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पांच भैंसों की रहस्यमयी बीमारी से मौत, छठी लुवास पशु अस्पताल में दाखिल

Sun, 06 Nov 2016 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार Updated Sun, 06 Nov 2016 11:28 PM IST
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Animal Deices hisar, animals death hisar, Hisar
Deices - फोटो : Bureau

प्रदेश में बर्ड फ्लू के खौफ के बीच पशुओं में अज्ञात बीमारी फैल गई है। जींद के गांव दनौदा कलां में पिछले एक हफ्ते में एक ही घर की 5 भैंसों और 2 कटड़ों की रहस्यमयी बीमारी से मौत हो गई। पशुओं की लेवटी और उसके आसपास से शुरू हुई इस बीमारी में पशुओं का शरीर गलना शुरू हो गया। इसके बाद तेजी से यह बीमारी उनके पूरे शरीर में फैल गई, जिससे उनकी मौत हो गई।

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रविवार को पांचवीं भैंस और एक कटड़े को लेवटी व पीछे के शरीर पर फफोले शुरू हो गए, जिसके बाद उन्हें लुवास विश्वविद्यालय के हॉस्पिटल में लाया गया है। जहां देर रात तक उनके टेस्ट जारी थे। वहीं डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने यह बीमारी पहली बार देखी है। पशुओं के मालिक बिरेंद्र ने बताया कि 10 पशुओं में से उनकी दो भैंस और एक कटड़ा साथ लगते ताऊ के घर में बांधे हुए थे। शनिवार को उनको भी यह बीमारी शुरू हो गई थी।
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करीब एक हफ्ता पहले अचानक गलन शुरू हुई
भैंसों के मालिक दनौदा निवासी भागीरथ के पड़ोसी वीरेंद्र ने बताया कि उनके पास 7 भैंस व 3 कटड़े थे। करीब एक हफ्ता पहले एक भैंस की लेवटी व आस पास की जगहों पर अचानक फफोले हुए और चमड़ी उखड़ गई। कुछ ही घंटों में भैंस का पूरा शरीर गल गया और भैंस को अफारा आ गया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इसके बाद शुक्रवार को 1, शनिवार को 1 भैंस और एक कटड़े और रविवार को तीन भैंसों की मौत हो गई। इस बीच गांव के पशु अस्पताल के डॉक्टर को भी बुलाया गया। बकौल वीरेंद्र लेकिन उन्होंने कोई उपयुक्त इलाज नहीं दिया और न ही बीमारी के बारे में बता पाए।
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नहीं थी लुवास अस्पताल की जानकारी
पशुपालक भागीरथ के बेटे वीरेंद्र ने बताया कि उन्हें लुवास के पशु अस्पताल की जानकारी नहीं थी। और न ही बीमारी के बारे में गांव का डॉक्टर बता पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती और मामले को लेकर उनसे सुझाव मांगा गया तो उन्होंने कोई उपयुक्त सुझाव नहीं दिया। पड़ोसी गांव के डॉक्टर के एक अन्य डॉक्टर से संपर्क करने पर उन्होंने भैंस को लुवास अस्पताल लाने का सुझाव दिया। इसके बाद वे रविवार शाम पांच बजे वे भैंस को लुवास अस्पताल लेकर पहुंचे। तब तक उसकी हालत भी बिगड़ चुकी थी।

रिश्तेदारी में भेजी एक भैंस, गांव में हड़कंप
वीरेंद्र ने बताया कि पशुओं की मौत के बाद बची एक भैंस को उन्होंने अपनी रिश्तेदारी में भेज दिया है। वहां उसकी हालात रविवार शाम तक ठीक बताई गई। वहीं पशुओं की मौत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। किसी को समझ नहीं आ रहा है कि पशुओं को अचानक से यह बीमारी कैसे हो गई। गांव के अन्य लोगों के मन में भी बीमारी को लेकर भय पैदा हो गया है।



भैंस का शुरुआती ट्रीटमेंट कर दिया गया है। हालात स्थिर है। मामले को लेकर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के कई डॉक्टरों की एक टीम बना दी गई है, जिसने सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को ही बीमारी के बारे में पूरा पता लग पाएगा।
- डॉ. अशोक कुमार, पीआरओ, लुवास

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