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जीजेयू के हॉस्टल में बीटेक के छात्र की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Mon, 15 Jun 2015 01:01 AM IST
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सिसकता पिता और बिलखती मां। घर के इकलौते चिराग के बुझ जाने के गम और अपने होनहार बेटे के शव को देखकर पिता के मुंह से बस इतना ही निकला, ... सब खत्म हो गया।
मां ने कहा, मेरा सब कुछ लुट गया और उनकी तबीयत खराब हो गई। यह दृश्य किसी फिल्म के दौरान नहीं, बल्कि रविवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के हॉस्टल में बीटेक छात्र विनीत की मौत के बाद नजर आया।
गौरतलब है कि जीजेयू के हॉस्टल नंबर एक के कमरा नंबर 91 में रविवार सुबह बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के छात्र विनीत ने कमरे के पंखे से फंदा लगाकर फांसी लगा जान दे दी।
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विनीत ने घर आने की बात कही थी। जब विनीत घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने रात को सिक्योरिटी गार्ड व इंचार्ज को बताया कि उनका बेटा घर नहीं पहुंचा है और वह हॉस्टल के किसी कमरे में है।
इसके बाद देर रात परिजन सिक्योरिटी गार्ड के साथ मिलकर हॉस्टल में विनीत के कमरे पर गए। कमरे के गेट पर ताला लगा हुआ था। ऐसे में उन्होंने साथ लगते कमरा नंबर 93 के छात्र को उठाया और कमरे के पीछे बनी बालकनी से विनीत के कमरे में देखने की कोशिश की।
अंधेरा होने के कारण परिजनों को कुछ दिखाई नहीं दिया। जिसके बाद हॉस्टल के अन्य कमरों की तलाशी ली गई, लेकिन उन्हें विनीत नहीं मिला। सुबह 9 बजे के करीब सिक्योरिटी गार्ड को लेकर परिजन फिर से विनीत के कमरे पर पहुंचे। उसके बाद 93 नंबर कमरे से होते हुए बालकनी में गए।
वहां से उन्होंने कमरे की खिड़की पर लगे कागजों को हटाया तो देखा विनीत का शव पंखे के हुक से लटका हुआ दिखाई दिया। इसके बाद सिक्योरिटी ने विवि प्रशासन के आलाधिकारियों व पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस व फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने पहले कमरे के मुख्यगेट का ताला तोड़ कर गेट खोलने का प्रयास किया, लेकिन गेट अंदर से बंद था। ऐसे में पुलिस मृतक के पिता के सामने बालकनी के गेट को तोड़कर अंदर गई, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम ने जांच की। फिर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
सीडीएस टेस्ट किया था क्लियर
विनीत के पिता सिल्कराम ने बताया कि विनीत उनका इकलौता पुत्र था। विनीत की एक बहन है जो पीएचडी कर रही है। एयरफोर्स से सेवानिवृत्त विनीत के पिता बिजली निगम में काम करते हैं।
उन्होंने बताया कि विनीत ने कुछ समय पहले सीडीएस का टेस्ट क्लियर किया था। इसके साथ ही उसकी कैंपस प्लेसमेंट के तहत गुड़गांव की एक निजी कंपनी में जॉब भी लग गई थी। लेकिन उसने अभी तक ज्वाइन नहीं किया था।
मौन हो गए पिता
रविवार सुबह सिक्योरिटी के साथ विनीत के पिता व मां दोनों कमरा नंबर 91 में उसे देखने के लिए गए थे। दोनों ने कमरे की खिड़की से कागज हटा कर जब विनीत को पंखे के हुक से लटका हुआ देखा।
तब विनीत के पिता के मुंह से बस यही निकला ... सब खत्म हो गया। वहीं उसकी मां की तबीयत खराब हो गई और जीजेयू के गेस्ट हाउस ले जाया गया। विनीत की मौत के बाद उसके पिता ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली और पुलिस के अलावा किसी से कोई बात नहीं की।
आखिर क्यों लिया निर्णय
फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट व चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार विनीत को फांसी लगाए हुए रविवार सुबह साढ़े नौ बजे तक 12 घंटे से ज्यादा का समय हो गया था।
इसी रिपोर्ट से पता लगता है कि विनीत ने शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे परिजनों से अंतिम बार बातचीत की। संभवत: इसी के बाद उसने फांसी लगाने का निर्णय लिया होगा।
अब यह निर्णय उसने क्यों लिया, अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया। मृतक विनीत ने फांसी लगाते समय पैरों में जूते पहने हुए थे। जैसे वह कहीं जाने की तैयारी कर रहा हो।
उसके पर्स से पुलिस को ड्राइविंग लाइसेंस और पांच सौ रुपये बरामद हुए। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ, जिसके चलते विनीत की मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया।
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मां ने कहा, मेरा सब कुछ लुट गया और उनकी तबीयत खराब हो गई। यह दृश्य किसी फिल्म के दौरान नहीं, बल्कि रविवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के हॉस्टल में बीटेक छात्र विनीत की मौत के बाद नजर आया।
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गौरतलब है कि जीजेयू के हॉस्टल नंबर एक के कमरा नंबर 91 में रविवार सुबह बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के छात्र विनीत ने कमरे के पंखे से फंदा लगाकर फांसी लगा जान दे दी।
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विनीत ने घर आने की बात कही थी। जब विनीत घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने रात को सिक्योरिटी गार्ड व इंचार्ज को बताया कि उनका बेटा घर नहीं पहुंचा है और वह हॉस्टल के किसी कमरे में है।
इसके बाद देर रात परिजन सिक्योरिटी गार्ड के साथ मिलकर हॉस्टल में विनीत के कमरे पर गए। कमरे के गेट पर ताला लगा हुआ था। ऐसे में उन्होंने साथ लगते कमरा नंबर 93 के छात्र को उठाया और कमरे के पीछे बनी बालकनी से विनीत के कमरे में देखने की कोशिश की।
अंधेरा होने के कारण परिजनों को कुछ दिखाई नहीं दिया। जिसके बाद हॉस्टल के अन्य कमरों की तलाशी ली गई, लेकिन उन्हें विनीत नहीं मिला। सुबह 9 बजे के करीब सिक्योरिटी गार्ड को लेकर परिजन फिर से विनीत के कमरे पर पहुंचे। उसके बाद 93 नंबर कमरे से होते हुए बालकनी में गए।
वहां से उन्होंने कमरे की खिड़की पर लगे कागजों को हटाया तो देखा विनीत का शव पंखे के हुक से लटका हुआ दिखाई दिया। इसके बाद सिक्योरिटी ने विवि प्रशासन के आलाधिकारियों व पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस व फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस ने पहले कमरे के मुख्यगेट का ताला तोड़ कर गेट खोलने का प्रयास किया, लेकिन गेट अंदर से बंद था। ऐसे में पुलिस मृतक के पिता के सामने बालकनी के गेट को तोड़कर अंदर गई, जिसके बाद फॉरेंसिक टीम ने जांच की। फिर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।
सीडीएस टेस्ट किया था क्लियर
विनीत के पिता सिल्कराम ने बताया कि विनीत उनका इकलौता पुत्र था। विनीत की एक बहन है जो पीएचडी कर रही है। एयरफोर्स से सेवानिवृत्त विनीत के पिता बिजली निगम में काम करते हैं।
उन्होंने बताया कि विनीत ने कुछ समय पहले सीडीएस का टेस्ट क्लियर किया था। इसके साथ ही उसकी कैंपस प्लेसमेंट के तहत गुड़गांव की एक निजी कंपनी में जॉब भी लग गई थी। लेकिन उसने अभी तक ज्वाइन नहीं किया था।
मौन हो गए पिता
रविवार सुबह सिक्योरिटी के साथ विनीत के पिता व मां दोनों कमरा नंबर 91 में उसे देखने के लिए गए थे। दोनों ने कमरे की खिड़की से कागज हटा कर जब विनीत को पंखे के हुक से लटका हुआ देखा।
तब विनीत के पिता के मुंह से बस यही निकला ... सब खत्म हो गया। वहीं उसकी मां की तबीयत खराब हो गई और जीजेयू के गेस्ट हाउस ले जाया गया। विनीत की मौत के बाद उसके पिता ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली और पुलिस के अलावा किसी से कोई बात नहीं की।
आखिर क्यों लिया निर्णय
फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट व चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार विनीत को फांसी लगाए हुए रविवार सुबह साढ़े नौ बजे तक 12 घंटे से ज्यादा का समय हो गया था।
इसी रिपोर्ट से पता लगता है कि विनीत ने शनिवार सुबह साढ़े नौ बजे परिजनों से अंतिम बार बातचीत की। संभवत: इसी के बाद उसने फांसी लगाने का निर्णय लिया होगा।
अब यह निर्णय उसने क्यों लिया, अभी इसका खुलासा नहीं हो पाया। मृतक विनीत ने फांसी लगाते समय पैरों में जूते पहने हुए थे। जैसे वह कहीं जाने की तैयारी कर रहा हो।
उसके पर्स से पुलिस को ड्राइविंग लाइसेंस और पांच सौ रुपये बरामद हुए। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं बरामद हुआ, जिसके चलते विनीत की मौत का स्पष्ट कारण पता नहीं चल पाया।