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एक्शन: विकास कार्यों में बरती लापरवाही, डीसी की अनुशंसा पर एक्सईएन चार्जशीट
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर विकास कार्य कराए। ऐसे में शिकायतें हुई तो उपायुक्त ने जांच करवाई। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच के बाद उपायुक्त ने स्थानीय निकाय विभाग को पत्र लिखकर एक्सईएन पर कार्रवाई की अनुशंसा की। विभाग के निदेशक ने एक्सईएन को चार्जशीट कर दिया है। साथ ही अब उपायुक्त अब विभागीय जांच भी करवाएंगे, जिस अधिकारी भी संलिप्तता मिलेगी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
शहर भर में नगर परिषद की ओर से कई विकास कार्य करवाए गए, लेकिन आरोप लगे कि नगर परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर काम करवा दिए। इन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया जरूरी थी, उनके लिए सीधे वर्क ऑर्डर जारी कर दिए और अपने स्तर पर काम करवा दिए गए। इतना ही नहीं बड़े स्तर पर हुए विकास कार्यों को लेकर भी अधिकारियों की ओर से अनियमितताएं मिली हैं। इनकी शिकायतें लगातार उपायुक्त कार्यालय पहुंच रही थी। ऐसे में उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने अपने स्तर पर जांच करवाई। जांच के दौरान कई खुलासे हुए। इनकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त ने स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय भेज दी। साथ ही डीसी ने अनियमितताएं करने के दोषी पाए गए नगर परिषद के तत्कालीन एक्सईएन अजय पंघाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार्जशीट करने की अनुशंसा भी की। अब स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक की ओर से इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है। इसमें नगर परिषद के तत्कालीन एक्सईएन अजय पंघाल को चार्जशीट करने के आदेश जारी किए गए हैं।
विभागीय जांच भी होगी, अन्य अधिकारी हो सकते हैं संलिप्त
उपायुक्त कार्यालय की ओर से इन शिकायतों की विस्तृत तौर पर विभागीय जांच भी करवाई जाएगी। माना जा रहा है कि इन बड़े विकास कार्य बिना टेंडर के करवाने में अकेले एक्सईएन की भूमिका नहीं हो सकती। ऐसे में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच होगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आई तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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जांच के बाद अब रिकवरी भी करवाएगा विभाग
विभागीय सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन एक्सईएन के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों की जांच होगी। यदि नियम तोड़कर काम करवाए गए हैं तो न केवल कार्रवाई होगी, बल्कि इससे जो भी विभाग या प्रशासन को आर्थिक नुकसान हुआ है, उसकी रिकवरी भी जिम्मेदार अधिकारियों से करवाई जाएगी। इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है।
विवादित रहा है एक्सईएन का कार्यकाल, स्थानांतरण के बाद भी रिलीव में देरी
नगर परिषद के एक्सईएन रहे अजय पंघाल का कार्यकाल विवादों में रहा है। कई गंभीर आरोप लगे, लेकिन उस दौरान कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं जब एक्सईएन का स्थानांतरण हुआ तो उसके बाद भी करीब 10 दिन तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया। ऐसे में जब स्थानांतरण का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मजबूरीवश एक्सईएन को रिलीव होना पड़ा।
जांच के बाद की थी अनुशंसा, अब चार्जशीट के आदेश हुए हैं जारी : डीसी
शिकायतों के आधार पर जांच करवाई थी। जांच में कई खुलासे हुए कि विकास कार्यों में अनियमितताएं बरती गई। इसलिए कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई थी। अब तत्कालीन एक्सईएन को चार्जशीट करने के आदेश हुए हैं। इतना ही नहीं अब विभागीय जांच भी करवाएंगे। जिस भी अधिकारी की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी और रिकवरी भी करवाई जा सकती है। - अजय सिंह तोमर, डीसी, सिरसा।
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सिरसा। नगर परिषद अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर विकास कार्य कराए। ऐसे में शिकायतें हुई तो उपायुक्त ने जांच करवाई। जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच के बाद उपायुक्त ने स्थानीय निकाय विभाग को पत्र लिखकर एक्सईएन पर कार्रवाई की अनुशंसा की। विभाग के निदेशक ने एक्सईएन को चार्जशीट कर दिया है। साथ ही अब उपायुक्त अब विभागीय जांच भी करवाएंगे, जिस अधिकारी भी संलिप्तता मिलेगी, उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
शहर भर में नगर परिषद की ओर से कई विकास कार्य करवाए गए, लेकिन आरोप लगे कि नगर परिषद अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमों को ताक पर रखकर काम करवा दिए। इन कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया जरूरी थी, उनके लिए सीधे वर्क ऑर्डर जारी कर दिए और अपने स्तर पर काम करवा दिए गए। इतना ही नहीं बड़े स्तर पर हुए विकास कार्यों को लेकर भी अधिकारियों की ओर से अनियमितताएं मिली हैं। इनकी शिकायतें लगातार उपायुक्त कार्यालय पहुंच रही थी। ऐसे में उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने अपने स्तर पर जांच करवाई। जांच के दौरान कई खुलासे हुए। इनकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त ने स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय भेज दी। साथ ही डीसी ने अनियमितताएं करने के दोषी पाए गए नगर परिषद के तत्कालीन एक्सईएन अजय पंघाल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार्जशीट करने की अनुशंसा भी की। अब स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक की ओर से इस संबंध में पत्र जारी कर दिया गया है। इसमें नगर परिषद के तत्कालीन एक्सईएन अजय पंघाल को चार्जशीट करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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विभागीय जांच भी होगी, अन्य अधिकारी हो सकते हैं संलिप्त
उपायुक्त कार्यालय की ओर से इन शिकायतों की विस्तृत तौर पर विभागीय जांच भी करवाई जाएगी। माना जा रहा है कि इन बड़े विकास कार्य बिना टेंडर के करवाने में अकेले एक्सईएन की भूमिका नहीं हो सकती। ऐसे में अन्य अधिकारियों की संलिप्तता की भी जांच होगी। यदि जांच के दौरान किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत सामने आई तो उनके खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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जांच के बाद अब रिकवरी भी करवाएगा विभाग
विभागीय सूत्र बताते हैं कि तत्कालीन एक्सईएन के कार्यकाल के दौरान हुए विकास कार्यों की जांच होगी। यदि नियम तोड़कर काम करवाए गए हैं तो न केवल कार्रवाई होगी, बल्कि इससे जो भी विभाग या प्रशासन को आर्थिक नुकसान हुआ है, उसकी रिकवरी भी जिम्मेदार अधिकारियों से करवाई जाएगी। इसके लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है।
विवादित रहा है एक्सईएन का कार्यकाल, स्थानांतरण के बाद भी रिलीव में देरी
नगर परिषद के एक्सईएन रहे अजय पंघाल का कार्यकाल विवादों में रहा है। कई गंभीर आरोप लगे, लेकिन उस दौरान कार्रवाई नहीं हुई। इतना ही नहीं जब एक्सईएन का स्थानांतरण हुआ तो उसके बाद भी करीब 10 दिन तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया। ऐसे में जब स्थानांतरण का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मजबूरीवश एक्सईएन को रिलीव होना पड़ा।
जांच के बाद की थी अनुशंसा, अब चार्जशीट के आदेश हुए हैं जारी : डीसी
शिकायतों के आधार पर जांच करवाई थी। जांच में कई खुलासे हुए कि विकास कार्यों में अनियमितताएं बरती गई। इसलिए कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई थी। अब तत्कालीन एक्सईएन को चार्जशीट करने के आदेश हुए हैं। इतना ही नहीं अब विभागीय जांच भी करवाएंगे। जिस भी अधिकारी की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी और रिकवरी भी करवाई जा सकती है। - अजय सिंह तोमर, डीसी, सिरसा।