नारनौंद प्रकरण: प्रशासन व किसानों के बीच बनी सहमति, एसआईटी करेगी मामले की जांच
हरियाणा के हांसी में लघु सचिवालय के बाहर 12 दिन से चल रहा किसानों का पक्का धरना डीसी से बातचीत के बाद खत्म हो गया। मामले की जांच एसआईटी करेगी, वहीं कुलदीप के एक परिजन को नौकरी और मुआवजे के लिए सरकार को पत्र लिखा जाएगा।
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नारनौंद प्रकरण में 12 दिन से हरियाणा के हांसी लघु सचिवालय के बाहर चल रहा किसानों का पक्का धरना शुक्रवार देर शाम डीसी के आश्वासन पर खत्म कर दिया गया। प्रशासन और किसानों के बीच करीब ढाई घंटे चली बातचीत में किसानों ने सांसद के खिलाफ केस दर्ज करने, किसानों के खिलाफ दर्ज केस रद्द करने व कुलदीप के परिवार के आर्थिक मदद करने की मांग रखी, जिस पर प्रशासन की ओर से डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने सहमति जताई।
प्रशासन की तरफ से घायल किसान के परिवार के एक सदस्य को डीसी रेट पर नौकरी व इलाज का खर्च भुगतान करने की बात भी कही गई। किसान नेता सूबेदार रामकुमार मलिक ने बताया कि कुलदीप पर हमला करने वाले आरोपियों के खिलाफ व किसानों पर दर्ज हुए केस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित होगी। इसके बाद किसानों ने धरना खत्म करने का एलान किया है।
प्रशासन के साथ बातचीत में किसानों की ओर से भाकियू प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में सूबेदार रामकुमार, दशरथ मलिक, कुलदीप खरड़, अभिमन्यु कुहाड़ सहित 10 सदस्य कमेटी शामिल हुई। हांसी में एसपी कार्यालय का संयुक्त किसान मोर्चो के पदाधिकारियों के पहुंचने पर हांसी पुलिस पूरी तरह से सतर्क रही।
लघु-सचिवालय के सामने 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू की गई थी। 2 एएसपी सहित फोर्स की 9 कंपनियों को तैनात किया गया था। दोपहर बाद प्रशासन ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया था।
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एसपी कार्यालय के बाहर लगाई गई थ्री लेयर की सुरक्षा
पुलिस प्रशासन की ओर से लघु सचिवालय के बाहर थ्री लेयर सुरक्षा तैनात की गई। हांसी जिला पुलिस के अलावा चार जिलों की पुलिस तैनात की गई थी। 2 एसपी, 8 डीएसपी, 15 इंस्पेक्टर, 5 कंपनी हरियाणा पुलिस, 4 कंपनी पैरामिलिट्री फोर्स व एक कंपनी महिला पुलिस की तैनात की गई है। किसी भी व्यक्ति को वाहन लेकर लघु सचिवालय के ओर जाने की अनुमति हीं नहीं थी।
यह था मामला
नारनौंद में राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा के विरोध के दौरान किसान कुलदीप राणा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। किसानों के अनुसार कुलदीप राणा पर रामचंद्र जांगड़ा के पीए, गनमैन व स्टाफ सदस्यों ने हमला किया था। सांसद रामचंद्र जांगड़ा की गाड़ी के शीशे भी टूटे थे। इसके बाद पुलिस ने तीन नामजद सहित 63 लोगों पर केस दर्ज किया था। इन केस को वापस कराने, रामचंद्र जांगड़ा के स्टाफ पर केस दर्ज कराने, कुलदीप राणा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लघु सचिवालय के बाहर किसानों ने पक्का मोर्चा लगाया था।
कुलदीप पर हमला करने व किसानों पर दर्ज हुए केस के लिए एसआईटी गठित होगी। कुलदीप राणा के परिजनों को डीसी रेट पर नौकरी दी जाएगी। कुलदीप राणा को उचित मुआवजा दिलाने को लेकर सरकार को पत्र लिखा जाएगा। इसके बाद अपना धरना समाप्त कर दिया। - रामकुमार मलिक, प्रतिनिधि संयुक्त किसान मोर्चा, हिसार
किसानों के साथ प्रशासन की बातचीत में सहमति बनी है। दोनों मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन होगा। कुलदीप के परिजनों को मुआवजा देने के बारे में सरकार को लिखेंगे। डीसी रेट की नौकरी दी जाएगी। किसानों ने धरना खत्म कर दिया है। - नितिका गहलोत, एसपी, हांसी