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Hisar News: अस्पताल में पुरुष शौचालय हटा बनाया जाएगा एमआरआई सेंटर
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हिसार। जिला नागरिक अस्पताल में प्रस्तावित मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) सेंटर के लिए पंजीकरण काउंटर के सामने बने पुरुष शौचालय को हटाकर जगह तैयार की जाएगी।
सेंटर के लिए उपयुक्त जगह नहीं मिलने पर अस्पताल प्रशासन ने इस स्थान को अंतिम रूप दिया है। इसके गेट पर ताला लगा दिया गया है। महिला शौचालय को बंद नहीं किया गया है।
इससे पहले प्रसवोत्तर केंद्र (पीपीसी) की बिल्डिंग में स्थित क्षेत्रीय टीका स्टोर (आरवीएस) की जगह चुनी गई थी। वहां कई कमरों में तोड़फोड़ की जरूरत थी और इसके बावजूद मशीन लगाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही थी। इसके बाद ओपीडी और वार्ड के बीच की जगह तय की गई। आपातकालीन वार्ड भी इसके नजदीक है।
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प्रदेश सरकार ने सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई मशीन लगाने की घोषणा की थी। इसी के तहत महाराजा अग्रसेन जिला नागरिक चिकित्सालय में भी मशीन लगाने के लिए स्थान आवंटित किया गया है।
निजी कंपनी से 10 साल का करार
एमआरआई सुविधा के लिए निजी कंपनी आकाश डाइग्नोटिक्स के साथ 10 साल का करार किया गया है। निजी-सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) के तहत कंपनी मशीन लगाएगी और सेवा उपलब्ध कराएगी। अभी मरीजों को एमआरआई जांच के लिए महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे उन्हें अधिक समय और शुल्क खर्च करना पड़ता है। लंबे समय से मरीज सरकार और जनप्रतिनिधियों से जिला अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। अब इसी साल सुविधा शुरू होने की उम्मीद है।
चुंबक और रेडियो तरंगों से होगी जांच
एमआरआई दर्दरहित जांच तकनीक है। इसमें शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों की मदद से शरीर के अंदर की विस्तृत तस्वीरें तैयार की जाती हैं। चिकित्सक इसका इस्तेमाल मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़ों और आंतरिक अंगों की बीमारियों के निदान में करते हैं। इससे ट्यूमर, स्ट्रोक, गठिया और कैंसर जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद मिलती है। इससे पूरे शरीर की स्कैनिंग भी की जा सकती है। मशीन के शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र के कारण एमआरआई कक्ष में प्रवेश से पहले धातु की वस्तुएं उतारना जरूरी होता है।
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यह काम शुरू होने में कुछ समय और लगेगा। यह सुविधा निजी कंपनी के सहयोग से दिलाई जाएगी। निजी-सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) के तहत मशीन लगाने के लिए आकाश डाइग्नोटिक्स कंपनी के साथ करार कर स्थान चुना गया है।
- डॉ. प्रभु दयाल, एसएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।
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प्रदेश सरकार ने सभी जिला अस्पतालों में एमआरआई मशीन लगाने की घोषणा की थी। इसी के तहत महाराजा अग्रसेन जिला नागरिक चिकित्सालय में भी मशीन लगाने के लिए स्थान आवंटित किया गया है।
निजी कंपनी से 10 साल का करार
एमआरआई सुविधा के लिए निजी कंपनी आकाश डाइग्नोटिक्स के साथ 10 साल का करार किया गया है। निजी-सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) के तहत कंपनी मशीन लगाएगी और सेवा उपलब्ध कराएगी। अभी मरीजों को एमआरआई जांच के लिए महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा या निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे उन्हें अधिक समय और शुल्क खर्च करना पड़ता है। लंबे समय से मरीज सरकार और जनप्रतिनिधियों से जिला अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। अब इसी साल सुविधा शुरू होने की उम्मीद है।
चुंबक और रेडियो तरंगों से होगी जांच
एमआरआई दर्दरहित जांच तकनीक है। इसमें शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों की मदद से शरीर के अंदर की विस्तृत तस्वीरें तैयार की जाती हैं। चिकित्सक इसका इस्तेमाल मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़ों और आंतरिक अंगों की बीमारियों के निदान में करते हैं। इससे ट्यूमर, स्ट्रोक, गठिया और कैंसर जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद मिलती है। इससे पूरे शरीर की स्कैनिंग भी की जा सकती है। मशीन के शक्तिशाली चुंबकीय क्षेत्र के कारण एमआरआई कक्ष में प्रवेश से पहले धातु की वस्तुएं उतारना जरूरी होता है।
यह काम शुरू होने में कुछ समय और लगेगा। यह सुविधा निजी कंपनी के सहयोग से दिलाई जाएगी। निजी-सार्वजनिक सहभागिता (पीपीपी) के तहत मशीन लगाने के लिए आकाश डाइग्नोटिक्स कंपनी के साथ करार कर स्थान चुना गया है।
- डॉ. प्रभु दयाल, एसएमओ, जिला नागरिक अस्पताल।
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