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वन्य जीवों के अंगों को काला जादू में प्रयोग करने का आरोपी गिरफ्तार,न्यायिक हिरासत में भेजा
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हिसार। वन्य प्राणी विभाग की टीम ने वन्य जीवों के अंगों को काला जादू में इस्तेमाल करने वाले आरोपी सचिन कुमार गर्ग को शुक्रवार को सेक्टर-14 में श्मशान घाट के पास से गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को आरोपी को कुरुक्षेत्र की पर्यावरण कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे सोमवार तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
3 नवंबर 2021 को वन्य प्राणी विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि शास्त्री बाजार में एक दुकान पर वन्य जीवों के अंगों को काला जादू में इस्तेमाल के लिए बेचा जा रहा है। सूचना मिलने पर हिसार से वन्य जीव निरीक्षक जयविंद्र सिंह, भिवानी से उप वन्य जीव निरीक्षक ज्योति कुमार, सिरसा से उप वन्य जीव निरीक्षक परमजीत सिंह, हिसार से वन्य जीव रक्षक रिछपाल सिंह गंगा पूजन भंडार पर पहुंचे और पूछताछ कर तलाशी ली गई।
इस दौरान टीम ने मौके से 32 नंबर हथाजोड़ी, 11 नंबर शंख, 15 नंबर कोडी, 22 नंबर सियार सिंग, 30 नंबर बिल्ली की जैर, 5 नंबर मोर पंख उखड़े हुए बरामद किए थे। वन्य जीव निरीक्षक हिसार की ओर से अंगों की जांच के लिए 4 नवंबर 2011 को देहरादून के वन्य प्राणी संस्थान में भेजा गया। इनमें से भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून की ओर से 28 अप्रैल 2022 को जब्त किए गए अंगों में केवल 31 नंबर हथाजोड़ी का ही डीएनए विश्लेषण कर जांच रिपोर्ट कार्यालय में भेजी गई, जो वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम, 1972 की अनुसूची के अनुसार गोह का अंग पाया गया है। अब अन्य अंगों को जांच के लिए सेंट्रल मैरिन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा जाएगा। हिसार से वन्य जीव निरीक्षक जयविंद्र सिंह ने बताया कि पांच दिनों से आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही थी। शुक्रवार को आरोपी को सेक्टर-14 से पकड़ लिया गया।
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3 नवंबर 2021 को वन्य प्राणी विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि शास्त्री बाजार में एक दुकान पर वन्य जीवों के अंगों को काला जादू में इस्तेमाल के लिए बेचा जा रहा है। सूचना मिलने पर हिसार से वन्य जीव निरीक्षक जयविंद्र सिंह, भिवानी से उप वन्य जीव निरीक्षक ज्योति कुमार, सिरसा से उप वन्य जीव निरीक्षक परमजीत सिंह, हिसार से वन्य जीव रक्षक रिछपाल सिंह गंगा पूजन भंडार पर पहुंचे और पूछताछ कर तलाशी ली गई।
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इस दौरान टीम ने मौके से 32 नंबर हथाजोड़ी, 11 नंबर शंख, 15 नंबर कोडी, 22 नंबर सियार सिंग, 30 नंबर बिल्ली की जैर, 5 नंबर मोर पंख उखड़े हुए बरामद किए थे। वन्य जीव निरीक्षक हिसार की ओर से अंगों की जांच के लिए 4 नवंबर 2011 को देहरादून के वन्य प्राणी संस्थान में भेजा गया। इनमें से भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून की ओर से 28 अप्रैल 2022 को जब्त किए गए अंगों में केवल 31 नंबर हथाजोड़ी का ही डीएनए विश्लेषण कर जांच रिपोर्ट कार्यालय में भेजी गई, जो वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियम, 1972 की अनुसूची के अनुसार गोह का अंग पाया गया है। अब अन्य अंगों को जांच के लिए सेंट्रल मैरिन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजा जाएगा। हिसार से वन्य जीव निरीक्षक जयविंद्र सिंह ने बताया कि पांच दिनों से आरोपी को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही थी। शुक्रवार को आरोपी को सेक्टर-14 से पकड़ लिया गया।
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