{"_id":"62f7dccbf6042e38836c9b2e","slug":"animal-husbandry-department-sent-a-demand-for-80-thousand-vaccines-to-deal-with-lumpy-virus-hisar-news-hsr6391891140","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंपी वायरस से निपटने के लिए पशुपालन विभाग ने भेजी 80 हजार वैक्सीन की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंपी वायरस से निपटने के लिए पशुपालन विभाग ने भेजी 80 हजार वैक्सीन की मांग
विज्ञापन
सिरसा। पशुओं में बढ़ते लंपी वायरस से निपटने के लिए पशुपालन विभाग ने करीब 80 हजार वैक्सीन की मांग भेजी है। अब तक जिले में करीब 2291 पशु संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से 1637 रिकवरी भी हो चुके हैं। इसके अलावा 42 पशुओं की मौत हो चुकी है।
लंपी वायरस सबसे अधिक गाय में फैल रहा है। जितनी तेजी से वायरस का फैलाव हो रहा है, उतनी ही गति से इसकी रिकवरी भी हो रही है। हालांकि इसका सबसे अधिक प्रभाव गोशालाओं व बेसहारा पशुओं में सामने आ रहा है। इनमें सीमावर्ती क्षेत्र डबवाली व कालांवाली में इसके मामले अधिक है। पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. विद्यासागर बांसल ने बताया कि विभाग की टीमें गांव-गांव व गोशालाओं में जाकर पशुओं की जांच कर रही है और इसके साथ ही पशुपालकों व गोशाला प्रबंधकों को बचाव से संबंधित जागरूक किया जा रहा है।
संक्रमित पशुओं के बकायदा सैंपल लेकर उन्हें भोपाल लैब में भेजा जा रहा है। उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा की वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अपने स्तर पर प्रयास जरूरी है। साफ सफाई से लेकर कीटनाशक व फंगीनाशक दवाओं को चिकित्सक से परार्मश लेकर ही छिड़काव करें। वहीं झोलाझाप से भी बचें और कहीं भी लंपी से संक्रमित पशु सामने आए तो उसकी जानकारी तुरंत विभागीय अधिकारियों को दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
लंपी वायरस सबसे अधिक गाय में फैल रहा है। जितनी तेजी से वायरस का फैलाव हो रहा है, उतनी ही गति से इसकी रिकवरी भी हो रही है। हालांकि इसका सबसे अधिक प्रभाव गोशालाओं व बेसहारा पशुओं में सामने आ रहा है। इनमें सीमावर्ती क्षेत्र डबवाली व कालांवाली में इसके मामले अधिक है। पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. विद्यासागर बांसल ने बताया कि विभाग की टीमें गांव-गांव व गोशालाओं में जाकर पशुओं की जांच कर रही है और इसके साथ ही पशुपालकों व गोशाला प्रबंधकों को बचाव से संबंधित जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
संक्रमित पशुओं के बकायदा सैंपल लेकर उन्हें भोपाल लैब में भेजा जा रहा है। उन्होंने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा की वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अपने स्तर पर प्रयास जरूरी है। साफ सफाई से लेकर कीटनाशक व फंगीनाशक दवाओं को चिकित्सक से परार्मश लेकर ही छिड़काव करें। वहीं झोलाझाप से भी बचें और कहीं भी लंपी से संक्रमित पशु सामने आए तो उसकी जानकारी तुरंत विभागीय अधिकारियों को दें।
विज्ञापन