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एटीएम से अगर होगी छेड़छाड़ तो बजेगा थाने में सायरन
hisar
Updated Fri, 16 May 2014 12:11 AM IST
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जिंदल चौक पर कैश समेत एटीएम उखाड़ने के मामले के बाद बैंक अधिकारी और पुलिस सतर्क हो गई है। शहर में बैंक अधिकारियों ने एटीएम के साथ ई-सर्विलेंस सिस्टम चालू करने की योजना बनाई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिबास कविराज द्वारा बुलाई गई बैंक अधिकारियों की बैठक में यह बात वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कही है।
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सुरक्षा अधिकारी बलराज सिंह ने कहा कि सभी बैंक एटीएम में ई-सर्विलेंस चालू किए जाएंगे। हालांकि इस पर पहले डेमो लिया जाएगा। डेमों के लिए उन्होंने पारिजात चौक स्थित पीएनबी बैंक का एटीएम बताया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई अपराधी या शरारती तत्व एटीएम के साथ अधिक ताकत के साथ छेड़छाड़ या तोड़-फोड़ करेगा तो संबंधित थाने, पुलिस कंट्रोल रूम, ई-सर्विलेंस के कंट्रोल और बैंक के अधिकारियों के पास मैसेज और सायरन चला जाएगा। संबंधित एटीएम का एक स्पेसिफिक कोड होगा, जिसकी पहचान से पुलिस तुरंत उस स्थान पर पहुंच जाएगी।
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खदेड़ा जा सकेगा कंट्रोल से संबंधित व्यक्ति को भी
वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि ई सर्विलेंस का संबंधित बैंक अपना-अपना एक कंट्रोल रूम बनाएंगे। ई-सर्विलेंस सिस्टम में एक तरह से सेंसर लगे होते हैं, जो इंटरनेट के माध्यम से जुड़े होते हैं। ये सेंसर एटीएम के अंदर लगे होते हैं, जिनको अलग-अलग पार्ट्स के साथ कनेक्ट किया हुआ होता है। जब किसी एटीएम में आपातकालीन सायरन बजेगा तो एटीएम में लगे स्पीकर से कंट्रोल के अंदर बैठे ऑपरेटर उन्हें खदेड़ सकेंगे। यह सुविधा इंटरनेट के माध्यम से जुड़ी होगी कि संबंधित एटीएम से छेड़छाड़ करने वाले को यह पूछा जाएगा कि वह ऐसा क्यूं कर रहा है।
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अगर कामयाब हुए तो गार्ड की भी नहीं रहेगी जरूरत
बैंक अधिकरियों का मानना है कि अगर ई-सर्विलेंस सिस्टम डेमो के पास हो जाता है तो सुरक्षा के हिसाब से यह बेहतर होगा। बिना गार्ड के एटीएम की सुरक्षा की जा सकेगी। लेकिन इसमें यह देखना होगा कि खर्च कितना आएगा। कंट्रोल रूम बनाकर कम मैनपावर से बैंक एटीएम की सुरक्षा की जा सकेगी।
वेल्डिंग के साथ जुड़ी होंगी मशीनें
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिबास कविराज ने बैंक अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिए कि एटीएम वेल्डिंग के साथ जमीन से जुड़ी होनी चाहिए, ताकि कोई भी असामाजिक तत्व आसानी से इसे उखाड़ न सके।
गार्ड नहीं होने पर बंद रखें एटीएम
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिन एटीएम पर सुरक्षा गार्ड नहीं हैं, उन्हें गार्ड उपलब्ध न होने तक सायं 7 बजे से सुबह 8 बजे तक बंद रखा जाए। सभी बैंक मैनेजर यह सुनिश्चित करें कि एक सप्ताह के अंदर-अंदर सभी एटीएम पर सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवा दिए जाए। जिन एटीएम पर सीसीटीवी कैमरे उच्चतम गुणवत्ता के नहीं हैं, उनमें तुरंत प्रभाव से अच्छी क्वालिटी के कैमरे लगवाए जाएं। उन्होंने कहा कि पुलिस की तरफ से बैंकों को हर सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
कम पढ़े-लिखे को एटीएम जारी करते समय करें जागरूक
पुलिस अधीक्षक ने बैंक मैनेजरों को यह भी बताया कि जब भी वे किसी कम पढ़े-लिखे व्यक्ति को एटीएम कार्ड जारी करते हैं तो उन्हें जागरूक करें कि वे शॉपिंग मॉल और एटीएम पर अपना एटीएम प्रयोग करते समय किसी अनजान व्यक्ति को एटीएम कोड न बताएं। ऐसी सूचना वे अपने-अपने बैंकों में बोर्ड पर लिखवाएं। जिला पुलिस प्रमुख ने अपने कार्यालय के सुरक्षा प्रभारी को निर्देश दिए कि वे एटीएम के पास सादी वर्दी में कर्मचारी नियुक्त करें।
बैठक में उप पुलिस अधीक्षक अमित दहिया, उप पुलिस अधीक्षक राजेश लोहान, बैंक प्रबंधक कृष्ण कुमार, डीआर शर्मा, आरके मेहता, वेदप्रकाश अरोड़ा, विजय कुमार, एके कश्यप, मनजीत सिंह सहित विभिन्न बैंकों के प्रबंधक और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।