फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Angry farmers will oppose JJP's Narnaund rally on April 5

नाराज किसान जजपा की 5 अप्रैल की नारनौंद रैली का करेंगे विरोध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 11:51 PM IST
विज्ञापन
Angry farmers will oppose JJP's Narnaund rally on April 5
हिसार। खराब फसल के मुआवजे की मांग को लेकर खेड़ी जालब तहसील पर पिछले करीब 15 दिनों से ताला लगाकर धरने पर बैठे किसानों ने बुधवार को हिसार व जींद जिले के किसानों के साथ मिलकर लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने 5 अप्रैल को उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की प्रस्तावित रैली ना करने देने का ऐलान किया। किसानों ने कहा कि इस विरोध की तैयारियों को लेकर 2 अप्रैल को जींद के खटकड़ टोल प्लाजा पर बैठक का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी।
विज्ञापन

नारनौंद में नहीं होने देंगे उपमुख्यमंत्री की रैली -
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए किसान नेता सुरेश कोथ ने बताया कि देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि किसान 15 दिन से एक प्रशासनिक भवन पर कब्जा किए हुए हैं। उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं है। इसलिए जींद व हिसार जिलों के किसानों ने बैठक कर फैसला लिया है कि उप मुख्यमंत्री की 5 अप्रैल को नारनौंद में प्रस्तावित रैली वे नहीं होने देंगे। या तो 5 अप्रैल से पहले मुख्यमंत्री या उप मुख्यमंत्री किसानों से मिलकर किसानों की समस्या का समाधान कर दे वरना नारनौंद में रैली नहीं होने देंगे।
विज्ञापन

टोल प्लाजा पर प्रदर्शन की भी हो सकती है घोषणा -
उन्होंने बताया कि इसके लिए 2 अप्रैल को खटकड़ टोल प्लाजा पर दोनों जिलों के किसानों की बैठक होगी और आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी कि विरोध का स्वरूप किस तरह का होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इस विरोध में ज्यादा से ज्यादा किसानों को शामिल करने के लिए आज से ही प्रचार व बैठकें शुरू कर दी जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि विरोध के तौर पर सभी टोल प्लाजा पर प्रदर्शन की भी घोषणा की जा सकती है लेकिन हर टोल के लिए एक किसान नेता की ड्यूटी लगाई जाएगी और पूरा प्रदर्शन उसके निर्देशों पर ही चलेगा चाहे टोल पर कितना ही बड़ा कोई नेता क्यों ना आ जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

जहां नेता चाहे, वहां खराबा दिखाकर दिया जाता है मुआवजा : किसान
उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार किसानों की फसल खराब होने पर दिए जाने वाले मुआवजा पर भी राजनीति कर रही है। जहां भाजपा-जजपा नेता चाहता है, वहां पर खराबा दिखाकर मुआवजा दे दिया जाता है और जहां पर फसल खराब होती है, वहां का मुआवजा नहीं दिया जाता। खेड़ी जालब तहसील के 17 गांवों की फसल में नुकसान हुआ था और अधिकारियों ने गिरदावरी के नाम पर खानापूर्ति करके अपनी रिपोर्ट में लिख दिया कि नुकसान शून्य हुआ है। इसके कारण हजारों किसान मुआवजे से वंचित रह गए। इसके विरोध में 16 मार्च से किसानों ने तहसील परिसर को ताला लगाकर उसके बाहर ही धरना शुरू कर दिया था।

11 मार्च को किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा था। इसके बाद गिरदावरी का दोबारा से आंकलन करने के लिए हिसार उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक कमेटी बना दी। यह कमेटी कृषि विभाग के रिकॉर्ड व मार्केट कमेटी में हुई फसल आवक के आंकड़ों का विश्लेषण करके शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद ही किसानों की मांग पर कुछ निर्णय लिया जा सकेगा।
- विजेंद्र भारद्वाज, जिला राजस्व अधिकारी, हिसार।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed