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Hisar News: 8.88 करोड़ रुपये के मामले में एडीजे कोर्ट ने हरसेक के खातों को अटैच किया
Mon, 05 May 2025 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 05 May 2025 11:39 PM IST
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हिसार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश खत्री सौरभ की कोर्ट ने एक मामले को लेकर एचएयू स्थित हरसेक के सभी खातों को अटैच करने के आदेश दिए हैं। यह मामला नेशनल लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम से जुड़ा हुआ है। इसमें हरसैक ने हिसार जिले के नक्शे, जमीन से जुड़े अन्य जानकारियां तय समय में पेन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को देनी थी। हरसैक समय पर उपलब्ध नहीं करवा सका। कंपनी ने 8 करोड़ 88 लाख रुपये का नुकसान का क्लेम किया। अदालत ने 8 करोड़ 88 लाख रुपये ब्याज सहित कंपनी को देने के लिए हरसैक के अकाउंट अटैच कर दिए।
अधिवक्ता करणदीप ने बताया कि 17 फरवरी 2020 को केंद्र की एक नोटिफिकेशन आई थी। नेशनल लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम था। केंद्र सरकार की इस योजना में देश भर के भूमि अभिलेखों को ऑनलाइन उपलब्ध करवाना था। कॉन्ट्रैक्ट के तहत पैन इंडिया लिमिटेड कंपनी ने हरसैक(हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र) डिपार्टमेंट के सभी लैंड रिकॉर्ड और इससे जुड़ी अन्य जानकारियां उपलब्ध करवानी थी। तय समय सीमा के अंदर हरसैक हिसार की जमीन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं करवा पाई। इसके चलते पेन इंडिया कंपनी अपना कार्य पूरा नहीं कर पाई।इसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया।
सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जज की देखरेख में यह मामला निपटारा करने के लिए कहा गया, फैसला पेन इंडिया के पक्ष में आया। हरसैक को पेन इंडिया के नुकसान की भरपाई करने के लिए कहा गया। हरसेक ने इसे कोर्ट में चुनौती देने के लिए अपील की। 30 सितम्बर 2024 को अपील खारिज हो गई। अधिवक्ता ने कर्णदीप ने बताया कि एडीजे खत्री सौरभ की अदालत इस मामले में हरसैक के सभी बैंक अकाउंट अटैच करने का आर्डर दिया है। पेन इंडिया के 8 करोड़ 88 लाख ब्याज सहित देने के आर्डर जारी किए हैं।
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अधिवक्ता करणदीप ने बताया कि 17 फरवरी 2020 को केंद्र की एक नोटिफिकेशन आई थी। नेशनल लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम था। केंद्र सरकार की इस योजना में देश भर के भूमि अभिलेखों को ऑनलाइन उपलब्ध करवाना था। कॉन्ट्रैक्ट के तहत पैन इंडिया लिमिटेड कंपनी ने हरसैक(हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र) डिपार्टमेंट के सभी लैंड रिकॉर्ड और इससे जुड़ी अन्य जानकारियां उपलब्ध करवानी थी। तय समय सीमा के अंदर हरसैक हिसार की जमीन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं करवा पाई। इसके चलते पेन इंडिया कंपनी अपना कार्य पूरा नहीं कर पाई।इसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया। जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया।
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सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जज की देखरेख में यह मामला निपटारा करने के लिए कहा गया, फैसला पेन इंडिया के पक्ष में आया। हरसैक को पेन इंडिया के नुकसान की भरपाई करने के लिए कहा गया। हरसेक ने इसे कोर्ट में चुनौती देने के लिए अपील की। 30 सितम्बर 2024 को अपील खारिज हो गई। अधिवक्ता ने कर्णदीप ने बताया कि एडीजे खत्री सौरभ की अदालत इस मामले में हरसैक के सभी बैंक अकाउंट अटैच करने का आर्डर दिया है। पेन इंडिया के 8 करोड़ 88 लाख ब्याज सहित देने के आर्डर जारी किए हैं।
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