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गौवंश की मौत का मामला : मास्टरमाइंड पुलिस गिरफ्त से बाहर, यूपी से जुड़े तार
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Thu, 01 Sep 2016 12:05 AM IST
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पीरांवाली के पास कंटेनर में पांच दिन पहले गौवंश की मौत मामले में पुलिस जड़ तक पहुंची है, अब बड़ा खुलासा हो सकता है। अग्रोहा एरिया का एक युवक सारे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड है। वह वारदात के बाद से फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार उसके घर दबिश दे चुकी है, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। इसी षड्यंत्रकारी ने कंटेनर मंगवाया था। उसकी गिरफ्तारी से कई चेहरे बेनकाब होने की संभावना है।
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मुरादाबाद से मंगवाया था कंटेनर
25 अगस्त जन्माष्टमी वाली देर रात पीरांवाली के पास गौवंश भरे जिस कंटेनर को गौ सेवकों ने पकड़ा था, वह जांच में मुरादाबाद का निकला। पुलिस की एक टीम ने मुरादाबाद जाकर तफ्तीश की तो कंटेनर रिकॉर्ड में मुरादाबाद के मोहम्मद कासिम नामक आदमी का निकला। पुलिस उसके पते पर पहुंची तो वह वहां नहीं मिला। इसलिए उसके बारे में पूर्ण जानकारी नहीं मिल पाई। सदर थाना पुलिस ने कंटेनर को कब्जे में ले लिया था।
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ग्रामीणों की आंखों में झोंकी धूल, चंदा उगाह ले गया
सूत्रों की मानें तो अग्रोहा एरिया का यह मास्टरमाइंड जाखोद खेड़ा गांव के कुछ ग्रामीणों की आंखों में धूल झोंककर चंदा उगाहकर ले गया। ग्रामीणों को उसकी करतूत के बारे में पता नहीं था। मास्टरमाइंड ने ग्रामीणों से कहा था कि आवारा सांड़ गांव में फसल खराब करते हैं। इनको कहीं बाहर छोड़ आते हैं, ताकि फसली नुकसान न हो। ग्रामीण उसकी बातों में आ गए और उन्होंने चंदा उगाहकर उसे दे दिया। मास्टरमाइंड ने कहा था कि लावारिस पशुओं को छोड़ने के लिए वाहन का बंदोबस्त करना पड़ेगा और वाहन ड्राइवर को भाड़ा देना पड़ेगा, लेकिन उसने बाद में और खेल खेल दिया।
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गौ सेवकों ने जान हथेली पर रख किया पर्दाफाश
सीसवाल के गौ सेवक श्रवण और उसके साथियों ने जान हथेली पर रखकर मामले का भंडाफोड़ किया। जाखोद खेड़ा में देर रात किसी ने कंटेनर में गोवंश लोड होते देखा और पास में जेसीबी खड़ी थी। देखने वाले को इतनी रात गोवंश कंटेनर में चढ़ाना संदिग्ध लगा। उसने गौ सेवकों से संपर्क किया और मामले से अवगत कराया। गौ सेवक वहां पहुंचे तो कंटेनर दौड़ा दिया। गौ सेवकों ने पीछा किया था। कंटेनर के साथ एक गाड़ी चल रही थी। पीरांवाली आने से पहले रजवाहे के पास कंटेनर सवार लोगों को गौ सेवकों के पीछा करने की भनक लग गई थी और कंटेनर रोक दिया था। गौ सेवक खतरा भांपकर पीछे रुक गये थे। उन्हें अंदेशा था गाड़ी और कंटेनर सवार लोगों के पास हथियार हो सकते हैं। वे हमला कर सकते हैं। इसलिए पुलिस को फोन कर सूचित किया था। 26 अगस्त की सुबह होने से पहले गाड़ी और कंटेनर सवार लोग फरार हो गए। वहां कंटेनर खड़ा मिला, जिसमें 31 गौवंश मृत पाए गए थे।
जेसीबी ड्राइवर को मिली जमानत
हिसार। सदर थाने के एएसआई कुलबीर सिंह की टीम ने कंटेनर के लिए जेसीबी से रास्ता समतल करने के आरोपी चालक गांव मल्लापुर के कुलदीप बिश्नोई को सोमवार को अदालत में पेश किया, जहां उसकी जमानत मंजूर हो गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार कुलदीप को जाखोद खेड़ा के दो युवकों ने फोन कर भाड़े पर बुलाया था। जाखोद खेड़ा में जहां कंटेनर में गौवंश चढ़ाया गया, वहां के रास्ते में गड्ढे थे। जेसीबी से उस रास्ते को समतल बनाया गया था। सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया था।