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Hisar News: सावधान! ''स्पूफिंग कॉल'' के जरिये ठगी जा रही गाढ़ी कमाई
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हिसार।
विदेश में बैठकर साइबर अपराधी अब स्पूफ एप के माध्यम से लोगों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर रहे हैं। कॉल कर धमकी भी दे रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। साइबर थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। साइबर थाना पुलिस की तरफ से लोगों को समय समय पर साइबर अपराध के प्रति जागरूक कर रहे हैं, लेकिन साइबर अपराधी ठगी के तरीके बदल रहे हैं। अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए लोग हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकते हैं।
साइबर थाना में कार्यरत मुख्य सिपाही नरेश कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीक से अपराध कर रहे हैं। वे कभी बैंक अधिकारी, बिजली कर्मचारी बनकर तो कभी प्रोडक्ट बेचने के नाम पर ठगी करते हैं। आजकल साइबर अपराधी स्पूफिंग कॉल के जरिये धोखाधड़ी की वारदात कर रहे हैं। अक्सर जालसाज इस तकनीक का इस्तेमाल धोखा देने के लिए करते हैं।
उन्होंने बताया कि आपको साइबर अपराधी स्पूफिंग कॉल के जरिये आपके रिश्तेदार, दोस्त, अध्यापक या किसी भी प्रसिद्ध व्यक्ति का नंबर दिखा कर ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन कोचिंग क्लासेस व नौकरी दिलवाने का प्रलोभन दे सकते हैं। इससे बचने के लिए हमें कॉलर आईडी स्पूफिंग के बारे में जानकारी होनी चाहिए। फोन पर अज्ञात नंबरों से आने वाले कॉल या अनजान लोगों से बात करने से बचना चाहिए। अगर फोन काॅल के दौरान आपको थोड़ा भी शक हो तो सामने वाले कॉलर को थोड़ी देर होल्ड करने के लिए कहे और डिस्प्ले पर दिखाए गए नंबर पर किसी दूसरे फोन से कॉल करें या उन्हें फिर से काॅल करने के लिए कहें। इस तरह आप यह जान सकते हैं ये स्पूफिंग काॅल है या नही। फोन कॉल पर किसी भी प्रकार की निजी जानकारी शेयर न करें।
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यह होती है स्पूफिंग कॉल?
स्पूफिंग कोई नई तकनीक नहीं है। कॉल स्पूफिंग में कॉलर आईडी की जानकारी में हेरफेर करने की प्रक्रिया को कॉल नंबर स्पूफिंग कहते हैं। मोबाइल नंबर स्पूफिंग कॉलर आईडी उपयोग कर जालसाज वीआईपी आधारित एप का इस्तेमाल करके स्पूफिंग करते हैं। जालसाज इस कॉलर आईडी को मैनिपुलेट करके किसी अन्य लोकेशन और किसी के भी नंबर को दिखा सकते हैं। जबकि वास्तव में कॉल की लोकेशन व नंबर किसी और जगह का हो सकता है।
केस-1 : 11 लाख की हुई थी ठगी
जाखोद खेड़ा गांव निवासी और रोडवेज अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त बलबीर के साथ स्पूफ एप के माध्यम से 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। साइबर थाना में दी गई शिकायत में बलबीर ने बताया था कि 6 फरवरी को विदेशी नंबर से फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले पहले राम-राम की और फिर कहा पहचाना क्या। उसने कहा कि आपके रिश्तेदार आस्ट्रेलिया, अमेरिका और कनाड़ा में रहते हैं। फिर उसने कहा अमेरिका से सुधीर बोल रहा हूं। उसकी बातों में आ गया और उसने कहा मां बीमार है, मुझे रुपयों की सख्त जरूरत है। बातों-बातों में उसने 11 लाख 30 हजार रुपये अपने खाते में डलवा लिए। पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया कि स्पूफिंग कॉल के जरिये धोखाधड़ी की गई है।
केस-2 : विदेशी नंबर से कॉल आई, धमकी दी
अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने एक व्यक्ति ने शिकायत दी। व्यक्ति का कहना है कि उनके पास विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने रुपये मांगे। जब रुपये देने से इन्कार कर दिया तो उसने जान से मारने की धमकी दी। व्यक्ति ने बताया कि जब नंबर की जांच की तो पता चला कि स्पूफिंग कॉल के जरिये कॉल की गई थी।
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विदेश में बैठकर साइबर अपराधी अब स्पूफ एप के माध्यम से लोगों के साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर रहे हैं। कॉल कर धमकी भी दे रहे हैं। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। साइबर थाने में एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। साइबर थाना पुलिस की तरफ से लोगों को समय समय पर साइबर अपराध के प्रति जागरूक कर रहे हैं, लेकिन साइबर अपराधी ठगी के तरीके बदल रहे हैं। अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए लोग हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर सकते हैं।
साइबर थाना में कार्यरत मुख्य सिपाही नरेश कुमार ने बताया कि साइबर अपराधी नई-नई तकनीक से अपराध कर रहे हैं। वे कभी बैंक अधिकारी, बिजली कर्मचारी बनकर तो कभी प्रोडक्ट बेचने के नाम पर ठगी करते हैं। आजकल साइबर अपराधी स्पूफिंग कॉल के जरिये धोखाधड़ी की वारदात कर रहे हैं। अक्सर जालसाज इस तकनीक का इस्तेमाल धोखा देने के लिए करते हैं।
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उन्होंने बताया कि आपको साइबर अपराधी स्पूफिंग कॉल के जरिये आपके रिश्तेदार, दोस्त, अध्यापक या किसी भी प्रसिद्ध व्यक्ति का नंबर दिखा कर ऑनलाइन गेमिंग, ऑनलाइन कोचिंग क्लासेस व नौकरी दिलवाने का प्रलोभन दे सकते हैं। इससे बचने के लिए हमें कॉलर आईडी स्पूफिंग के बारे में जानकारी होनी चाहिए। फोन पर अज्ञात नंबरों से आने वाले कॉल या अनजान लोगों से बात करने से बचना चाहिए। अगर फोन काॅल के दौरान आपको थोड़ा भी शक हो तो सामने वाले कॉलर को थोड़ी देर होल्ड करने के लिए कहे और डिस्प्ले पर दिखाए गए नंबर पर किसी दूसरे फोन से कॉल करें या उन्हें फिर से काॅल करने के लिए कहें। इस तरह आप यह जान सकते हैं ये स्पूफिंग काॅल है या नही। फोन कॉल पर किसी भी प्रकार की निजी जानकारी शेयर न करें।
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यह होती है स्पूफिंग कॉल?
स्पूफिंग कोई नई तकनीक नहीं है। कॉल स्पूफिंग में कॉलर आईडी की जानकारी में हेरफेर करने की प्रक्रिया को कॉल नंबर स्पूफिंग कहते हैं। मोबाइल नंबर स्पूफिंग कॉलर आईडी उपयोग कर जालसाज वीआईपी आधारित एप का इस्तेमाल करके स्पूफिंग करते हैं। जालसाज इस कॉलर आईडी को मैनिपुलेट करके किसी अन्य लोकेशन और किसी के भी नंबर को दिखा सकते हैं। जबकि वास्तव में कॉल की लोकेशन व नंबर किसी और जगह का हो सकता है।
केस-1 : 11 लाख की हुई थी ठगी
जाखोद खेड़ा गांव निवासी और रोडवेज अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त बलबीर के साथ स्पूफ एप के माध्यम से 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई थी। साइबर थाना में दी गई शिकायत में बलबीर ने बताया था कि 6 फरवरी को विदेशी नंबर से फोन पर कॉल आई। कॉल करने वाले पहले राम-राम की और फिर कहा पहचाना क्या। उसने कहा कि आपके रिश्तेदार आस्ट्रेलिया, अमेरिका और कनाड़ा में रहते हैं। फिर उसने कहा अमेरिका से सुधीर बोल रहा हूं। उसकी बातों में आ गया और उसने कहा मां बीमार है, मुझे रुपयों की सख्त जरूरत है। बातों-बातों में उसने 11 लाख 30 हजार रुपये अपने खाते में डलवा लिए। पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया कि स्पूफिंग कॉल के जरिये धोखाधड़ी की गई है।
केस-2 : विदेशी नंबर से कॉल आई, धमकी दी
अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने एक व्यक्ति ने शिकायत दी। व्यक्ति का कहना है कि उनके पास विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने रुपये मांगे। जब रुपये देने से इन्कार कर दिया तो उसने जान से मारने की धमकी दी। व्यक्ति ने बताया कि जब नंबर की जांच की तो पता चला कि स्पूफिंग कॉल के जरिये कॉल की गई थी।