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चौकीदारों ने मांगों की अनदेखी पर जताया रोष
Hisar
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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जींद। ग्रामीण चौकीदार सभा के आह्वान पर बुधवार को ग्रामीण चौकीदारों ने भत्ते में बढ़ोत्तरी और चौथा दर्जा कर्मचारी घोषित किए जाने सहित अन्य मांगों को लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान ग्रामीण चौकीदारों ने मांगों की अनदेखी पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष भी जताया।
जिला प्रधान चंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सरकार व समाज से संबंधित कार्यो को चौकीदार निष्ठापूर्वक निभाते है, लेकिन वेतन के नाम पर उन्हें 1500 रुपये महीना मेहनताना दिया जा रहा है। एक नवंबर 2011 को मुख्यमंत्री ने 500 रुपये भत्ता बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन एक साल बाद भी बढ़ा हुआ भत्ता उन्हें नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की कि बढ़ा हुआ भत्ता एक नवंबर 2011 से एरियर सहित दिया जाए। चौकीदारों को पक्का कर चौथा दर्जा कर्मचारी घोषित किया जाए। न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये किया जाए। 2010 से बंद मुनादी भत्ता चौकीदारों को दिया जाए और उन्हें इंद्रा आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए जाए। सोमवार को धरने पर रामदिया, इतवारी, ओमप्रकाश, कपूरा, जयकर्ण, रघुबीर, दिलबाग, संदीप आदि ने संबोधित किया।
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जिला प्रधान चंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सरकार व समाज से संबंधित कार्यो को चौकीदार निष्ठापूर्वक निभाते है, लेकिन वेतन के नाम पर उन्हें 1500 रुपये महीना मेहनताना दिया जा रहा है। एक नवंबर 2011 को मुख्यमंत्री ने 500 रुपये भत्ता बढ़ाने की घोषणा की थी, लेकिन एक साल बाद भी बढ़ा हुआ भत्ता उन्हें नहीं दिया गया। उन्होंने मांग की कि बढ़ा हुआ भत्ता एक नवंबर 2011 से एरियर सहित दिया जाए। चौकीदारों को पक्का कर चौथा दर्जा कर्मचारी घोषित किया जाए। न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपये किया जाए। 2010 से बंद मुनादी भत्ता चौकीदारों को दिया जाए और उन्हें इंद्रा आवास योजना के तहत पक्के मकान दिए जाए। सोमवार को धरने पर रामदिया, इतवारी, ओमप्रकाश, कपूरा, जयकर्ण, रघुबीर, दिलबाग, संदीप आदि ने संबोधित किया।
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