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Hisar News: किसी के पिता जुत्ती कारीगर तो किसी के पिता बिजली मिस्त्री, मेहनत के दम कर हासिल किया मुकाम
Sun, 18 May 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 18 May 2025 12:47 AM IST
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हांसी में छात्रा नंदिनी का मुंह मीठा करवाते उसके दादा नारायण दास।
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हांसी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने शनिवार को दसवीं के परीक्षा परिणाम घोषित किए। इसमें कुछ बच्चों ने विपरीत परिस्थितियों से लड़कर व मोबाइल से दूरी बनाकर मुकाम हासिल किया और टॉपर बन गए। टॉपर बने बच्चों में किसी के पिता जुत्ती बनाने का काम करते हैं तो किसी के पिता बिजली मिस्त्री हैं।
सुबह 5 बजे उठकर पढ़ाई करती थी। प्रतिदिन 4-5 घंटे पढ़ाई करती थी। पिता सुनील कारपेंटर का काम करते हैं। माता सुनीता गृहिणी हैं। मोबाइल से बिल्कुल दूर रहती हुं। आईएएस दिव्या तंवर से मुझे आईएएस बनने के लिए प्रेरणा मिलती है। इसलिए मैं आईएएस बनना चाहती हुं।- आस्था, आनंद निकेतन स्कूल, 96.6 प्रतिशत
स्कूल में जो पढ़ाते वही घर पर आकर पढ़ते थे। मैंने कोई कोचिंग नहीं ली। स्कूल में एक्सट्रा क्लास भी लगती थी। पिता शंटी कुमार बिजली मिस्त्री का काम करते हैं। माता पूनम गृहिणी हैं। मोबाइल का उपयोग केवल काम के लिए करते थे। सोशल मीडिया से दूर हूं।- कनिका सिंद्धवानी, आनंद निकेतन स्कूल, 96.6 प्रतिशत
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मैं घर पर 4 से 6 घंटे तक पढ़ाई करता था। पिता सुनील कुमार जुत्ती के कारीगर हैं। माता अंजू गृहिणी हैं। मैं मोबाइल से दूर रहता हुं। सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करता है। आईटी इंजीनियर बनना चाहता हुं।- हर्ष कुमार, शहीद भगत सिंह स्कूल, 96 प्रतिशत
स्कूल में एक्सट्रा क्लास से पढ़ाई करते थे। पिता चेतन राशन डिपो चलाते हैं। माता अंजू बाला गृहिणी हैं। मोबाइल का उपयोग परीक्षा के दिनों में बंद कर दिया था। मैं डॉक्टर बनना चाहती हुं।- नंदिनी, आनंद निकेतन स्कूल, 91.4 प्रतिशत
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सुबह 5 बजे उठकर पढ़ाई करती थी। प्रतिदिन 4-5 घंटे पढ़ाई करती थी। पिता सुनील कारपेंटर का काम करते हैं। माता सुनीता गृहिणी हैं। मोबाइल से बिल्कुल दूर रहती हुं। आईएएस दिव्या तंवर से मुझे आईएएस बनने के लिए प्रेरणा मिलती है। इसलिए मैं आईएएस बनना चाहती हुं।- आस्था, आनंद निकेतन स्कूल, 96.6 प्रतिशत
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स्कूल में जो पढ़ाते वही घर पर आकर पढ़ते थे। मैंने कोई कोचिंग नहीं ली। स्कूल में एक्सट्रा क्लास भी लगती थी। पिता शंटी कुमार बिजली मिस्त्री का काम करते हैं। माता पूनम गृहिणी हैं। मोबाइल का उपयोग केवल काम के लिए करते थे। सोशल मीडिया से दूर हूं।- कनिका सिंद्धवानी, आनंद निकेतन स्कूल, 96.6 प्रतिशत
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मैं घर पर 4 से 6 घंटे तक पढ़ाई करता था। पिता सुनील कुमार जुत्ती के कारीगर हैं। माता अंजू गृहिणी हैं। मैं मोबाइल से दूर रहता हुं। सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करता है। आईटी इंजीनियर बनना चाहता हुं।- हर्ष कुमार, शहीद भगत सिंह स्कूल, 96 प्रतिशत
स्कूल में एक्सट्रा क्लास से पढ़ाई करते थे। पिता चेतन राशन डिपो चलाते हैं। माता अंजू बाला गृहिणी हैं। मोबाइल का उपयोग परीक्षा के दिनों में बंद कर दिया था। मैं डॉक्टर बनना चाहती हुं।- नंदिनी, आनंद निकेतन स्कूल, 91.4 प्रतिशत