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दूसरे दिन भी शव रखकर बैठे रहे भगाणा के लोग

Sat, 13 Feb 2016 02:13 AM IST
अमर उजाला हिसार / ब्यूरो
अमर उजाला हिसार / ब्यूरो Updated Sat, 13 Feb 2016 02:13 AM IST
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Bhagana Case : protest continue in second day

भगाणा गांव के पीड़ित दूसरे दिन भी हिसार स्थित लघु सचिवालय के सामने 28 वर्षीय मृतक मनोज का शव रखकर धरने पर बैठे रहे। उन्होंने एलान किया है कि वे तब तक शव का दाह संस्कार नहीं करेंगे जब तक प्रशासन उन पर जुल्म ढाहने वालों पर कार्रवाई नहीं करेगा। प्रशासन ने धरना स्थल पर पहुंचकर दो दौर की वार्ता की मगर धरनारत लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। वहीं प्रशासन ने इस मामले को लेकर धारा 144 लागू कर दी है और तहसीलदार को ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।

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न नौकरी चाहिए न ही आर्थिक मदद

धरना स्थल पर बैठे भगाणा के पीड़ितों से दोपहर को करीब ढाई बजे बरवाला तहसीलदार मिलने के लिए पहुंचे। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही। उनकी मांगें भी सरकार के पास भिजवाने का आश्वासन दिया गया। मगर धरने पर बैठे लोग जिद पर अड़े रहे।

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इसके बाद करीब सवा चार बजे एसडीएम अशोक बंसल व डीएसपी सिटी जयपाल सिंह दोबारा बातचीत करने भगाणा के पीड़ितों के पास लघु सचिवालय स्थित धरना स्थल पर पहुंचे। धरने पर बैठे मृतक मनोज के पिता बलराज ने कहा कि हमें न तो सरकारी नौकरी चाहिए और न ही आर्थिक मदद। सामाजिक बहिष्कार करने वाली गांव भगाणा की पंचायत व खाप पंचायत के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही की जाए। दूसरा जिन परिवारों का बहिष्कार किया गया उनके लिए पुनर्वास की व्यवस्था की जाए।

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बहुजन आजाद मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष संजय चौहान ने बताया कि गांव भगाणा के पीड़ित परिवार से मिलने बरवाला के एसडीएम व पुलिस प्रशासन के अधिकारी पहुंचे, जिनके समक्ष पीड़ित परिवार व भगाणा के पीड़ितों ने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि 21 मई 2012 से सामाजिक बहिष्कृत पीड़ित सभी परिवारों का शिक्षा, सुरक्षा व रोजगार के साथ उनका हिसार शहर या गांव के टिब्बे वाली जमीन पर पुनर्वास करवाया जाए। सभी पीड़ित परिवारों की 4 साल में हुई आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए।


यह है मामला

भगाणा गांव के युवक मनोज की बीमारी के कारण बुधवार रात को दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी। भगाणा कांड के पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि वह पिछले चार साल से धरने पर बैठा है। मृत्यु के बाद वीरवार दोपहर बाद दिल्ली से मनोज का शव लाकर भगाणा के धरनारत लोगों ने हिसार स्थित लघु सचिवालय के सामने रख दिया।

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