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अमरनाथ यात्रा : 566 लोगों ने कराया पंजीकरण, 43 दिन चलेगी यात्रा
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हिसार। कोरोना महामारी के कारण दो साल बंद रही पवित्र अमरनाथ यात्रा इस साल 30 जून से शुरू होगी। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए अभी तक जिले में 566 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीकरण कराया है। नागरिक अस्पताल में मेडिकल प्रणाम पत्र बनने की प्रक्रिया जारी है। यात्रा 43 दिन तक चलेगी। जानकारी अनुसार अमरनाथ यात्रा में 15 से 75 आयु वर्ग के लोग जा सकते हैं। यात्रा पर जाने से पहले सभी का मेडिकल प्रमाण पत्र बनता है, उसके बाद ही यात्रा में जाने की अनुमति मिलती है।
पवित्र अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं को नागरिक अस्पताल से मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाना आवश्य है। इस दौरान मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने वाले श्रद्धालु की ईसीजी, शुगर, जांच, आंखों की जांच, एक्स-रे कराया जाता है। इसके बाद फिजिशियन रिपोर्ट की जांच करता है। सब कुछ सही होने पर मेडिकल प्रमाण पत्र बनाया जाता है। उसके बाद पत्र की फोटो कॉपी संबंधित बैंक में जमा करवाई जाती है वहां से पंजीकरण के तीन कार्ड श्रद्धालु को दिए जाते हैं और उस पर बाबा बर्फानी के दर्शन की तारीख लिखी होती है। जिले में अभी तक 566 श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है।
पहलगांव और बालटाल से जाते हैं
दो साल के बाद पवित्र यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए दो रास्तों से श्रद्धालु जाते है। पहलगांव और बालटाल से यहां से रास्ते जाते हैं। यहां से हेलीकॉप्टर से भी यात्रा कर सकते हैं। पहलगांव और बालटाल की तरफ से जाने वाले रास्ते खतरनाक हैं। इस दौरान बारिश का मौसम भी होता है। बारिश के दौरान श्रद्धालुओं को पथरीले रास्ते से गुजरना होता है जो काफी खतरनाक है।
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पवित्र अमरनाथ यात्रा पर जाने से पहले श्रद्धालुओं को नागरिक अस्पताल से मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाना आवश्य है। इस दौरान मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने वाले श्रद्धालु की ईसीजी, शुगर, जांच, आंखों की जांच, एक्स-रे कराया जाता है। इसके बाद फिजिशियन रिपोर्ट की जांच करता है। सब कुछ सही होने पर मेडिकल प्रमाण पत्र बनाया जाता है। उसके बाद पत्र की फोटो कॉपी संबंधित बैंक में जमा करवाई जाती है वहां से पंजीकरण के तीन कार्ड श्रद्धालु को दिए जाते हैं और उस पर बाबा बर्फानी के दर्शन की तारीख लिखी होती है। जिले में अभी तक 566 श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण कराया है।
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पहलगांव और बालटाल से जाते हैं
दो साल के बाद पवित्र यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए दो रास्तों से श्रद्धालु जाते है। पहलगांव और बालटाल से यहां से रास्ते जाते हैं। यहां से हेलीकॉप्टर से भी यात्रा कर सकते हैं। पहलगांव और बालटाल की तरफ से जाने वाले रास्ते खतरनाक हैं। इस दौरान बारिश का मौसम भी होता है। बारिश के दौरान श्रद्धालुओं को पथरीले रास्ते से गुजरना होता है जो काफी खतरनाक है।
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