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छह दिन बाद ट्रैक तैयार, ट्रेन का इंतजार
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:46 AM IST
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छह दिन बाद जाट आंदोलनकारी मंगलवार को रेलवे ट्रैक खाली कर अपने घर लौट गए। आंदोलन को लेकर किए जा रहे सभी धरने, प्रदर्शन, रोड जाम समाप्त हो गए हैं।
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति अब शांति बहाली भाईचारा कमेटी बनाकर गांव व शहरों में जाएगी। कमेटी में सभी जातियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
जाट आंदोलनकारियों ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेतृत्व में रामायण, मय्यड़ रेलवे ट्रैक पर 17 फरवरी से धरना शुरू किया था।
इसके बाद आंदोलनकारियों ने हिसार-दिल्ली नेेशनल हाईवे पर भी कब्जा ले लिया था। इसके बाद जिले में अलग-अलग स्थानों पर सभी नेशनल हाईवे, स्टेट हाइवे के अलावा लिंक रोड जाम कर दिए गए थे।
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केंद्र सरकार की ओर से जाट आरक्षण की मांग माने जाने पर सोमवार को आरक्षण समिति के पदाधिकारियों ने नेशनल हाईवे खाली कर दिए थे।
सांपला-रोहतक में सोमवार देर शाम नेशनल हाईवे पर धरना-प्रदर्शन समाप्त करने के बाद हिसार में भी धरने प्रदर्शन खत्म करने का निर्णय ले लिया गया।
रेलवे ट्रैक किया खाली
मंगलवार की सुबह 11 बजे जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश प्रभारी सतबीर पूनिया ने रोहतक के आंदोलनकारियों की ओर से लिए गए फैसले की जानकारी दी। मौके पर मौजूद लोगों ने मांग माने जाने के बाद धरना समाप्त करने पर सहमति जताई।
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आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त कर टेंट माइक उतार लिए। दरियां उठाकर कर वाहनों में डाली। ट्रैक्टर ट्रॉली सहित अन्य वाहनों में सवार होकर घरों की ओर रवाना होने लगे। दोपहर करीब साढे़ 11 बजे ट्रैक पूरी तरह से खाली नजर आया।
रेलवे इंजीनियरिंग ने दी ट्रैक फिट रिपोर्ट
मंगलवार को हिसार-रेवाड़ी, हिसार-दिल्ली, हिसार-राजगढ़, हिसार-सिरसा, हिसार-लुधियाना ट्रैक खाली हो चुके हैं। रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने इन सभी ट्रैक की जांच की।
सीपीआईडब्ल्यू अविनाश तथा पीडब्ल्यूआई कपिल के नेतृत्व में टीम ने ट्रैक जांचे। सभी ट्रैक पूरी तरह से सुरक्षित पाए गए। इसके बाद सभी ट्रैक पर इंजन गुजारे गए। रेलवे की ओर से ट्रैक फिट की रिपोर्ट दी जा चुकी है। रेलवे को फिलहाल पुलिस की ओर से क्लीयरेंस रिपोर्ट का इंतजार है।