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Hisar News: परफॉर्मेंस नहीं सुधरी तो छोड़ने वाली थी हैंडबाल, मां ने दिया हौसला, अब अमृता एशियन गेम्स में दिखाएगी दमखम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Oct 2025 11:42 PM IST
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Amrita was about to quit handball due to poor performance, but her mother encouraged her; now Amrita will showcase her talent at the Asian Games.
खिलाड़ी अमृता।
हिसार। बिठमड़ा गांव की बेटी अमृता ने कभी हैंडबाल छोड़ने का मन बना लिया था, लेकिन मां गुरमीत के हौसले और प्रेरणा ने उसकी जिंदगी की दिशा बदल दी। आज वही अमृता बहरीन में 19 से 30 अक्तूबर तक होने वाले थर्ड एशियन हैंडबाल गेम्स में भारतीय टीम का हिस्सा है और देश का नाम रोशन करने को तैयार है। अमृता इस समय डीसीएम स्कूल, बिठमड़ा में बारहवीं कक्षा की छात्रा है।
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अमृता बताती हैं कि उसने करीब छह साल पहले स्कूल से ही हैंडबाल खेलना शुरू किया था। शुरुआत में जब प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा तो उसने हैंडबाल छोड़ने का मन बना लिया था। यहां तक कि पड़ोसी भी मां गुरमीत से कहने लगे कि बेटी का मन नहीं है, खेलने मत भेजो। लेकिन मां ने हार नहीं मानी। उन्होंने बेटी को समझाया और प्रेरित किया। रोज सुबह पांच बजे जब अमृता ग्राउंड जाती थी तो मां खुद उसे गली पार करवाकर मैदान तक छोड़ने जाती थीं। मां की यही मेहनत और समर्थन अमृता के लिए प्रेरणा बन गई। अमृता कहती है कि आज मैं जिस मुकाम पर हूं, वह सिर्फ अपनी मां की बदौलत हूं। अब मेरा सपना है कि एशियन गेम्स में पदक जीतकर माता-पिता, कोच, स्कूल और देश का नाम रोशन करूं। अमृता के पिता बलशेर किसान हैं।
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गुजरात में लगा राष्ट्रीय कैंप
अमृता ने बताया कि इस चैंपियनशिप की तैयारी के लिए 26 सितंबर से गुजरात में कैंप शुरू हुआ था। यहां उन्होंने खेल की कई बारीकियां सीखी हैं। बुधवार को कैंप का अंतिम दिन है। सोमवार को भारतीय टीम के खिलाड़ियों की सूची जारी हुई, जिसमें उसका नाम शामिल देखकर वह खुशी से झूम उठी। घर-परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। अब सबकी नजरें अमृता से पदक जीतने की उम्मीद पर टिकी हैं।
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कोच बोले, अमृता मेहनती, अनुशासित और प्रतिभाशाली खिलाड़ी
भारतीय टीम के मुख्य कोच अरुण ने बताया कि अमृता ने गांधीनगर (गुजरात) में आयोजित कैंप के दौरान बेहतरीन प्रदर्शन किया। वह एक मेहनती, अनुशासित और प्रतिभाशाली खिलाड़ी है, इसलिए उसका चयन भारतीय टीम में हुआ। डीसीएम स्कूल के चेयरमैन संजय डीसीएम ने मुख्य कोच अरुण, सचिन और कुलवीर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अमृता की उपलब्धि पूरे विद्यालय और क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने बताया कि स्कूल की 30 से अधिक बेटियां खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल कर चुकी हैं, जो विद्यालय की बड़ी उपलब्धि है। वहीं स्कूल डायरेक्टर राजू डीसीएम, प्रिंसिपल सुनील शर्मा, मंजू सेहरा, गुरमेल, हैंडबाल कोच कपिल, सुनील, सुरेंद्र, राजेश दलाल और धर्मवीर ने अमृता को शुभकामनाएं दीं।
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अमृता की प्रमुख उपलब्धियां
2023: सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक।
2024: अंडर-19 स्कूली नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक।
2025: यूथ एशियन चैंपियनशिप में भागीदारी।
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