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Hisar News: बिना रिंग व ग्लब्स के पंच मार रहे बॉक्सर
Thu, 16 Nov 2023 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:06 PM IST
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महाबीर स्टेडियम में बिना गलब्स प्रैक्टिस करते बॉक्सर। संवाद
हिसार।
इसे खेल अधिकारियों की लापरवाही कहे या फिर खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़। महाबीर स्टेडियम में बिना रिंग व ग्लब्स के बॉक्सर पंच मारना सीख रहे हैं। यहां सुविधाओं के अभाव में 40 खिलाड़ियों ने महाबीर स्टेडियम छोड़ प्राइवेट एकेडमी ज्वाइन कर ली है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो भविष्य में स्टेडियम में बॉक्सिंग खत्म हो जाएगी। महाबीर स्टेडियम में वर्तमान में 35 से 40 खिलाड़ी बॉक्सिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। बता दें, कि महाबीर स्टेडियम में खिलाड़ियों को सुविधाओं देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। मगर हकीकत कुछ और है। बॉक्सिंग खिलाड़ियाें के पास रिंग, ग्लब्स से लेकर हेड गार्ड तक नहीं हैं। अभ्यास के समय खिलाड़ी चोटिल हो सकते हैं। खिलाड़ी कई बार खेल सामान की मांग कर चुके हैं, मगर हर बार खिलाड़ियों को कोरा आश्वासन मिल रहा है।
महाबीर स्टेडियम में एक साल पहले बॉक्सिंग का रिंग था, मगर बॉक्सिंग की एक नर्सरी गांव कैमरी में खुल गई। ऐसे में यहां से रिंग को कैमरी नर्सरी में शिफ्ट कर दिया गया। स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे बॉक्सरों की सुविधा की तरफ किसी भी खेल अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। एक साल से खिलाड़ी बिना रिंग ही प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे में उनके प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है।
कई बार भेजी जा चुकी खेल सामान की डिमांड
महाबीर स्टेडियम में फुटबाल सहित अन्य खेलों का सामान काफी समय पहले खत्म हो चुका है। कई खिलाड़ी अपने स्तर पर सामान खरीद प्रैक्टिस कर रहे हैं। खेल विभाग की ओर से करीब चार साल से खेल सामग्री नहीं पहुंची हैं। कई बार कोच की ओर से भी खेल सामग्री की डिमांड भेजी गई। खेल अधिकारियों ने भी रिमाइंडर भेजे। बावजूद आज तक महाबीर स्टेडियम में खेलों का सामान नहीं पहुंचा है।
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बॉक्सिंग का एक ही रिंग था, फिलहाल वह कैमरी नर्सरी में है। हमारी ओर से कई बार खेल सामान की डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही सामान पहुंचने की उम्मीद है और खिलाड़ियों को रिंग मिलेगा। -
जगदीप सिंह, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी
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इसे खेल अधिकारियों की लापरवाही कहे या फिर खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़। महाबीर स्टेडियम में बिना रिंग व ग्लब्स के बॉक्सर पंच मारना सीख रहे हैं। यहां सुविधाओं के अभाव में 40 खिलाड़ियों ने महाबीर स्टेडियम छोड़ प्राइवेट एकेडमी ज्वाइन कर ली है। यदि ऐसा ही चलता रहा तो भविष्य में स्टेडियम में बॉक्सिंग खत्म हो जाएगी। महाबीर स्टेडियम में वर्तमान में 35 से 40 खिलाड़ी बॉक्सिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं। बता दें, कि महाबीर स्टेडियम में खिलाड़ियों को सुविधाओं देने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। मगर हकीकत कुछ और है। बॉक्सिंग खिलाड़ियाें के पास रिंग, ग्लब्स से लेकर हेड गार्ड तक नहीं हैं। अभ्यास के समय खिलाड़ी चोटिल हो सकते हैं। खिलाड़ी कई बार खेल सामान की मांग कर चुके हैं, मगर हर बार खिलाड़ियों को कोरा आश्वासन मिल रहा है।
महाबीर स्टेडियम में एक साल पहले बॉक्सिंग का रिंग था, मगर बॉक्सिंग की एक नर्सरी गांव कैमरी में खुल गई। ऐसे में यहां से रिंग को कैमरी नर्सरी में शिफ्ट कर दिया गया। स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रहे बॉक्सरों की सुविधा की तरफ किसी भी खेल अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। एक साल से खिलाड़ी बिना रिंग ही प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे में उनके प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है।
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कई बार भेजी जा चुकी खेल सामान की डिमांड
महाबीर स्टेडियम में फुटबाल सहित अन्य खेलों का सामान काफी समय पहले खत्म हो चुका है। कई खिलाड़ी अपने स्तर पर सामान खरीद प्रैक्टिस कर रहे हैं। खेल विभाग की ओर से करीब चार साल से खेल सामग्री नहीं पहुंची हैं। कई बार कोच की ओर से भी खेल सामग्री की डिमांड भेजी गई। खेल अधिकारियों ने भी रिमाइंडर भेजे। बावजूद आज तक महाबीर स्टेडियम में खेलों का सामान नहीं पहुंचा है।
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बॉक्सिंग का एक ही रिंग था, फिलहाल वह कैमरी नर्सरी में है। हमारी ओर से कई बार खेल सामान की डिमांड भेजी जा चुकी है। जल्द ही सामान पहुंचने की उम्मीद है और खिलाड़ियों को रिंग मिलेगा। -
जगदीप सिंह, कार्यकारी जिला खेल अधिकारी