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Hisar News: नोटिस तक सिमटी एएसआई की अवैध निर्माणों पर कार्रवाई
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हिसार। प्रतिबंधित दायरे में अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की कार्रवाई केवल नोटिस जारी करने तक सीमित है। नतीजतन पुरातत्व स्थल गुजरी महल और फिरोजशाह के किले के प्रतिबंधित दायरे में भवनों की संख्या बढ़ती जा रही है। विभागीय नियमों में नोटिस देने के साथ-साथ अवैध निर्माणध्वस्त करने का भी प्रावधान है लेकिन अधिकारी इस पर मौन हैं।
एएसआई के नियमों के अनुसार राष्ट्रीय स्मारकों के चारों ओर 100 मीटर क्षेत्र को निषिद्ध और उसके बाद के 300 मीटर क्षेत्र को विनियमित घोषित किया गया है। किसी भी स्मारक की बाहरी सीमा से 100 मीटर तक नए निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध है। 101 से 300 मीटर दायरे में निर्माण या पुनर्निर्माण केवल राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) से अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकता है। नियमों के तहत सबसे पहले अवैध निर्माण करने वाले व्यक्ति को कार्य रोकने और स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस मिलने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोका जाता है तो एएसआई के महानिदेशक अथवा सक्षम प्राधिकारी को बिना किसी मुआवजे के अवैध ढांचे को ध्वस्त करने या हटाने का अधिकार है।
प्रतिबंधित दायरे में अस्पताल, होटल और शोरूम तक बन गए
एएसआई की नरम कार्यप्रणाली का नतीजा है कि गुजरी महल और फिरोजशाह किले के प्रतिबंधित दायरे में बड़े अस्पताल, होटल और शोरूम तक खड़े हो चुके हैं। नतीजतन यह ऐतिहासिक धरोहर अवैध भवनों के बीच दबकर रह गई है।--
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नियमों के पालन में भी भेदभाव के आरोप
विभागीय अधिकारियों पर नियमों को लागू करने में भेदभाव बरतने के आरोप भी लग रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल भी इसी पुरातत्व स्थल के प्रतिबंधित दायरे में आता है। यही कारण है कि आज तक अस्पताल भवन का पुनर्निर्माण नहीं हो सका। अस्पताल परिसर में एक ईंट भी लगते ही प्रशासन को एएसआई का नोटिस मिल जाता है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों सौंदर्यीकरण चल रहा है। इसके तहत सड़क का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। इसी को लेकर एएसआई ने अस्पताल प्रशासन को कार्य रोकने और स्पष्टीकरण देने संबंधी नोटिस जारी किया है। हालांकि अभी कार्य जारी है।
पोस्टमार्टम हाउस के पीछे अवैध निर्माण पर नोटिस
पोस्टमार्टम हाउस के पीछे निजी भूमि पर प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण किया जा रहा था। विभाग ने निर्माणकर्ता को नोटिस जारी किया लेकिन काम बंद नहीं हुआ और अब दीवारों से लेकर लेंटर स्तर तक पहुंच चुका है।
अवैध निर्माण करने वाले व्यक्ति को नोटिस दिया है। हमारे पास ऐसे निर्माण ध्वस्त करने का अधिकार है। हालांकि मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद ही ऐसी कार्रवाई की जाती है। अस्पताल प्रशासन को भी सड़क निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया है। - अरुण, सीनियर कंजर्वेशन असिस्टेंट, एएसआई
जब भी हम कोई निर्माण कार्य शुरू करते हैं, एएसआई की ओर से तुरंत काम रुकवा दिया जाता है जबकि उनके प्रतिबंधित दायरे में अनेक अवैध निर्माण पहले से खड़े हैं। - डॉ. रीना जैन, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल
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एएसआई के नियमों के अनुसार राष्ट्रीय स्मारकों के चारों ओर 100 मीटर क्षेत्र को निषिद्ध और उसके बाद के 300 मीटर क्षेत्र को विनियमित घोषित किया गया है। किसी भी स्मारक की बाहरी सीमा से 100 मीटर तक नए निर्माण पर पूर्ण प्रतिबंध है। 101 से 300 मीटर दायरे में निर्माण या पुनर्निर्माण केवल राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए) से अनुमति मिलने के बाद ही किया जा सकता है। नियमों के तहत सबसे पहले अवैध निर्माण करने वाले व्यक्ति को कार्य रोकने और स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस मिलने के बाद भी निर्माण कार्य नहीं रोका जाता है तो एएसआई के महानिदेशक अथवा सक्षम प्राधिकारी को बिना किसी मुआवजे के अवैध ढांचे को ध्वस्त करने या हटाने का अधिकार है।
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प्रतिबंधित दायरे में अस्पताल, होटल और शोरूम तक बन गए
एएसआई की नरम कार्यप्रणाली का नतीजा है कि गुजरी महल और फिरोजशाह किले के प्रतिबंधित दायरे में बड़े अस्पताल, होटल और शोरूम तक खड़े हो चुके हैं। नतीजतन यह ऐतिहासिक धरोहर अवैध भवनों के बीच दबकर रह गई है।
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नियमों के पालन में भी भेदभाव के आरोप
विभागीय अधिकारियों पर नियमों को लागू करने में भेदभाव बरतने के आरोप भी लग रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल भी इसी पुरातत्व स्थल के प्रतिबंधित दायरे में आता है। यही कारण है कि आज तक अस्पताल भवन का पुनर्निर्माण नहीं हो सका। अस्पताल परिसर में एक ईंट भी लगते ही प्रशासन को एएसआई का नोटिस मिल जाता है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों सौंदर्यीकरण चल रहा है। इसके तहत सड़क का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। इसी को लेकर एएसआई ने अस्पताल प्रशासन को कार्य रोकने और स्पष्टीकरण देने संबंधी नोटिस जारी किया है। हालांकि अभी कार्य जारी है।
पोस्टमार्टम हाउस के पीछे अवैध निर्माण पर नोटिस
पोस्टमार्टम हाउस के पीछे निजी भूमि पर प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध निर्माण किया जा रहा था। विभाग ने निर्माणकर्ता को नोटिस जारी किया लेकिन काम बंद नहीं हुआ और अब दीवारों से लेकर लेंटर स्तर तक पहुंच चुका है।
अवैध निर्माण करने वाले व्यक्ति को नोटिस दिया है। हमारे पास ऐसे निर्माण ध्वस्त करने का अधिकार है। हालांकि मुख्यालय से आदेश मिलने के बाद ही ऐसी कार्रवाई की जाती है। अस्पताल प्रशासन को भी सड़क निर्माण के संबंध में नोटिस जारी किया है। - अरुण, सीनियर कंजर्वेशन असिस्टेंट, एएसआई
जब भी हम कोई निर्माण कार्य शुरू करते हैं, एएसआई की ओर से तुरंत काम रुकवा दिया जाता है जबकि उनके प्रतिबंधित दायरे में अनेक अवैध निर्माण पहले से खड़े हैं। - डॉ. रीना जैन, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल