{"_id":"5ac7c45d4f1c1bed618b5f08","slug":"91523041373-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने अनाज मंडी को बताया समस्याओं का घर, सरसों बरसात में भीगनी तय। शैडों के नीचे व्यापारियों की खरीदी हुई फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने अनाज मंडी को बताया समस्याओं का घर, सरसों बरसात में भीगनी तय। शैडों के नीचे व्यापारियों की खरीदी हुई फसल
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
मंडी में अपनी गेहूं लेकर आए किसान बोले मंडी म्ह सरसम भीजण ल्याग री सै, अर खेतां मं माहरी गेहूं भीजण ल्याग री सै। आकाश में बादलों को देखकर अनाज मंडी में सरसों बेचने आए किसान गहरी परेशानी मे घिर गए। किसानों को अपनी सरसों की फसल भीगने का भय है। अनाज मंडी की हालात को देखकर तय है कि किसानों की सरसों अवश्य ही भीगेगी। किसानों ने व्यापारियों पर आरोप लगाए हैं कि मंडी में सभी शेड के नीचे व्यापारियों की खरीदी हुई फसल रखी है। जोकि उनके गोदामों में होनी चाहिए। शेडों के नीचे जगह न होने के कारण ज्यादातर किसानों की सरसों खुले में पड़ी है। सरकारी एजेंसी पर सरसों बेचने आए किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए तीन-तीन दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसान चारों ओर से समस्याओं से घिरे हुए हैं।
अनाज मंडी है या समस्याओं का घर: किसान
किसान बोले अनाज मंडी किसानों के लिए समस्या का घर बनी हुई है। अपनी फसल बेचने आए किसानों को मंडी में खारा पानी पीने के लिए विवश हैं। नहाने व शौचालय जाने के लिए दस-दस रुपये देने पड़ रहे हैं। किसानों को मजबूरन खुले में पेशाब करना पड़ रहा है। एक किसान ने बताया कि अनाज मंडी में भारत सरकार के स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं। मंडी में शौचालयों कमी है। कुछ किसानों ने व्यापारियों पर आरोप लगाया है मंडी के शेडों तले व्यापारियों की खरीदी सरसों रखी है। ज्यादातर किसानों की फसल खुले में पड़ी हुई हैं। इस कारण सरसों भीगनी तय है।
सोमवार को डीसी करेंगे गेहूं खरीद का शुभारंभ
अनाज मंडी में शुक्रवार को ही गेहूं आनी शुरू हो गई। गेहूं की खरीद सोमवार को शुरू होगी। मंडी एसोसिएशन के प्रधान संजय गोयल ने बताया कि सोमवार को उपायुक्त अशोक कुमार मीणा सुबह 10 बजे गेहूं खरीद का उद्घाटन करेेंगे। इस बार मंडी में 1735 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीद की जाएगी।
विज्ञापन
बादल देखकर किसान घबराए ....
मंडी में बरसात का मौसम बनते ही किसान घबरा गए। किसानों ने तिरपाल डालकर अपनी सरसों को बचाने का प्रयास किया। कुछ किसानों ने बिना बोली कराए ही सरसों को बोरियों में भरवाया। बदले मौसम के कारण किसानों को पसीने छूट रहे थे।
विज्ञापन
हिसार।
मंडी में अपनी गेहूं लेकर आए किसान बोले मंडी म्ह सरसम भीजण ल्याग री सै, अर खेतां मं माहरी गेहूं भीजण ल्याग री सै। आकाश में बादलों को देखकर अनाज मंडी में सरसों बेचने आए किसान गहरी परेशानी मे घिर गए। किसानों को अपनी सरसों की फसल भीगने का भय है। अनाज मंडी की हालात को देखकर तय है कि किसानों की सरसों अवश्य ही भीगेगी। किसानों ने व्यापारियों पर आरोप लगाए हैं कि मंडी में सभी शेड के नीचे व्यापारियों की खरीदी हुई फसल रखी है। जोकि उनके गोदामों में होनी चाहिए। शेडों के नीचे जगह न होने के कारण ज्यादातर किसानों की सरसों खुले में पड़ी है। सरकारी एजेंसी पर सरसों बेचने आए किसानों को अब अपनी फसल बेचने के लिए तीन-तीन दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसान चारों ओर से समस्याओं से घिरे हुए हैं।
अनाज मंडी है या समस्याओं का घर: किसान
किसान बोले अनाज मंडी किसानों के लिए समस्या का घर बनी हुई है। अपनी फसल बेचने आए किसानों को मंडी में खारा पानी पीने के लिए विवश हैं। नहाने व शौचालय जाने के लिए दस-दस रुपये देने पड़ रहे हैं। किसानों को मजबूरन खुले में पेशाब करना पड़ रहा है। एक किसान ने बताया कि अनाज मंडी में भारत सरकार के स्वच्छता अभियान की धज्जियां उड़ रही हैं। मंडी में शौचालयों कमी है। कुछ किसानों ने व्यापारियों पर आरोप लगाया है मंडी के शेडों तले व्यापारियों की खरीदी सरसों रखी है। ज्यादातर किसानों की फसल खुले में पड़ी हुई हैं। इस कारण सरसों भीगनी तय है।
विज्ञापन
सोमवार को डीसी करेंगे गेहूं खरीद का शुभारंभ
अनाज मंडी में शुक्रवार को ही गेहूं आनी शुरू हो गई। गेहूं की खरीद सोमवार को शुरू होगी। मंडी एसोसिएशन के प्रधान संजय गोयल ने बताया कि सोमवार को उपायुक्त अशोक कुमार मीणा सुबह 10 बजे गेहूं खरीद का उद्घाटन करेेंगे। इस बार मंडी में 1735 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं की खरीद की जाएगी।
विज्ञापन
बादल देखकर किसान घबराए ....
मंडी में बरसात का मौसम बनते ही किसान घबरा गए। किसानों ने तिरपाल डालकर अपनी सरसों को बचाने का प्रयास किया। कुछ किसानों ने बिना बोली कराए ही सरसों को बोरियों में भरवाया। बदले मौसम के कारण किसानों को पसीने छूट रहे थे।