{"_id":"6283dfd58adc94418b0140bb","slug":"amrut-2-0-rain-drains-to-be-built-in-satrod-and-urban-estate-area-hisar-news-hsr631942735","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमरूत 2.0 : सातरोड़ और अर्बन एस्टेट एरिया में बनाए जाएंगे बरसाती नाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमरूत 2.0 : सातरोड़ और अर्बन एस्टेट एरिया में बनाए जाएंगे बरसाती नाले
विज्ञापन
हिसार। अमरूत 2.0 के तहत शहर के सातरोड़ व अर्बन एस्टेट एरिया में भी बरसाती नालों का निर्माण किया जाएगा। मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में आयोजित बैठक में योजना के तहत बरसाती नालों की डीपीआर फाइनल करने से पहले पार्षदों ने अपने सुझाव रखे। अब जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन सुझावों को भी शामिल करेंगे। अधिकारियों की मानें तो 15 दिन के अंदर फाइनल डीपीआर तैयार कर दी जाएगी। बैठक की अध्यक्षता मेयर गौतम सरदाना ने की।
बता दें कि इस बार अमरूत टू के तहत पेयजल व सीवर संबंधी कार्य करवाने की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग को दी गई है। 26 व 27 अप्रैल को निगम कार्यालय में हुई हाउस की बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग ने बरसाती नालों की डीपीआर प्रस्तुत की थी। इस दौरान फैसला किया गया था कि डीपीआर को फाइनल करने से पहले पार्षदों के सुझाव लिए जाए। जो एरिया इस डीपीआर में शामिल नहीं किया गया है, उसे भी शामिल किया जाए। इसी को लेकर मंगलवार को निगम कार्यालय में बैठक की गई। इस दौरान पीपीटी के माध्यम से डीपीआर की विस्तार से जानकारी दी गई। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी, निगमायुक्त राहुल हुड्डा, अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, संयुक्त आयुक्त बेलिना, डीएमसी वीरेंद्र सहारण, डॉ. महेंद्र जुनेजा, उमेद खन्ना, मनोहर लाल वर्मा, जगमोहन मित्तल, पिंकी नरेंद्र शर्मा, भूप सिंह रोहिला, प्रीतम सैनी, अनिल जैन, जय प्रकाश, मनोनीत पार्षद सतीश सुरलिया व कैप्टन नरेंद्र शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान मौजूद रहे।
पार्षदों ने ये दिए सुझाव
- शमशान घाट रोड वाली सीवर लाइन को बस स्टैंड तक बढ़ाया जाए।
- जिन्दल पार्क के पीछे वाली सड़क व उसके साथ लगती गलियों में नई सीवर लाइन डाली जाए और बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए।
- महावीर कॉलोनी सीवर लाइन को आगे बढ़ाया जाए और शिव चौक से संत नगर, विजय नगर, शांति नगर, पुरानी सब्जी मंडी से होते हुए बरवाला बाईपास तक सीवर लाइन डाली जाए और पम्पिंग सिस्टम से पानी निकाला जाए।
विज्ञापन
- मिल गेट, एमजी कल्ब से कैंची चौक तक नई बरसाती लाइन डाली जाए और साथ लगती सभी कॉलोनी व मुख्य गलियों को इससे जोड़ा जाए।
- औद्योगिक क्षेत्र में बरसाती पानी निकासी को व्यवस्था की जाए।
- मॉडल टाउन एक्सटेंशन में बरसाती नाले का निर्माण किया जाए।
- सातरोड़ और कैंट एरिया बरसाती पानी निकासी की व्यवस्था की जाए।
सोशल मीडिया पर आए सुझाव भी रखे
बैठक में बरसाती नालों को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से आए शहरवासियों के सुझाव को भी रखा गया। सोशल मीडिया के माध्यम से करीब 15 से 20 सुझाव आए थे। बता दें कि सुझाव के लिए निगम प्रशासन की तरफ से व्हाट्सएस व मोबाइल नंबर जारी किया गया था।
अभी तक तैयार की गई डीपीआर में इन एरिया को किया शामिल
अभी तक तैयार की गई डीपीआर के मुताबिक आजाद नगर एरिया व कैमरी रोड पर करीब 35 किलोमीटर लंबा बरसाती नाला बनाया जाएगा। इसके अलावा मिल गेट, मिर्जापुर रोड, रायपुर रोड, शिव नगर, कप्तान स्कूल रोड, सैनियान मोहल्ला, शांति नगर, सूर्य नगर, सूरजमल एनक्लेव व मॉडल टाउन एक्सटेंशन में करीब 20 किलोमीटर लंबे बरसाती नाले का निर्माण किया जाएगा। वहीं लघु सचिवालय स्थित डिस्पोजल को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा आजाद नगर, कैमरी रोड, इंडस्ट्रीयल एरिया, सूर्य नगर व मिल गेट में नए डिस्पोजल का निर्माण करवाया जाएगा। इस पर करीब 88 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
इंदौर में 6 तरह का कचरा किया जाता है अलग-अलग
बैठक में निगमायुक्त राहुल हुड्डा ने इंदौर के अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि हम अभी तक गीला व सूखा कचरा ही अलग अलग करते हैं ,जबकि इंदौर में 6 तरह का कचरा अलग अलग किया जाता है। मैंने वहां पर चार साल के बच्चे से कचरा सेग्रिगेशन के बारे में पूछा तो उसने भी सही जवाब दिया। हमें भी अपनी मौजूदा और आने वाली पीढ़ी में स्वच्छता के प्रति अलख जगानी है।
बैठक में पार्षदों ने जो सुझाव रखे हैं, उनमें सातरोड़ व अर्बन एस्टेट एरिया ही मुख्य है। बाकी तो छोटे-छोटे टुकड़े हैं। 15 दिन के अंदर डीपीआर को फाइनल कर एचईडब्ल्यू पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। - बलविंद्र नैन, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
बता दें कि इस बार अमरूत टू के तहत पेयजल व सीवर संबंधी कार्य करवाने की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य विभाग को दी गई है। 26 व 27 अप्रैल को निगम कार्यालय में हुई हाउस की बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग ने बरसाती नालों की डीपीआर प्रस्तुत की थी। इस दौरान फैसला किया गया था कि डीपीआर को फाइनल करने से पहले पार्षदों के सुझाव लिए जाए। जो एरिया इस डीपीआर में शामिल नहीं किया गया है, उसे भी शामिल किया जाए। इसी को लेकर मंगलवार को निगम कार्यालय में बैठक की गई। इस दौरान पीपीटी के माध्यम से डीपीआर की विस्तार से जानकारी दी गई। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर अनिल सैनी, निगमायुक्त राहुल हुड्डा, अतिरिक्त निगमायुक्त डॉ. प्रदीप हुड्डा, संयुक्त आयुक्त बेलिना, डीएमसी वीरेंद्र सहारण, डॉ. महेंद्र जुनेजा, उमेद खन्ना, मनोहर लाल वर्मा, जगमोहन मित्तल, पिंकी नरेंद्र शर्मा, भूप सिंह रोहिला, प्रीतम सैनी, अनिल जैन, जय प्रकाश, मनोनीत पार्षद सतीश सुरलिया व कैप्टन नरेंद्र शर्मा, पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान मौजूद रहे।
विज्ञापन
पार्षदों ने ये दिए सुझाव
- शमशान घाट रोड वाली सीवर लाइन को बस स्टैंड तक बढ़ाया जाए।
- जिन्दल पार्क के पीछे वाली सड़क व उसके साथ लगती गलियों में नई सीवर लाइन डाली जाए और बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था की जाए।
- महावीर कॉलोनी सीवर लाइन को आगे बढ़ाया जाए और शिव चौक से संत नगर, विजय नगर, शांति नगर, पुरानी सब्जी मंडी से होते हुए बरवाला बाईपास तक सीवर लाइन डाली जाए और पम्पिंग सिस्टम से पानी निकाला जाए।
विज्ञापन
- मिल गेट, एमजी कल्ब से कैंची चौक तक नई बरसाती लाइन डाली जाए और साथ लगती सभी कॉलोनी व मुख्य गलियों को इससे जोड़ा जाए।
- औद्योगिक क्षेत्र में बरसाती पानी निकासी को व्यवस्था की जाए।
- मॉडल टाउन एक्सटेंशन में बरसाती नाले का निर्माण किया जाए।
- सातरोड़ और कैंट एरिया बरसाती पानी निकासी की व्यवस्था की जाए।
सोशल मीडिया पर आए सुझाव भी रखे
बैठक में बरसाती नालों को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से आए शहरवासियों के सुझाव को भी रखा गया। सोशल मीडिया के माध्यम से करीब 15 से 20 सुझाव आए थे। बता दें कि सुझाव के लिए निगम प्रशासन की तरफ से व्हाट्सएस व मोबाइल नंबर जारी किया गया था।
अभी तक तैयार की गई डीपीआर में इन एरिया को किया शामिल
अभी तक तैयार की गई डीपीआर के मुताबिक आजाद नगर एरिया व कैमरी रोड पर करीब 35 किलोमीटर लंबा बरसाती नाला बनाया जाएगा। इसके अलावा मिल गेट, मिर्जापुर रोड, रायपुर रोड, शिव नगर, कप्तान स्कूल रोड, सैनियान मोहल्ला, शांति नगर, सूर्य नगर, सूरजमल एनक्लेव व मॉडल टाउन एक्सटेंशन में करीब 20 किलोमीटर लंबे बरसाती नाले का निर्माण किया जाएगा। वहीं लघु सचिवालय स्थित डिस्पोजल को अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा आजाद नगर, कैमरी रोड, इंडस्ट्रीयल एरिया, सूर्य नगर व मिल गेट में नए डिस्पोजल का निर्माण करवाया जाएगा। इस पर करीब 88 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
इंदौर में 6 तरह का कचरा किया जाता है अलग-अलग
बैठक में निगमायुक्त राहुल हुड्डा ने इंदौर के अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि हम अभी तक गीला व सूखा कचरा ही अलग अलग करते हैं ,जबकि इंदौर में 6 तरह का कचरा अलग अलग किया जाता है। मैंने वहां पर चार साल के बच्चे से कचरा सेग्रिगेशन के बारे में पूछा तो उसने भी सही जवाब दिया। हमें भी अपनी मौजूदा और आने वाली पीढ़ी में स्वच्छता के प्रति अलख जगानी है।
बैठक में पार्षदों ने जो सुझाव रखे हैं, उनमें सातरोड़ व अर्बन एस्टेट एरिया ही मुख्य है। बाकी तो छोटे-छोटे टुकड़े हैं। 15 दिन के अंदर डीपीआर को फाइनल कर एचईडब्ल्यू पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। - बलविंद्र नैन, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग