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बैंकों में हड़ताल से करोड़ों का काम अटका

Thu, 19 Dec 2013 05:49 AM IST
Hisar
Hisar Updated Thu, 19 Dec 2013 05:49 AM IST
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हिसार। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बुधवार को शहर में भी सरकारी बैंकों में कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हिसार में हरियाणा बैक इंप्लाइज फेडरेशन के बैनर तले सभी बैंक कर्मचारी और अधिकार स्थानीय सिंडिकेट बैक के सामने एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। धरने की अध्यक्षता हिसार इकाई के प्रधान कामरेड तरसेम अग्रवाल ने की और संचालन सचिव कामरेड वीएल शर्मा ने किया। बैंक कर्मचारियों ने सरकार द्वारा किए जा रहे बैंकिंग सुधारों का खुलकर विरोध करते हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते को तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग की।
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शर्मा ने बताया कि हिसार में हड़ताल के कारण क्लीयरिंग हाउस में कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। इसके कारण लगभग 300 करोड़ रुपये का कामकाज प्रभावित हुआ। कामरेड शर्मा ने बताया कि सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 7वां वेतन आयोग अभी से गठित कर दिया है, जो एक जनवरी 2016 से लागू होना है। वहीं दूसरी तरफ बैंक कर्मियों का वेतन समझौता एक नवंबर 2012 से लंबित है, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार ने इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नहीं की। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुधारों के नाम पर सरकार देश की जनता की गाढ़ी कमाई औद्योगिक घरानों में लुटाने को तत्पर है। बैंकों के लगभग पांच लाख करोड़ रुपये डूबे हुए हैं, जिनमें से तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि अकेले औद्योगिक घरानों के पास है। इन्हीं घरानों को बैंकों का लाइसेंस दिया जा रहा है। धरने को एचबीईएफ यूनिट हिसार के उपप्रधान कामरेड राजेश गर्ग, जगदीश नागपाल, प्रवीन जैन, अशोक कुमार, हरीश धमीजा, बलबीर और सुरजीत आदि ने संबोधित किया।
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