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पोक्सो एक्ट में पीड़िता को रात 9 बजे तक एएसपी कार्यालय में बिना महिला पुलिसकर्मी के बैठाने का आरोप
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हिसार। मिलगेट थाने में तीन जून को पोक्सो एक्ट के तहत दर्ज मामले में पीड़ित पक्ष को एएसपी कार्यालय में बुलाकर देर रात तक बिना महिला पुलिसकर्मी के बैठाने और रीडर पर मामले में समझौते का दबाव बनाने का आरोप लगा है।
उल्लेखनीय है कि शहर निवासी एक नाबालिग ने मिलगेट थाना पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि उसकी गली में सब्जी बेचने वाले युवक ने उसका मोबाइल नंबर कहीं से ले लिया और उसे आपत्तिजनक संदेश व कॉल की। पीड़िता ने इसबारे में अपनी माता को बताया। आरोपी को पीड़िता की मौसी के घर बुलाया गया था। यहां आरोपी ने माफी मांग ली थी। पीड़िता ने बताया था कि दो जून की रात करीब 11 बजे आरोपी उसके घर पहुंचा। पीड़िता की माता ने गेट बंद कर लिया। उसके कुछ देर बाद आरोपी दोबारा एक कार में अपने साथी के आया और उनके घर में घुस गया। आरोपी ने उसकी माता को धक्का देकर गिरा दिया। आरोपी उसे जबरन उठाकर ले जाने लगे तो वहां उसकी मौसी-मौसा व एक अन्य ने उसे छुड़वाया। आरोपी का साथी वहां से फरार होकर अपने व आरोपी दोस्त के माता-पिता को वहां ले आया। दोनों आरोपियों के परिवार वालों ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। पुलिस के आने की सूचना पर आरोपी सभी को जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों व उनके माता-पिता के खिलाफ धारा 323, 354ए, 366ए, 452, 506 व पोक्सो एक्ट में केस दर्ज हुआ था। पीड़ित पक्ष ने बताया कि इस मामले की पीड़ित नाबालिग छात्रा के 4 जून को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हो चुके हैं। मामले को खुद एएसपी उपासना देख रही है, लेकिन फिर भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 14 जून को आरोपी खुद झगड़े के दौरान इस्तेमाल की वेगनआर गाड़ी चलाकर पीड़िता के घर समझौते के लिए पंचायत लेकर आया।
पीड़ित पक्ष ने बताया कि मंगलवार को पीड़िता व गवाहों को एएसपी उपासना के रीडर मनजीत व राजेश ने बयान लेने के लिए कायार्लय बुलाया। पीड़िता अपनी मां व दो पड़ोसी गवाहों के साथ दोपहर 2 बजे एएसपी कार्यालय गई थी। आरोप है कि इस दौरान पीड़िता व गवाहों को रीडर मनजीत व राजेश ने डराया-धमकाया और समझौते का दबाव बनाया। बिना महिला पुलिसकर्मी के सात घंटे बाद रात 9 बजे पीड़िता को घर भेजा गया। आरोप है कि पुलिस आरोपियों के साथ मिली है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि एसएसपी उपासना ने खुद मौका मुआयना किया था। घटना वाली रात को पुलिस पीसीआर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को पकड़ने की कोशिश भी की थी, पर आरोपी गाड़ी लेकर भाग गए थे। आरोपियों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके थे।
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पुलिस पर लगे आरोप निराधार
पुलिस पर लगे आरोप निराधार हैं। किसी प्रकार के समझौते का दबाव नहीं बनाया गया। उन्हें साढ़े सात बजे ही भेज दिया गया था। मामले में जांच जारी है। जो भी दोषी होगा उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
- एएसपी उपासना, हिसार।
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उल्लेखनीय है कि शहर निवासी एक नाबालिग ने मिलगेट थाना पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया था कि उसकी गली में सब्जी बेचने वाले युवक ने उसका मोबाइल नंबर कहीं से ले लिया और उसे आपत्तिजनक संदेश व कॉल की। पीड़िता ने इसबारे में अपनी माता को बताया। आरोपी को पीड़िता की मौसी के घर बुलाया गया था। यहां आरोपी ने माफी मांग ली थी। पीड़िता ने बताया था कि दो जून की रात करीब 11 बजे आरोपी उसके घर पहुंचा। पीड़िता की माता ने गेट बंद कर लिया। उसके कुछ देर बाद आरोपी दोबारा एक कार में अपने साथी के आया और उनके घर में घुस गया। आरोपी ने उसकी माता को धक्का देकर गिरा दिया। आरोपी उसे जबरन उठाकर ले जाने लगे तो वहां उसकी मौसी-मौसा व एक अन्य ने उसे छुड़वाया। आरोपी का साथी वहां से फरार होकर अपने व आरोपी दोस्त के माता-पिता को वहां ले आया। दोनों आरोपियों के परिवार वालों ने उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। पुलिस के आने की सूचना पर आरोपी सभी को जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों व उनके माता-पिता के खिलाफ धारा 323, 354ए, 366ए, 452, 506 व पोक्सो एक्ट में केस दर्ज हुआ था। पीड़ित पक्ष ने बताया कि इस मामले की पीड़ित नाबालिग छात्रा के 4 जून को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान हो चुके हैं। मामले को खुद एएसपी उपासना देख रही है, लेकिन फिर भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि 14 जून को आरोपी खुद झगड़े के दौरान इस्तेमाल की वेगनआर गाड़ी चलाकर पीड़िता के घर समझौते के लिए पंचायत लेकर आया।
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पीड़ित पक्ष ने बताया कि मंगलवार को पीड़िता व गवाहों को एएसपी उपासना के रीडर मनजीत व राजेश ने बयान लेने के लिए कायार्लय बुलाया। पीड़िता अपनी मां व दो पड़ोसी गवाहों के साथ दोपहर 2 बजे एएसपी कार्यालय गई थी। आरोप है कि इस दौरान पीड़िता व गवाहों को रीडर मनजीत व राजेश ने डराया-धमकाया और समझौते का दबाव बनाया। बिना महिला पुलिसकर्मी के सात घंटे बाद रात 9 बजे पीड़िता को घर भेजा गया। आरोप है कि पुलिस आरोपियों के साथ मिली है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि एसएसपी उपासना ने खुद मौका मुआयना किया था। घटना वाली रात को पुलिस पीसीआर कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को पकड़ने की कोशिश भी की थी, पर आरोपी गाड़ी लेकर भाग गए थे। आरोपियों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके थे।
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पुलिस पर लगे आरोप निराधार
पुलिस पर लगे आरोप निराधार हैं। किसी प्रकार के समझौते का दबाव नहीं बनाया गया। उन्हें साढ़े सात बजे ही भेज दिया गया था। मामले में जांच जारी है। जो भी दोषी होगा उसे जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
- एएसपी उपासना, हिसार।