अब बजट में छोटे शहरों के एयरपोर्ट को लेकर पीपीपी की घोषणा से हिसार को काफी उम्मीदें हैं। प्रदेश में सबसे पहले हिसार में ही एयरपोर्ट विकसित किया जाना है। यहां एयरपोर्ट बनाने के लिए तमाम सहुलियते हैं। सीएम मनोहरलाल ने 2014 में इंटरनेेशनल एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद करीब 4 हजार से अधिक एकड़ जमीन को एयरपोर्ट के लिए दो साल पहले ही चिन्हित कर लिया गया था। इस दायरे में आने वाली जमीन पर निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध है। प्रतिबंधित दायरे में एनओसी नहीं दी जा रही। एयरपोर्ट की संभावनाओं को लेकर निजी कंपनी की ओर से 2016 में सर्वे कराया गया था। फिलहाल हिसार एयरोड्रम करीब की हवाई पट्टी की लंबाई करीब 4 हजार फीट है। जिसमें दो हैंगर हैं। प्रदेश सरकार की ओर से तीन नए हैंगर बनाए जा रहे हैं। जिस पर करीब साढे़ 8 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां नाइट लैंडिंग सुविधा इसी साल शुरू करने की तैयारी है। हिसार में एयरपोर्ट के साथ मेंटिनेंस एंड रिपेयरिंग ओवरहालिंग यूनिट बनाया जाएगा। एयरोसिटी विकसित करने के जीजेयू के साथ मिलकर एयरो इंजीनियरिंग से जुडे पाठ्यक्रम भी शुरू करने की प्लान विचाराधीन है। सिविल एवियेशन हरियाणा के हेड डॉ. महाबीर सिंह ने एयरपोर्ट की संभावनाओं को लेकर मंथन करने के बाद पूरे प्रोजेक्ट का खाका खींचा था। जिसके बाद प्रस्ताव सरकार के पास भेजा गया।
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छोटे शहरों के एयरपोर्ट पर फोकस
केंद्र सरकार की एवियेशन पॉलिसी 2016 के तहत छोटे शहरों के एयरपोर्ट पर फोकस किया जाएगा। सरकार की इस योजना में देश भर के 370 एयरपोर्ट को चिह्नित किया गया था। पहले चरण में करीब 44 एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। 22 राज्यों के 30 एयरपोर्ट पीपीपी पर तैयार किए जाएंगे। बजट के बाद इस पर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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कहां कितने एयरपोर्ट होंगे विकसित....
-उत्तरप्रदेश में - 4
-महाराष्ट्र, वेस्ट बंगाल, असम में 3-3
-गुजरात, छत्तीसगढ, अरुणाचल 2-2
- बिहार, हिमाचल, मेघालय, कर्नाटक 2-2
- हरियाणा, एमपी, ओडिशा, उत्तराखंड- 1-1
- तेलंगाना, तमिलनाडू, पुंडूूचेरी, जेएंडके 1-1
- लक्ष्यद्वीप, दमन एंड दीव ---1-1
एयरपोर्ट पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का एलान एयरपोर्ट में किया गया है। देश के 42 शहरों में इस तरह से पीपीपी पर एयरपोर्ट डेवलेप होने हैं। जिसमें हरियाणा से हिसार का नाम है। अपने शहर के लिए यह सबसे बड़ा तोहफा होगा। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा बहुत जल्द शुरू होगी। इस साल हवाई पट्टी को लेकर काम शुरू कराएंगे।
- डॉ. कमल गुप्ता, मुख्य संसदीय सचिव , हरियाणा।
केंद्र सरकार की ओर से छोटे शहरों के एयरपोर्ट पीपीपी मॉडल पर बनाने का एलान है। जिसमें हिसार का प्रोजेक्ट पहले से केंद्र सरकार के पास विचाराधीन है। हिसार में निश्चित तौर पर एयरपोर्ट बनेगा। सीएम मनोरहलाल की घोषणा के अनुसार यहां एयरोसिटी विकसित होनी है।
- कैप्टन अभिमन्यु, वित्तमंत्री, हरियाणा।