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गीता के ज्ञान से जनप्रतिनिधियों के साथ जनता की भी दूरी
Updated Wed, 29 Nov 2017 01:10 AM IST
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हिसार।
सरकार के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मंगलवार को पहले दिन गीता ज्ञान से आम लोगों ने दूरियां बनाकर रखी। कार्यक्रम में पहले दिन आम लोग ही नहीं पहुंचे। केवल गीता महोत्सव के कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थी पहुंचे। इसके अलावा कुछ छोटे स्तर के बीजेपी कार्यकर्ता ही थे।
गीता महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जन स्वास्थ्य मंत्री बनवारी लाल के चेहरे पर कार्यक्रम में भीड़ न होने का मलाल साफ दिख रहा था। उन्होंने मंच पर दीप प्रज्ज्वलित करने के कुछ देर बाद केवल 3:30 मिनट तक ही भाषण दिया। मंत्री बनवारी लाल कार्यक्रम में केवल 25 मिनट ही रुके। उन्होंने पहले स्टॉल देखी और इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर गीता पाठ सुना। इसके बाद उन्होंने अपना भाषण दिया और चले गए। मुख्य अतिथि कार्यक्रम में लेट भी पहुंचे। इससे पहले विशिष्ट अतिथि मेयर शकुंतला राजलीवाला मुख्यातिथि के आने से पहले हवन में आहुति डालकर कार्यक्रम से जा चुकी थीं। जिला प्रशासन ने गीता महोत्सव कार्यक्रम में भीड़ एकत्रित करने के लिए 35 से अधिक स्टॉल लगाई हुई थीं। स्कूल स्टाफ, स्टॉल लगाने वाला स्टाफ सहित अन्य कोई महोत्सव में दिखाई ही नहीं दिया।
देर रात तक नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधियों के यहां आमंत्रण लेटर
गीता जयंती महोत्सव को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी दूरियां बनाकर रखी। देर रात का जिला प्रशासन गीता जयंती कार्यक्रम के आमंत्रण लेटर नहीं भिजवा पाया। शहर में भी सोमवार को रात आठ बजे तक जनप्रतिनिधियों के घर कार्ड भेजे गए।
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बुलाए गए थे सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य, जिला परिषद और पार्षद
जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी तरफ से खूब प्रचार किया। उन्होंने अपने जिले के सभी गांवों के सरपंचों को बीडीपीओ के माध्यम से कार्ड भेजे थे। इसके अलावा ब्लॉक समिति सदस्यों, जिला परिषद सदस्यों और पार्षदों को कार्ड भेजे गए थे, लेकिन बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं को छोड़कर कोई सरपंच कार्यक्रम में नहीं पहुंचा।
लगाई गई थीं केवल 200 कुर्सियां
पंडाल में केवल 200 के आसपास कुर्सियां लगाई गई थीं। इन कुर्सियों पर केवल प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थी व स्टाफ सदस्य बैठे हुए थे। स्टॉल भी खाली पड़े थे। उन पर कोई सामान खरीदने वाला अथवा देखने वाला तक नहीं था।
मेरे पास सोमवार रात को करीब आठ बजे के आसपास आमंत्रण कार्ड पहुंचा था। आम लोग महोत्सव में गए ही नहीं। केवल निजी स्कूलों के विद्यार्थी और जिला प्रशासन के कुछ अधिकारी ही थे। इसके अलावा स्टॉल वाले थे। पूरा पंडाल खाली पड़ा था। -सतीश मेहरा, पार्षद प्रतिनिधि।
केवल चार ने किया रक्तदान
जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को गीता जयंती महोत्सव में रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। इसमें केवल चार लोगों ने ही रक्तदान किया। रक्तदान के लिए प्रशासन ने अपील भी की थी।
सातों विधायकों और सांसद में से कोई नहीं पहुंचा
जिला स्तर के कार्यक्रम से जिले के सातों विधायकों और सांसद ने दूरी बनाए रखी। शहर में मौजूद होने के बावजूद सांसद दुष्यंत भी समारोह में नहीं पहुंचे। इनेलो के तीनों विधायक, कांग्रेस के दोनों विधायक नहीं पहुंचे। गुजरात चुनाव में होने के कारण डॉ. कमल गुप्ता भी नहीं आए।
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सरकार के अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में मंगलवार को पहले दिन गीता ज्ञान से आम लोगों ने दूरियां बनाकर रखी। कार्यक्रम में पहले दिन आम लोग ही नहीं पहुंचे। केवल गीता महोत्सव के कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थी पहुंचे। इसके अलावा कुछ छोटे स्तर के बीजेपी कार्यकर्ता ही थे।
गीता महोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे जन स्वास्थ्य मंत्री बनवारी लाल के चेहरे पर कार्यक्रम में भीड़ न होने का मलाल साफ दिख रहा था। उन्होंने मंच पर दीप प्रज्ज्वलित करने के कुछ देर बाद केवल 3:30 मिनट तक ही भाषण दिया। मंत्री बनवारी लाल कार्यक्रम में केवल 25 मिनट ही रुके। उन्होंने पहले स्टॉल देखी और इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर गीता पाठ सुना। इसके बाद उन्होंने अपना भाषण दिया और चले गए। मुख्य अतिथि कार्यक्रम में लेट भी पहुंचे। इससे पहले विशिष्ट अतिथि मेयर शकुंतला राजलीवाला मुख्यातिथि के आने से पहले हवन में आहुति डालकर कार्यक्रम से जा चुकी थीं। जिला प्रशासन ने गीता महोत्सव कार्यक्रम में भीड़ एकत्रित करने के लिए 35 से अधिक स्टॉल लगाई हुई थीं। स्कूल स्टाफ, स्टॉल लगाने वाला स्टाफ सहित अन्य कोई महोत्सव में दिखाई ही नहीं दिया।
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देर रात तक नहीं पहुंचे जनप्रतिनिधियों के यहां आमंत्रण लेटर
गीता जयंती महोत्सव को लेकर जनप्रतिनिधियों ने भी दूरियां बनाकर रखी। देर रात का जिला प्रशासन गीता जयंती कार्यक्रम के आमंत्रण लेटर नहीं भिजवा पाया। शहर में भी सोमवार को रात आठ बजे तक जनप्रतिनिधियों के घर कार्ड भेजे गए।
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बुलाए गए थे सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य, जिला परिषद और पार्षद
जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपनी तरफ से खूब प्रचार किया। उन्होंने अपने जिले के सभी गांवों के सरपंचों को बीडीपीओ के माध्यम से कार्ड भेजे थे। इसके अलावा ब्लॉक समिति सदस्यों, जिला परिषद सदस्यों और पार्षदों को कार्ड भेजे गए थे, लेकिन बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं को छोड़कर कोई सरपंच कार्यक्रम में नहीं पहुंचा।
लगाई गई थीं केवल 200 कुर्सियां
पंडाल में केवल 200 के आसपास कुर्सियां लगाई गई थीं। इन कुर्सियों पर केवल प्रस्तुति देने वाले विद्यार्थी व स्टाफ सदस्य बैठे हुए थे। स्टॉल भी खाली पड़े थे। उन पर कोई सामान खरीदने वाला अथवा देखने वाला तक नहीं था।
मेरे पास सोमवार रात को करीब आठ बजे के आसपास आमंत्रण कार्ड पहुंचा था। आम लोग महोत्सव में गए ही नहीं। केवल निजी स्कूलों के विद्यार्थी और जिला प्रशासन के कुछ अधिकारी ही थे। इसके अलावा स्टॉल वाले थे। पूरा पंडाल खाली पड़ा था। -सतीश मेहरा, पार्षद प्रतिनिधि।
केवल चार ने किया रक्तदान
जिला प्रशासन की ओर से मंगलवार को गीता जयंती महोत्सव में रक्तदान शिविर का आयोजन भी किया गया। इसमें केवल चार लोगों ने ही रक्तदान किया। रक्तदान के लिए प्रशासन ने अपील भी की थी।
सातों विधायकों और सांसद में से कोई नहीं पहुंचा
जिला स्तर के कार्यक्रम से जिले के सातों विधायकों और सांसद ने दूरी बनाए रखी। शहर में मौजूद होने के बावजूद सांसद दुष्यंत भी समारोह में नहीं पहुंचे। इनेलो के तीनों विधायक, कांग्रेस के दोनों विधायक नहीं पहुंचे। गुजरात चुनाव में होने के कारण डॉ. कमल गुप्ता भी नहीं आए।