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ढंढूर की बहू घूंघट की ओट से निकल बॉक्सिंग में दिखा रही दमखम
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Sun, 22 Jan 2017 11:59 PM IST
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Savita
- फोटो : Bureau
ये कहानी पांच बार विश्व चैंपियन रही महिला बॉक्सर मैरीकॉम की तो नहीं, लेकिन मैरीकॉम से ही इंस्पायर्ड एक ऐसी ग्रामीण लड़की की है, जिसने आर्थिक तंगी, बाल विवाह, पिता की मौत और ग्रामीण परिवेश जैसी समस्याओं से निकलकर बॉक्सिंग में अपनी एक अलग पहचान कायम की। हम बात कर रहे हैं एफसी कॉलेज में फाइनल ईयर की छात्रा सविता की। सविता ने हाल ही में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित इंटर कॉलेज बॉक्सिंग चैंपियनशिप में रजत पदक प्राप्त कर न केवल अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, साथ ही उन हजारों जुबानों पर भी ताले लगा दिए, जो कभी उनके जुनून पर खिल्ली उड़ाया करते थे।
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शादी के बाद पढ़ाई पूरी की
मूल रूप से गांव नारनौंद निवासी सविता के परिवार के आर्थिक हालात कुछ अधिक अच्छे नहीं थे। उस पर पिता की बीमारी के कारण वर्ष 2008 में कक्षा नौंवी की पढ़ाई के बाद उसकी शादी कर दी गई। लेकिन सविता ने पढ़ाई की इच्छा जाहिर की तो उसके पति ने उसका साथ देते हुए उसको दसवीं की पढ़ाई करवाई। दो बच्चे होते हुए भी सविता ने 64 प्रतिशत अंकों के साथ अपनी दसवीं की परीक्षा पास की। इसके बाद प्रथम श्रेणी से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की।
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सहेली को खेलते देख मन में आया खेलने का विचार
सविता ने बताया कि 12वीं कक्षा के दौरान महिला पहलवानों को देखकर उसके मन में भी खेलने की कसक उठी। यहां पर भी पति अशोक कुमार ने सहयोग किया और सविता बॉक्सिंग के रिंग में उतर पड़ी। सुबह लोगों के उठने से पहले पति के साथ गांव के बाहर लंबी दौड़ और फिर पति के साथ ही बॉक्सिंग का अभ्यास आखिर रंग लाया। पिछले वर्ष हुई इंटर कॉलेज बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीत हासिल की। वहीं सविता ने अभी हाल ही में आयोजित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की इंटर कॉलेज चैंपियनशिप में भी रजत पदक प्राप्त किया।
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पति का सहयोग नहीं मिलता तो राह नहीं थी आसान : सविता
सविता कहती हैं कि उनके इस संघर्ष में पति अशोक कुमार का पूरा साथ रहा। बच्चों को छोड़कर स्कूल में पढ़ने जाना और ग्रामीणों के कटाक्ष के बीच उसके पति अशोक कुमार ने उसे हमेशा हौसला दिया। हालांकि शुरुआती दिनों में उसकी सास उसकी पढ़ाई के खिलाफ थी, लेकिन बहु की प्रतिभा को देखते हुए उसने भी अपनी बंदिशें हटा लीं। इसके बाद घूंघट में दिखने वाली सविता ट्रैक सूट पहने नजर आने लगी। सविता अपने साथ बच्चों को भी बॉक्सिंग की ट्रेनिंग देती है।