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बैंकों की लापरवाही से अटक सकता है किसानों का मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 15 Feb 2017 12:42 AM IST
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फसल।
- फोटो : अमर उजाला
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बैंकों की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ सकती है। बैंकों की ओर से अब तक प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना के प्रीमियम की जानकारी नहीं भेजी गई है। जिस कारण फसलों का सर्वे नहीं हो पा रहा। बीमा कंपनी किसानों की पहचान नहीं कर पा रही। जिस कारण सर्वे में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में किसानों का मुआवजा अटकने की आशंका बन गई है।
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जिले के करीब 22 से अधिक गांवों में 26 जनवरी को ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। जिसके बाद 1866 किसानों ने अपनी फसल को बीमा कवर में बताते हुए कृषि विभाग को आवेदन किया। किसानों ने सर्वे करा कर उचित मुआवजे के लिए आवेदन किया। जानकारी के अनुसार बीमा कंपनी अब तक सर्वे का 50 प्रतिशत ही काम पूरा कर सकी है। दरअसल बीमा कंपनी के पास बीमित किसानों की पूरी सूची नहीं है। बैंकों की ओर से 25 जनवरी तक बीमा प्रीमियम की रकम कंपनी को भेजी जानी थी। साथ ही किसानों की जानकारी की लिस्ट भी सौंपनी थी। जिले में करीब 245 बैंक शाखाओं में से करीब 89 से अधिक बैंक शाखाओं की ओर से रिकॉर्ड नहीं भेजा गया है। जिस कारण किसानों का सर्वे भी अधूरा है। बीमा एजेंसी की ओर से बैंकों को पत्र भी भेजा गया। इसके बाद भी बैंक जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे। इसमें सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक की ओर से सबसे ज्यादा दिक्कत हैं। इस बैंक की कुल 42 शाखाओं में से महज 15 शाखाओं ने ही रिकॉर्ड भेजा है।
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नुकसान के कहां कितने आवेदन
ब्लॉक गांव आवेदन
आदमपुर न्यौली 1
हांसी फर्स्ट बांडाहेडी 13
हांसी सेकेंड सीसर, खांडाखेड़ी 367
हिसार फर्स्ट मिर्जापुर, शिकारपुर, लाडवा, धांसू, सातरोड, खरकड़ी 1164
हिसार सेकेंड मात्रश्याम, बुडाक, रावलवास 14
उकलाना भैणी बादशाहपुर, मदनपुरा, दौलतपुर 19
बरवाला बुगाना, सुलखनी, राजली, छान, धिंगताना, खेदड़ 367
बीमा कवर के 8200 एकड़ में नुकसान का आंकलन
प्राथमिक आंकड़ों के अनुसार सरसों व गेहूं की फसल में सबसे अधिक नुकसान है। बीमा कवर के तहत आवेदन करने वाले 1866 आवेदन में 8200 एकड़ से अधिक एरिया के नुकसान का आंकलन किया गया है। पिछले करीब दस दिन से सर्वे किया जा रहा है।
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फसल बीमा योजना के तहत मिले सभी आवेदन बीमा कंपनी को भेज दिए हैं। अब अलग अलग टीम सर्वे कर रही हैं। जल्द ही सर्वे को पूरा कर सरकार को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
- वीएस फौगाट, उप निदेशक कृषि विभाग, हिसार