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हिसार: ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन ने जातीय गणना की मांग रखी
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हिसार। हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग ने शहरी स्थानीय निकाय संस्थाओं में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को लेकर सोमवार को हिसार, सिरसा, फतेहाबाद व जींद जिलों की जन सुनवाई की। लघु सचिवालय परिसर में आयोग के चेयरमैन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति दर्शन सिंह की अध्यक्षता में यह सुनवाई हुई। आयोग के सदस्य श्याम लाल जांगड़ा व एसके गक्खड़, मेयर गौतम सरदाना, उपायुक्त उत्तम सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया, सिरसा के उपायुक्त पार्थ गुप्ता, जींद के उपायुक्त मनोज कुमार, फतेहाबाद उपायुक्त जगदीश शर्मा, आयोग के सदस्य सचिव इंद्रजीत सिंह भी उपस्थित थे।
ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग से मांग की है कि स्थानीय शहरी निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग को उसकी आबादी के आधार पर आरक्षण दिया जाए। इसके लिए पहले सरकार जातीय जनगणना कराए और इंद्रा साहनी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में नौ जजों की संविधानिक पीठ द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार आरक्षण की व्यवस्था करे। फेडरेशन के राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने मांग पत्र सौंपा।
उन्होंने आयोग के समक्ष आंकड़ें पेश करते हुए कहा कि देशभर में वर्ष 1931 के बाद कोई जातीय जनगणना नहीं हुई। उस समय ओबीसी की आबादी 52 प्रतिशत बताई गई थी, जो अब बढ़कर 55 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गई है, क्योंकि उसके बाद बहुत सी जातियां भी ओबीसी में शामिल हुई हैं। हरियाणा में भी ओबीसी की आबादी 40 प्रतिशत से ज्यादा है। आयोग आर्टिकल 15, 16 के तहत सरकार द्वारा सबसे पहले जातीय आंकड़े एकत्र करें। इंद्रा साहनी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के केस की गाइड लाइन के मुताबिक जाति आधारित जनगणना करवाएं।
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भाजपा ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष ईश्वर मालवाल, डिप्टी मेयर अनिल मानी, सुरेंद्र सैनी, मीडिया प्रभारी सतीश गिल, उपाध्यक्ष अनिल जोगी, जिलामंत्री ओमपाल यादव, मंडल अध्यक्ष अंबिका प्रसाद, हरियाणा बैकवर्ड कल्याण महासभा से आरसी लिंबा, जिला जांगिड़ महासभा रामतीर्थ सुथार, विश्वकर्मा पांचाल महासभा सुधीर पांचाल, हनुमान वर्मा, लाल बहादुर खोवाल, पवन जांगड़ा, अजय कांत, तेलू राम जांगड़ा, भूप सिंह रोहिल्ला, बलवान आर्य, मनोहर लाल वर्मा ने आरक्षण के संबंध में आयोग को लिखित प्रस्ताव सौंपे।
आयोग के चेयरमैन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति दर्शन सिंह ने कहा कि आयोग के पास आए सभी सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। फिर सरकार के माध्यम से हरियाणा चुनाव आयोग को सिफारिशें भेजी जाएंगी। फिलहाल प्रदेश के सभी मंडलों में जनसुनवाई की जा रही हैं।
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ऑल इंडिया बैकवर्ड क्लास फेडरेशन ने हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग से मांग की है कि स्थानीय शहरी निकाय चुनावों में पिछड़ा वर्ग को उसकी आबादी के आधार पर आरक्षण दिया जाए। इसके लिए पहले सरकार जातीय जनगणना कराए और इंद्रा साहनी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में नौ जजों की संविधानिक पीठ द्वारा दिए गए निर्णय के अनुसार आरक्षण की व्यवस्था करे। फेडरेशन के राष्ट्रीय कानूनी सलाहकार एडवोकेट लाल बहादुर खोवाल ने मांग पत्र सौंपा।
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उन्होंने आयोग के समक्ष आंकड़ें पेश करते हुए कहा कि देशभर में वर्ष 1931 के बाद कोई जातीय जनगणना नहीं हुई। उस समय ओबीसी की आबादी 52 प्रतिशत बताई गई थी, जो अब बढ़कर 55 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गई है, क्योंकि उसके बाद बहुत सी जातियां भी ओबीसी में शामिल हुई हैं। हरियाणा में भी ओबीसी की आबादी 40 प्रतिशत से ज्यादा है। आयोग आर्टिकल 15, 16 के तहत सरकार द्वारा सबसे पहले जातीय आंकड़े एकत्र करें। इंद्रा साहनी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के केस की गाइड लाइन के मुताबिक जाति आधारित जनगणना करवाएं।
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भाजपा ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष ईश्वर मालवाल, डिप्टी मेयर अनिल मानी, सुरेंद्र सैनी, मीडिया प्रभारी सतीश गिल, उपाध्यक्ष अनिल जोगी, जिलामंत्री ओमपाल यादव, मंडल अध्यक्ष अंबिका प्रसाद, हरियाणा बैकवर्ड कल्याण महासभा से आरसी लिंबा, जिला जांगिड़ महासभा रामतीर्थ सुथार, विश्वकर्मा पांचाल महासभा सुधीर पांचाल, हनुमान वर्मा, लाल बहादुर खोवाल, पवन जांगड़ा, अजय कांत, तेलू राम जांगड़ा, भूप सिंह रोहिल्ला, बलवान आर्य, मनोहर लाल वर्मा ने आरक्षण के संबंध में आयोग को लिखित प्रस्ताव सौंपे।
आयोग के चेयरमैन पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति दर्शन सिंह ने कहा कि आयोग के पास आए सभी सुझावों का अध्ययन किया जाएगा। फिर सरकार के माध्यम से हरियाणा चुनाव आयोग को सिफारिशें भेजी जाएंगी। फिलहाल प्रदेश के सभी मंडलों में जनसुनवाई की जा रही हैं।