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Hisar News: प्रदूषण पर ब्रेक...अब बैटरी चालित वाहनों से उठेगा शहर का कचरा
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हिसार। शहर में बैटरी चालित गाड़ियों से कचरे का उठान किया जाएगा। नगर निगम की तरफ से वार्ड 11 से 20 के लिए लगाए डोर टू डोर के टेंडर में यह शर्त रखी गई है। नगर निगम ने पर्यावरण सरंक्षण के लिहाज से यह कदम उठाया है।
बता दें कि अभी तक नगर निगम की तरफ से डोर टू डोर कचरा उठाने के लिए लगाए गए टेंडर में ऐसी कोई शर्त नहीं रखी जाती थी। इस पर ठेकेदार कचरा उठान के लिए डीजल चालित गाड़ियों का ही इस्तेमाल करते रहे हैं। निगम की मानें तो डीजल चालित गाड़ियां प्रदूषण ज्यादा करती हैं। इसे देखते हुए निगम ने नए टेंडर में यह शर्त रखी है।
10 जून को खुलेगा टेंडर
निगम की तरफ से वार्ड 11 से 20 के लिए लगाया गया टेंडर 10 जून को खुलेगा। डोर टू डोर कचरा उठान का यह टेंडर 7 साल के लिए लगाया गया है। जिस एजेंसी को यह टेंडर अलॉट किया जाएगा, वह एजेंसी लगातार 7 साल तक इन वार्डों से कचरा उठाएगी। इसके लिए 30.34 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इन वार्डों का पुराना टेंडर 30 जून को खत्म हो जाएगा। वार्ड 11 से 20 से प्रतिदिन 116 टन कचरा निकलता है। वहीं वार्ड 1 से 10 का टेंडर अगस्त में खत्म होगा। इन वार्डों से प्रतिदिन 100 टन कचरा निकलता है।
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कचरा निस्तारण के लिए 10 साल के लिए लगेगा टेंडर
इस बार कचरा निस्तारण के लिए भी अलग से टेंडर लगाया जाएगा। अभी तक यह एक साल के लिए ही लगाया जाता रहा है। इसके अलावा जो एजेंसी घरों से कचरा उठाती रही है, उसे ही कचरे का निस्तारण भी करवाया जाता है। मगर इस बार से यह अलग से टेंडर लगाया जाएगा। हालांकि अभी तक मुख्यालय से इसके एस्टीमेट को मंजूरी नहीं मिली है।
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घरों से कचरा उठान के हिसाब से होगा भुगतान
इसके अलावा नए टेंडर में एक और नया प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार ठेकेदार को घरों की संख्या के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। मतलब ठेकेदार जितने घरों से कचरा उठाएगा, उसी के मुताबिक उसे पेमेंट की जाएगी। अभी तक कचरे के भार के हिसाब से एजेंसी को भुगतान किया जाता रहा है। मगर इसमें शिकायत आती थी कि ठेकेदार कचरे में पत्थर व रोड़े आदि भरकर उसका भार ज्यादा दिखा देता था।
वार्ड 11 से 20 का टेंडर जिस एजेंसी को अलॉट होगा, उस एजेंसी को कचरा उठान के लिए ई व्हीकल का इस्तेमाल करना होगा। - नीरज, निगमायुक्त
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बता दें कि अभी तक नगर निगम की तरफ से डोर टू डोर कचरा उठाने के लिए लगाए गए टेंडर में ऐसी कोई शर्त नहीं रखी जाती थी। इस पर ठेकेदार कचरा उठान के लिए डीजल चालित गाड़ियों का ही इस्तेमाल करते रहे हैं। निगम की मानें तो डीजल चालित गाड़ियां प्रदूषण ज्यादा करती हैं। इसे देखते हुए निगम ने नए टेंडर में यह शर्त रखी है।
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10 जून को खुलेगा टेंडर
निगम की तरफ से वार्ड 11 से 20 के लिए लगाया गया टेंडर 10 जून को खुलेगा। डोर टू डोर कचरा उठान का यह टेंडर 7 साल के लिए लगाया गया है। जिस एजेंसी को यह टेंडर अलॉट किया जाएगा, वह एजेंसी लगातार 7 साल तक इन वार्डों से कचरा उठाएगी। इसके लिए 30.34 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इन वार्डों का पुराना टेंडर 30 जून को खत्म हो जाएगा। वार्ड 11 से 20 से प्रतिदिन 116 टन कचरा निकलता है। वहीं वार्ड 1 से 10 का टेंडर अगस्त में खत्म होगा। इन वार्डों से प्रतिदिन 100 टन कचरा निकलता है।
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कचरा निस्तारण के लिए 10 साल के लिए लगेगा टेंडर
इस बार कचरा निस्तारण के लिए भी अलग से टेंडर लगाया जाएगा। अभी तक यह एक साल के लिए ही लगाया जाता रहा है। इसके अलावा जो एजेंसी घरों से कचरा उठाती रही है, उसे ही कचरे का निस्तारण भी करवाया जाता है। मगर इस बार से यह अलग से टेंडर लगाया जाएगा। हालांकि अभी तक मुख्यालय से इसके एस्टीमेट को मंजूरी नहीं मिली है।
घरों से कचरा उठान के हिसाब से होगा भुगतान
इसके अलावा नए टेंडर में एक और नया प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार ठेकेदार को घरों की संख्या के हिसाब से भुगतान किया जाएगा। मतलब ठेकेदार जितने घरों से कचरा उठाएगा, उसी के मुताबिक उसे पेमेंट की जाएगी। अभी तक कचरे के भार के हिसाब से एजेंसी को भुगतान किया जाता रहा है। मगर इसमें शिकायत आती थी कि ठेकेदार कचरे में पत्थर व रोड़े आदि भरकर उसका भार ज्यादा दिखा देता था।
वार्ड 11 से 20 का टेंडर जिस एजेंसी को अलॉट होगा, उस एजेंसी को कचरा उठान के लिए ई व्हीकल का इस्तेमाल करना होगा। - नीरज, निगमायुक्त