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जाटों को कमजोर समझने की भूल ना करे सरकार-सांगवान
Updated Sat, 10 Mar 2018 01:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिवानी मंडी (हिसार)।
सरकार जाटों को कमजोर समझने की भूल ना करें। आरक्षण हमारा अधिकार है और इसे हासिल करके ही जाट समाज दम लेगा। सरकार जब तक आरक्षण हिंसा के दौरान सभी जातियों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमों को वापस नहीं लेती उनका यह धरना जारी रहेगा। इसके लिए प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी धरने शुरू किए जाने की योजनाएं तैयार की जा रही है।
यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान ने कही। सांगवान शुक्रवार को सिवानी-हिसार बाईपास पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे जाट समाज के धरने को संबोधित कर रहे थे। शुक्रवार को आयोजित इस धरने में प्रदेश भर के विभिन्न हिस्सों से जाट समाज के लोगों ने धरने पर पहुंच कर समाज की मांगों का समर्थन किया। आयोजित इस धरने में जींद, भिवानी, दिल्ली, कैथल, हिसार, रेवाड़ी जिला से जाट समाज के लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपने रोष का इजहार किया।
जींद से आए जींद जिला के अध्यक्ष वीरभान ढुल ने कहा कि जाट समाज अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत है। सरकार जाटों की आवाज दबाना चाहती है जिसे लेकर समाज के लोगों में सरकार के खिलाफ रोष का माहौल है। सरकार की यही नीतियां रही तो जाट समाज सरकार की ईंट से ईंट बजाने का काम करेगा।
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भिवानी से आए पिलानिया खाप के प्रदेशाध्यक्ष सत्यजीत पिलानिया ने कहा कि सरकार जानबूझ कर आरक्षण और सभी जातियों के खिलाफ दर्ज हुए मामले को लटका रही है। पूरे प्रदेश में केवल सिवानी में ही अधिवक्ता राजीव श्योराण के खिलाफ दर्ज हुए मामले को वापस लिया गया है। सरकार जब तक सभी दर्ज मामलों को वापस लेकर उनकी लिस्ट नहीं थमा देती और आरक्षण नहीं देती तब तक उनका यह धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान जाट समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
इस मौके पर जाट नेता प्रताप सिंह कस्वां, बबल बिधवानिया, बालाराम,महेंद्र सिंह जागलान, दलजीत सिंह पंघाल, सोमवीर, रामकिशन भगाणा, प्रीतम सिंह बूरा, टेकचंद, रघुबीर बूरा, जंगबीर सिंह, दलबीर तालू, बलबीर सरपंच, जोगेंद्र तालू, वेद सिंह धमाणा, मूलचंद दहिया, राजेश दहिया सहित कई जाट नेता मौजूद थे।
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सिवानी मंडी (हिसार)।
सरकार जाटों को कमजोर समझने की भूल ना करें। आरक्षण हमारा अधिकार है और इसे हासिल करके ही जाट समाज दम लेगा। सरकार जब तक आरक्षण हिंसा के दौरान सभी जातियों के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमों को वापस नहीं लेती उनका यह धरना जारी रहेगा। इसके लिए प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी धरने शुरू किए जाने की योजनाएं तैयार की जा रही है।
यह बात जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान ने कही। सांगवान शुक्रवार को सिवानी-हिसार बाईपास पर जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहे जाट समाज के धरने को संबोधित कर रहे थे। शुक्रवार को आयोजित इस धरने में प्रदेश भर के विभिन्न हिस्सों से जाट समाज के लोगों ने धरने पर पहुंच कर समाज की मांगों का समर्थन किया। आयोजित इस धरने में जींद, भिवानी, दिल्ली, कैथल, हिसार, रेवाड़ी जिला से जाट समाज के लोगों ने धरना स्थल पर पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपने रोष का इजहार किया।
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जींद से आए जींद जिला के अध्यक्ष वीरभान ढुल ने कहा कि जाट समाज अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्षरत है। सरकार जाटों की आवाज दबाना चाहती है जिसे लेकर समाज के लोगों में सरकार के खिलाफ रोष का माहौल है। सरकार की यही नीतियां रही तो जाट समाज सरकार की ईंट से ईंट बजाने का काम करेगा।
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भिवानी से आए पिलानिया खाप के प्रदेशाध्यक्ष सत्यजीत पिलानिया ने कहा कि सरकार जानबूझ कर आरक्षण और सभी जातियों के खिलाफ दर्ज हुए मामले को लटका रही है। पूरे प्रदेश में केवल सिवानी में ही अधिवक्ता राजीव श्योराण के खिलाफ दर्ज हुए मामले को वापस लिया गया है। सरकार जब तक सभी दर्ज मामलों को वापस लेकर उनकी लिस्ट नहीं थमा देती और आरक्षण नहीं देती तब तक उनका यह धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान जाट समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
इस मौके पर जाट नेता प्रताप सिंह कस्वां, बबल बिधवानिया, बालाराम,महेंद्र सिंह जागलान, दलजीत सिंह पंघाल, सोमवीर, रामकिशन भगाणा, प्रीतम सिंह बूरा, टेकचंद, रघुबीर बूरा, जंगबीर सिंह, दलबीर तालू, बलबीर सरपंच, जोगेंद्र तालू, वेद सिंह धमाणा, मूलचंद दहिया, राजेश दहिया सहित कई जाट नेता मौजूद थे।