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Hisar News: गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करेंगे अधिकारी, पराली जलाने पर होगी कार्रवाई
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घिराय। धान कटाई के सीजन को देखते हुए पराली प्रबंधन और किसानों को जागरूक करने के लिए मंगलवार को बरवाला एसडीएम अश्वीर नैन की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों और नोडल अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को पराली न जलाने तथा सरकार की फसल अवशेष प्रबंधन नीति की जानकारी देने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक नोडल अधिकारी को करीब 300 किसानों की जिम्मेदारी सौंपने की बात कही गई। एसडीएम ने कहा कि नोडल अधिकारी किसानों से सीधा संपर्क कर पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं, कृषि मशीनरी और प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दें। किसानों को बताया जाए कि क्षेत्र में पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी उपलब्ध है, जिसका उपयोग कर फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार की नीति के अनुसार पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ भी दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुविधाएं और जागरूकता उपलब्ध कराने के बावजूद यदि कोई किसान पराली जलाता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में नायब तहसीलदार रविंद्र शर्मा, खंड कृषि अधिकारी श्यामलाल, बीडीपीओ रोशन लाल, ब्लॉक खंड इंचार्ज डॉ. प्रियंका सहित ग्राम सचिव और पटवारी मौजूद रहे।
किसानों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश :
एसडीएम ने अधिकारियों को किसानों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाकर पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना और फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
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प्रत्येक नोडल अधिकारी को करीब 300 किसानों की जिम्मेदारी सौंपने की बात कही गई। एसडीएम ने कहा कि नोडल अधिकारी किसानों से सीधा संपर्क कर पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध सरकारी सुविधाओं, कृषि मशीनरी और प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दें। किसानों को बताया जाए कि क्षेत्र में पराली प्रबंधन के लिए आवश्यक मशीनरी उपलब्ध है, जिसका उपयोग कर फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किया जा सकता है।
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अधिकारियों ने बताया कि सरकार की नीति के अनुसार पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि का लाभ भी दिया जाएगा। प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुविधाएं और जागरूकता उपलब्ध कराने के बावजूद यदि कोई किसान पराली जलाता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बैठक में नायब तहसीलदार रविंद्र शर्मा, खंड कृषि अधिकारी श्यामलाल, बीडीपीओ रोशन लाल, ब्लॉक खंड इंचार्ज डॉ. प्रियंका सहित ग्राम सचिव और पटवारी मौजूद रहे।
किसानों से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश :
एसडीएम ने अधिकारियों को किसानों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाकर पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना और फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन सुनिश्चित करना है।