तालिबान ने बढ़ाई चिंता: अफगानी छात्र बोले- हम वापस नहीं जाना चाहते, सरकार यहां हमारी पढ़ाई का बंदोबस्त कर दे
तालिबान का अब अफगानिस्तान पर कब्जा हो गया है। काबुल समेत देश के सभी हिस्सों पर तालिबानी लड़ाके डटे हैं। अफगानिस्तान में हालात बेहद खराब हैं। राष्ट्रपति अशरफ गनी समेत तमाम नेताओं और अधिकारियों को अपना देश छोड़ना पड़ा है। ऐसे में पहले से ही भारत में पढ़ रहे अफगानी छात्र अपने देश की मौजूदा स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हैं।
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अफगानिस्तान में बिगड़े हालात के बाद हरियाणा के हिसार में पढ़ाई कर रहे अफगान विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में पढ़ाई कर रहे अफगानी विद्यार्थियों ने कहा कि परिजनों में खौफ है और वे उन्हें भारत में रहने के लिए ही कह रहे हैं।
भारत जैसे दूसरे देशों में पढ़ाई करने को लेकर तालिबान उनसे सवाल पूछेगा। तालिबान पता नहीं उनके भविष्य पर कैसा फैसला लेगा। अफगानिस्तान के हालातों ने समूचे विश्व को डरा दिया है। इस खौफ का मंजर अफगानिस्तान से करीब 1000 किलोमीटर दूर भारत में भी दिखाई दे रहा है।
विद्यार्थियों ने कहा कि वे अफगानिस्तान में सामान्य स्थिति चाहते हैं, जहां लोग बेखौफ रह सकें। एचएयू में पढ़ाई करने आए अधिकांश अफगानी विद्यार्थी वहां कृषि विभाग में नौकरी कर रहे थे। विश्वविद्यालय में इस समय 12 अफगानी विद्यार्थी विभिन्न कोर्स में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
परिजनों से हर दिन वीडियो कॉल पर बात कर रहा हूं और फिलहाल स्थिति सामान्य है। तालिबान ने घोषणा की है कि लोगों को कहीं भागने की जरूरत नहीं है, वे यहां महफूज रहेंगे। इससे परिजनों में राहत है लेकिन वे भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। बाहर या बाजार जाने से डर रहे हैं। वे और हम सिर्फ ये चाहते हैं कि वहां स्थिति सामान्य हो जाए। फिलहाल उन्हें नहीं पता कि भविष्य में क्या होने वाला है। - सिद्धिकउल्ला, काबुल निवासी एवं एचएयू के विद्यार्थी
परिजनों में डर है। पत्नी, बहन का कॉलेज बंद हो गया है और अब हमें अपने भविष्य का कुछ पता नहीं है। तालिबान क्या करेगा और शासन कैसा होगा, यह अनुमान से परे है। पता नहीं भारत में पढ़ने वाले हम लोगों के साथ उनका व्यवहार कैसा होगा और वह हमारे भविष्य के बारे में कैसा फैसला लेंगे। हम चाहते हैं कि भारत सरकार हमारी मदद करे। - जिया उल हक, बाघलान निवासी एवं एचएयू के विद्यार्थी
घर हर रोज बात हो रही है और परिजन सहमे हुए हैं। कर्मचारियों ने कार्यालयों में जाना बंद कर दिया है। वहां के लोगों और बाहर रह रहे हम जैसे लोगों को भविष्य की चिंता सता रही है। कुलपति को पत्र दिया था कि जब तक हमारी पढ़ाई पूरी नहीं होती, हमारी छात्रवृत्ति बहाल की जाए, ताकि वित्तीय समस्या का सामना न करना पड़े। सरकार से निवेदन है कि हमारी पीएचडी की पढ़ाई का प्रबंध कर दे। - मोहम्मद रफीक, काबुल निवासी एवं एचएयू के विद्यार्थी
जब तक स्थिति ठीक न हो, विद्यार्थी यहां रह सकते हैं: कुलपति
एचएयू के कुलपति प्रो. बीआर कंबोज ने विद्यार्थियों को हौसला देते हुए कहा कि उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन हर समय अपने विद्यार्थियों के साथ है। जब तक अफगानिस्तान में स्थिति सामान्य नहीं हो जाती तक वे यहां रह सकते हैं और उनकी तरफ से हर संभव मदद की जाएगी। स्नातकोत्तर अधिष्ठाता डॉ. अतुल ढींगड़ा ने कहा कि अफगानिस्तान के विद्यार्थियों को हर प्रकार की मदद मुहैया करवाई जा रही है।
डीएसडब्ल्यू ने जाना हाल-चाल
छात्र कल्याण निदेशक डॉ. देवेंद्र सिंह दहिया ने मंगलवार को विद्यार्थियों से बातचीत की और उनका व उनके परिजनों का हाल-चाल जाना। विद्यार्थियों ने इस दौरान उन्हें कहा कि उन्हें अपने परिजनों की चिंता है। त्रिवेणी इंटरनेशनल ब्वायज हॉस्टल के वार्डन डॉ. अनिल वत्स व डॉ. सुरेंद्र यादव लगातार इन विद्यार्थियों की शैक्षणिक व अन्य गतिविधियों में मदद कर रहे हैं।