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क्रांतिमान पार्क से लघु सचिवालय तक निकाला पैदल मार्च, तीन घंटे बंद रहे गेट
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लघु सचिवालय के बाहर अपनी खराब फसल को दिखाता किसान
- फोटो : Hisar
हिसार। किसानों ने सोमवार को पगड़ी संभाल जट्टा कार्यक्रम के तहत क्रांतिमान पार्क से लघु सचिवालय तक विरोध जुलूस निकाला। किसानों ने लघु सचिवालय गेट पर करीब तीन घंटे तक विरोध जताया। किसानों के लिए खरीफ 2020 का मुआवजा, वर्तमान में गिरदावरी मुआवजे की मांग की।
किसानों की एक बैठक सोमवार को क्रांतिमान पार्क में करतार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसके बाद किसानों ने लखीमपुर खीरी के किसानों की मौत को हत्या करार देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है। किसान हाथों में बैनर, पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च के साथ लघु सचिवालय पहुंचे। किसानों के पहुंचने से पहले ही पुलिस कर्मियों ने गेट को एहतियात के तौर पर बंद करा दिया। जिसके बाद किसान गेट सामने ही नारेबाजी करते हुए बैठ गए। किसानों ने करीब दो घंटे तक विरोध जताया। भाकियू के महासचिव दिलबाग हुड्डा ने कहा कि किसानों को 2020 में खराब हुई फसलों का मुआवजा अब तक नहीं दिया गया। सितंबर महीने में भीषण बारिश में खराब हुई फसलों की अब तक गिरदावरी नहीं की गई। किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा प्रदान किया जाए। प्रदेश भर में डीएपी उपलब्ध कराया जाए। किसानों का बाजरा, मूंग न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाएं। बाद में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिला।
इस मौके पर शमशेर नंबरदार, मनदीप नथवान, संदीप सिवाच, प्रह्लाद सिंह, अमरजीत सिंह, संदीप धीरणवास, हवा सिंह हिंदवान, रामबीर ढांडा, जयपाल सिंधु, विजय जागलान, राजपाल रापड़िया, रीमन नैन, अनु सूरा, राजपति भगाना, सूबे सिंह बूरा, सतबीर सिंह, सतबीर धायल, सरदानंद, कृष्ण सावंत सहित अन्य उपस्थित रहे।
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किसानों की एक बैठक सोमवार को क्रांतिमान पार्क में करतार सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसके बाद किसानों ने लखीमपुर खीरी के किसानों की मौत को हत्या करार देते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के इस्तीफे की मांग की है। किसान हाथों में बैनर, पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च के साथ लघु सचिवालय पहुंचे। किसानों के पहुंचने से पहले ही पुलिस कर्मियों ने गेट को एहतियात के तौर पर बंद करा दिया। जिसके बाद किसान गेट सामने ही नारेबाजी करते हुए बैठ गए। किसानों ने करीब दो घंटे तक विरोध जताया। भाकियू के महासचिव दिलबाग हुड्डा ने कहा कि किसानों को 2020 में खराब हुई फसलों का मुआवजा अब तक नहीं दिया गया। सितंबर महीने में भीषण बारिश में खराब हुई फसलों की अब तक गिरदावरी नहीं की गई। किसानों को प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजा प्रदान किया जाए। प्रदेश भर में डीएपी उपलब्ध कराया जाए। किसानों का बाजरा, मूंग न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाएं। बाद में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिला।
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इस मौके पर शमशेर नंबरदार, मनदीप नथवान, संदीप सिवाच, प्रह्लाद सिंह, अमरजीत सिंह, संदीप धीरणवास, हवा सिंह हिंदवान, रामबीर ढांडा, जयपाल सिंधु, विजय जागलान, राजपाल रापड़िया, रीमन नैन, अनु सूरा, राजपति भगाना, सूबे सिंह बूरा, सतबीर सिंह, सतबीर धायल, सरदानंद, कृष्ण सावंत सहित अन्य उपस्थित रहे।
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